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सक्सेस स्टोरी : अमिताभ की 7 फिल्में हुई थीं फ्लॉप, फिर ऐसे मिला एंग्री यंगमैन का टैग

भास्कर गाइड- सीबीएसई 10-12वीं एग्जाम

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 04:25 AM IST
अमिताभ बच्चन फाइल फोटो अमिताभ बच्चन फाइल फोटो

नई दिल्ली. सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 5 मार्च से शुरू हो रही हैं। परीक्षा शुरू होने में सिर्फ 3 दिन बचे हैं। ऐसे में भास्कर गाइड में हम आपको कामयाबी के कुछ ऐसे किस्से भी बताएंगे जिन्होंने अच्छे नंबर भले न पाए हों, लेकिन सफलता ने इनके कदम चूमे। साथ ही आपके लिए जरूरी कुछ टिप्स भी देंगे जो एग्जाम की तैयारी में मदद करें। इसके अलावा इस वक्त आपके जहन में कई सवाल भी होंगे, हमारे एक्सपर्ट उनके जवाब भी देंगे।

किस्सा अमिताभ बच्चन की कामयाबी का

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन जब मुंबई आए थे तो उनकी पहचान उनके पिताजी हरिवंशराय बच्चन से थी। जब उन्हें फिल्मों में काम नहीं मिला तो गुजारा करने के लिए रेडियो स्टेशन में काम शुरू किया। लेकिन भारी आवाज होने के कारण उन्हें वहां से भी निकाल दिया गया। उनके पास रहने का ठिकाना नहीं था। इस कारण उन्होंने मुंबई में कई रातें फुटपाथ पर सोकर गुजारीं। उसके बाद उन्हें फिल्मों में काम मिला लेकिन उनकी एक के बाद एक सात फिल्में फ्लॉप हो गईं।

जब वे वापस इलाहाबाद जाने वाले थे तब प्रकाश मेहरा के रूप में उनकी किस्मत ने उनका दरवाजा खटखटाया और उन्हें जंजीर फिल्म में काम करने का अवसर मिला। जंजीर सुपरहिट हो गई और बच्चन बॉलीवुड के एंग्री यंगमैन बन गए। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ से वह टीवी की दुनिया में आए और लोगों के दिलों पर छा गए।

बच्चों पर एग्जाम में अच्छे प्रदर्शन का न डालें दबाव

एग्जाम शुरू होते ही बच्चों के साथ-साथ पेरेंट्स भी टेंशन में आ जाते हैं। इस कारण कई बार वे एग्जाम में पड़ोसी के बच्चों से अधिक नंबर लाने के लिए अपने बच्चों पर दबाव डालते हैं। इस कारण बच्चे डिप्रेशन में चले जाते हैं। कई बार कुछ गलत कदम भी उठा लेते हैं। बच्चे कई बार खुद ही दोस्तों के मुकाबले अधिक नंबर लाने के चक्कर में अपने ऊपर दबाव डाल लेते हैं। इससे वे टेंशन में रहते हैं। एग्जाम के दौरान बच्चे कहीं टेंशन में तो नहीं हैं, पेरेंट्स आसानी से इसकी पहचान कर सकते हैं।

आपके सवाल :

Que. मैं बहुत सोच-विचार कर टारगेट तय कर पढ़ने बैठता हूं लेकिन भारी-भरकम सिलेबस देख घबराहट होने लगती है, एकाग्रता भंग हो जाती है। फिर पढ़ने में मन नहीं लगता है, मैं क्या करूं?
Ans.आप बिल्कुल भी चिंता न करें और घबराएं नहीं। टारगेट तय करना अच्छी बात है लेकिन जो भी सब्जेक्ट का टारगेट तय किया है। उसको बस ध्यान से पढ़ें। जिस समय पढ़ाई कर रहे होते हैं। उस दौरान सभी तरह की बांतों को भूल जाएं। एकाग्रता भंग होने से बचाव सबसे बेहतरीन उपाय है कि एक से दो घंटे लगातार पढ़ रहे हैं तो बीच में दो से चार मिनट का छोटा सा ब्रेक ले लें। लगातार बैठे रहने से भी पढ़ाई में दिक्कतें आने जैसे सवाल पूछे जा रहे हैं।

Que. मैं हिंदी मीडियम का छात्र हूं, अंग्रेजी की किताबों से तैयारी की है ताकि आगे कंपीटिशन की परीक्षाएं देने में आसानी हो, लेकिन क्लास के बाकी छात्र हिंदी मीडियम के हैं, क्या इसका मेरे अंकों पर भी असर पड़ेगा?
Ans. ये अच्छी बात है कि हिंदी मीडियम के साथ आपने अंग्रेजी किताबों से भी पढ़ाई की है। लेकिन यह विचार लाना की बाकी छात्र जो हिंदी मीडियम से परीक्षाएं दे रहे हैं उनका आपके अंकों पर असर पड़ेगा। बिल्कुल भी उचित नहीं है। आपने अपने दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए परीक्षा के लिए पढ़ाई की है।

Que. मैं रोज कम से कम पांच से छह घंटे जरूर पढ़ रहा हूं लेकिन कभी-कभी लग रहा है कि कुछ बातें भूल जाता हूं। मैं जब खुद का टेस्ट लेेने लगता हूं तो कई चीजें दिमाग से निकल जाती हैं। मैं इस समस्या को कैसे दूर करूं?
Ans. आप अपनी पढ़ाई करते रहें और सेल्फ टेस्ट भी लेते रहें, जो पढ़ रहे हैं उसको दिमाग में बैठाने के लिए लगातार रिविजन जरूरी है। अगर दिमाग में कोई सवाल नहीं बैठ पा रहा है। तो सिर्फ याद करके रिविजन ही नहीं करें, लिखकर भी प्रैक्टिस करते रहें। प्रश्न पत्रों को हल करने के साथ ही अपने टाइम टेबल पर भी ध्यान दें। इससे आप सवालों व उनके उत्तर को भूलेंगे नहीं।

हेल्पलाइन नंबर 1800-11-8004 13 अप्रैल तक सुबह 8 से रात 10 बजे तक कर सकते हैं कॉल

अभिषेक बच्चन के साथ अमिताभ बच्चन। अभिषेक बच्चन के साथ अमिताभ बच्चन।
अमिताभ बच्चन पिता हरिवंशराय बच्चन के साथ अमिताभ बच्चन पिता हरिवंशराय बच्चन के साथ