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जनरल बिपिन रावत बोले- अब स्वदेशी हथियारों से अगला युद्ध लड़ने की तैयारी

केंद्र की मोदी सरकार ने रक्षा क्षेत्र को भी अपनी महत्वाकांक्षी योजना ‘मेक इन इंडिया’ से जोड़ा है।

Bhaskar news | Last Modified - Jan 09, 2018, 07:39 AM IST

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    आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने बताया कि जम्मू- कश्मीर में काउंटर इंसरजेंसी ऑपरेशन जारी रहेगा।

    नई दिल्ली.केंद्र की मोदी सरकार ने रक्षा क्षेत्र को भी अपनी महत्वाकांक्षी योजना ‘मेक इन इंडिया’ से जोड़ा है। तीन साल में करीब 57 सैन्य प्रोजेक्ट को सरकार ने इस अभियान से जोड़ा है। कई विदेशी कंपनियों से भी इस बात के समझौते हुए हैं कि वे अपने उत्पादों का निर्माण भारत में ही करेंगी। इसी कड़ी में आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि अब इस बात को पुख्ता करने का समय आ गया है कि हम अगली लड़ाई अपने देश में बने हथियारों के दम पर लड़ें। सेना धीरे-धीरे हथियारों का इंपोर्ट कम करने की दिशा में बढ़ रही है। जनरल बिपिन रावत दिल्ली में आयोजित एक सेमिनार में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सेना का मिशन आल-आउट इस साल भी जारी रहेगा। हम वहां के युवाओं को मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रहे हैं।

    बदलाव कंपनियों की लाइसेंस वैधता 2 से बढ़ाकर 3 साल की

    1 -केंद्र सरकार ने सैन्य क्षेत्र में नवीनतम और आधुनिक तकनीक हासिल करने के लिए एफआईपीबी की मंजूरी के साथ 49% प्रत्यक्ष विदेश निवेश को मंजूरी दी है।

    2 -लाइसेंस नीति को उदार बनाया है। रक्षा खरीद नीति में विदेशी संस्थागत निवेश व बहुमत हिस्सेदारी वाली ‘एकल भारतीय शेयर धारक’ संबंधी प्रतिबंध हटाए गए हैं।

    3 - इंडस्ट्रियल लाइसेंस की वैधता 2 से बढ़ाकर 3 साल कर दी है। अब कच्चा माल, इक्वीपमेंट, मशीनरी, कास्टिंग, फोर्जिंग आदि को लाइसेंस दायरे से बाहर रखा गया है।

    सेना ने तेजस और अर्जुन को लेने से मना कर दिया
    पिछले साल सेना ने ‘मेक इन इंडिया’ प्रोजेक्ट में तैयार तेजस और अर्जुन के एडवांस वर्जन को ‘ना’ कर दिया था। तेजस लाइट कॉम्बैट विमान और अर्जुन युद्ध टैंक है।

    रुकावट: 3 साल में 3.5 लाख करोड़ के रक्षा प्रोजेक्ट अटके
    3 साल में आधा दर्जन बड़े प्रोजेक्ट रुक गए। इनकी लागत 3.5 लाख करोड़ रु. है। इनमें फ्यूचर इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल, लाइट हेलिकॉप्टर्स, नेवल चॉपर्स आदि शामिल हैं।

    दक्षिण कोरिया के साथ प्रोजेक्ट निरस्त किया
    सरकार ने हाल ही में द. कोरिया के साथ 32 हजार करोड़ रु. के प्रोजेक्ट को निरस्त कर दिया। इसके तहत दक्षिण कोरिया, गोवा शिपयार्ड में 12 सुरंगरोधी जलपोत बनाने वाला था।

    आधुनिकीकरण पर खर्च होंगे 8.23 लाख करोड़

    भारत का सालाना रक्षा बजट करीब 2.40 लाख करोड़ रु. है। सरकार ने अगले 7 से 8 साल में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत अपने सैन्य बलों के आधुनिकीकरण के लिए 8.23 लाख करोड़ का निवेश करने की योजना बनाई है। साथ ही 25 हजार करोड़ रु. से ज्यादा के कारोबार की योजना भी बनाई है। 2013-14 में भारतीय कंपनियों की रक्षा सौदों में 31,576 करोड़ रु. की भागीदारी थी।

    3 साल में ‘मेक इन इंडिया’ कहां पहुंचा

    - आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने बताया कि जम्मू- कश्मीर में काउंटर इंसरजेंसी ऑपरेशन जारी रहेगा।

    - अरुणाचल में तुटिंग विवाद सुलझा लिया गया है। दो दिन पहले ही दोनों देशों के बीच फ्लैग मीटिंग हुई थी। डोकलाम में भी चीन के सैनिक कम हुए हैं।

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    सोमवार को दिल्ली में आर्गेनाइज एक सेमिनार को आर्मी चीफ ने संबोधित किया।
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Web Title: Army Chief Rawat Said Next War Will Fight With Home Made Solutions
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