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500 रूपए की इस बंदूक से हुई थी गांधी जी की हत्या, नाथूराम ने ऐसे रची थी साजिश

महात्मा गांधी की हत्या में जिस पिस्टल का उपयोग किया गया था, उसे ग्वालियर से नाथूराम गोडसे खरीदकर ले गया था।

Dainik Bhaskar

Jan 30, 2018, 12:06 AM IST
महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को हत्या की गई थी। महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को हत्या की गई थी।

अहमदाबाद. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 30 जनवरी 1948 को शाम 5 बजे बापू प्रार्थना सभा के लिए निकले थे। तभी उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बता दें कि वे दिल्ली के बिड़ला भवन में शांती सभा के लिए गए थे। तभी उनके हत्यारे ने उनके पैर छुए और उनके सीने में तीन गोलियां उतार दी थीं। 15 नवंबर 1949 को दी गई हत्यारे को फांसी...

- महात्मा गांधी की हत्या की साजिश के तहत 20 जनवरी 1948 में की गई कोशिश में नाकाम रहने के बाद नाथूराम गोडसे भाग कर ग्वालियर आ गया था। इस बार उसने अपने साथियों की जगह खुद ही बापू को मारने के बारे में सोचा था।

- गोडसे ने ग्वालियर में एक स्वर्ण रेखा नदी के किनारे पिस्टल से फायरिंग की प्रैक्टिस की थी, इसके बाद दिल्ली रवाना हुए।

- इसके लिए उसने शहर में हिंदू संगठन चला रहे डॉ.डीएस परचुरे के सहयोग से अच्छी पिस्टल की तलाश शुरू की।
- सिंधिया रियासत में हथियार के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती थी इसलिए उसने ग्वालियर से पिस्टल खरीदी थी।

- डॉ. परचुरे के परिचित गंगाधर दंडवते ने जगदीश गोयल की पिस्टल का सौदा नाथूराम से 500 रुपए में कराया था।

ग्वालियर से खरीदी थी बंदूक

- इसी पिस्टल से नाथूराम ने 30 जनवरी 1948 को गांधी जी की हत्या कर दी थी, पिस्टल ग्वालियर के खरीदी गई थी, और 10 दिन ग्वालियर में रह कर गोडसे और उसके सहयोगियों ने हत्या की तैयारी की थी।

सिंधिया सेना के अफसर लाए थे इटालियन पिस्टल

- 1942 में सैकेंड वर्ल्ड वार के दौरान ग्वालियर की एक सैनिक टुकड़ी के कमांडर ले.ज.वीबी जोशी की कमान में अबीसीनिया में मोर्चे पर तैनात की गई थी।
- मुसोलिनी की सेना के एक दस्ते ने इस टुकड़ी के सामने हथियारों समेत समर्पण कर दिया था। इन्हीं हथियारों में इटालियन दस्ते के अफसर का 1934 में बनी 9mm बरेटा पिस्टल भी थी।
- इसे खुद ले.ज.जोशी ने अपने पास रख लिया था। बाद में इसे जगदीश गोयल ने ले.ज.जोशी के वारिसों से खरीद लिया था।
- बरेटा पिस्टल और गोलियां खरीदकर नाथूराम अपने साथी आप्टे के साथ दादर-अमृतसर पठानकोट एक्प्रेस में बैठ कर दिल्ली रवाना हो गया था।

गोली मारने के बाद चिल्लाया 'पुलिस-पुलिस'
- नाथूराम गोडसे ने जेल में मिलने गए भाई गोपाल गोडसे को बताया था कि फायर करने के बाद उसने कसकर पिस्टल को पकड़े हुए अपने हाथ को ऊपर उठाए रखा और 'पुलिस-पुलिस' चिल्लाया।
- गोडसे ने कहा कि वह चाहता था कि कोई यह देखे कि यह योजना बनाकर और जानबूझ कर किया गया काम था।
- उसने गोपाल गोडसे को यह भी बताया कि वह यह भी नहीं चाहता था कि कोई यह कहे कि उसने घटनास्थल से भागने या पिस्टल फेंकने की कोशिश की।

आगे की स्लाइडस में देखें, संबंधित फोटोज...

इस नदी के किनारे नाथूराम ने गोली चलाने की प्रैक्टिस की थी। इस नदी के किनारे नाथूराम ने गोली चलाने की प्रैक्टिस की थी।
महात्मा गांधी की अंतिम यात्रा। महात्मा गांधी की अंतिम यात्रा।
इस इटालियन पिस्टल से की थी महात्मा गांधी की हत्या इस इटालियन पिस्टल से की थी महात्मा गांधी की हत्या
महात्मा गांधी को मारने के लिए बंदूक 500 रूपए में खरीदी गई थी। महात्मा गांधी को मारने के लिए बंदूक 500 रूपए में खरीदी गई थी।
डॉ. दत्तात्रेय परचुरे, जिन्होंने गोडसे की पिस्टल खरीदने में मदद की डॉ. दत्तात्रेय परचुरे, जिन्होंने गोडसे की पिस्टल खरीदने में मदद की
ऐसे पैर छुए थे नाथूराम ने। ऐसे पैर छुए थे नाथूराम ने।
महात्मा गांधी की अंतिम यात्रा। महात्मा गांधी की अंतिम यात्रा।
महात्मा गांधी का शव । महात्मा गांधी का शव ।
कोर्ट में नाथूराम। कोर्ट में नाथूराम।
बच्चे को प्यार करते हुए बापू। बच्चे को प्यार करते हुए बापू।
सिंधिया राजवंश के अफसर के पास थी यह इटालियन पिस्टल सिंधिया राजवंश के अफसर के पास थी यह इटालियन पिस्टल
कोर्ट में सुनवाई के दौरान कटघरे में बैठे हुए गोडसे व अन्य आरोपी कोर्ट में सुनवाई के दौरान कटघरे में बैठे हुए गोडसे व अन्य आरोपी
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महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को हत्या की गई थी।महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को हत्या की गई थी।
इस नदी के किनारे नाथूराम ने गोली चलाने की प्रैक्टिस की थी।इस नदी के किनारे नाथूराम ने गोली चलाने की प्रैक्टिस की थी।
महात्मा गांधी की अंतिम यात्रा।महात्मा गांधी की अंतिम यात्रा।
इस इटालियन पिस्टल से की थी महात्मा गांधी की हत्याइस इटालियन पिस्टल से की थी महात्मा गांधी की हत्या
महात्मा गांधी को मारने के लिए बंदूक 500 रूपए में खरीदी गई थी।महात्मा गांधी को मारने के लिए बंदूक 500 रूपए में खरीदी गई थी।
डॉ. दत्तात्रेय परचुरे, जिन्होंने गोडसे की पिस्टल खरीदने में मदद कीडॉ. दत्तात्रेय परचुरे, जिन्होंने गोडसे की पिस्टल खरीदने में मदद की
ऐसे पैर छुए थे नाथूराम ने।ऐसे पैर छुए थे नाथूराम ने।
महात्मा गांधी की अंतिम यात्रा।महात्मा गांधी की अंतिम यात्रा।
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कोर्ट में सुनवाई के दौरान कटघरे में बैठे हुए गोडसे व अन्य आरोपीकोर्ट में सुनवाई के दौरान कटघरे में बैठे हुए गोडसे व अन्य आरोपी
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