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विलफुल डिफॉल्टर्स: सरकार का निर्देश, नाम सार्वजनिक करेंगे बैंक

बैंकों में 9,000 से अधिक विलफुल डिफॉल्ट वाले खाते हैं। इन पर बैंकों के 1.11 लाख करोड़ रुपए का बकाया है।

Dainik Bhaskar

Mar 14, 2018, 03:34 AM IST
एलओयू के जरिए गारंटी नहीं दे सकेंगे बैंक, रिजर्व बैंक ने रोक लगाई। - फाइल एलओयू के जरिए गारंटी नहीं दे सकेंगे बैंक, रिजर्व बैंक ने रोक लगाई। - फाइल

नई दिल्ली. विलफुल डिफॉल्टर्स(जानबूझकर कर्ज न चुकाने वाले) के नाम जल्द ही सार्वजनिक होंगे। वित्त मंत्रालय ने सभी बैंकों को इनके नाम जगजाहिर करने का निर्देश दिया है। अब तक प्राइवेसी के नाम पर बैंक विलफुल डिफॉल्टर्स के नाम सार्वजनिक करने से बचते रहे हैं। बैंकों में 9,000 से अधिक विलफुल डिफॉल्ट वाले खाते हैं। इन पर बैंकों के 1.11 लाख करोड़ रुपए का बकाया है। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बैंकों से कहा गया है कि वे रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस के तहत विलफुल डिफॉल्टरों के नाम सार्वजनिक करें।

- मंत्रालय ने अपने निर्देश में यह भी कहा है कि इनके नाम उजागर करने से पहले बैंक अपने निदेशक मंडल (बोर्ड) की इजाजत ले लें। अधिकारी ने बताया कि बैंकों के बोर्ड में डिफॉल्टर्स के नाम जाहिर करने के मसले पर कोई विरोध नहीं होगा। क्योंकि मना करने पर उनके खिलाफ माहौल बन जाएगा।

- उन्होंने बताया कि बैंक जानबूझ कर ऐसे डिफॉल्टर्स के नाम सार्वजनिक करने से बचते रहे हैं, क्योंकि उनके साथ कहीं न कहीं बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत होती है। हालांकि वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी निर्देश में विलफुल डिफॉल्टर्स के नाम सार्वजनिक करने की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है।


आरबीआई ने बड़े डिफॉल्टरों के नाम सुप्रीम कोर्ट को दिए थे

-पिछले साल रिजर्व बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि वह 500 करोड़ से अधिक बकाया वाले विलफुल डिफॉ


अप्रैल-दिसंबर 2017 में डिफॉल्टरों की संख्या 1.66% बढ़ी

- वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल ने पिछले हफ्ते संसद में बताया था कि अप्रैल-दिसंबर 2017 में सरकारी बैंकों के विलफुल डिफॉल्टरों की संख्या 1.66% बढ़कर 9,063 हो चुकी है। इन पर 1,10,500 करोड़ रुपए बकाया है।


6 महीने में डिफॉल्टरों के 516 करोड़ के कर्ज राइट ऑफ

- अप्रैल-सितंबर में 38 डिफॉल्टरों के 516 करोड़ के कर्ज बट्टे खाते में डाले गए। 31 दिसंबर तक बैंकों ने इनके खिलाफ 2,108 एफआईआर दर्ज कराई है। सेबी ने ऐसी कंपनियों के प्रमोटरों-डायरेक्टरों द्वारा पैसे जुटाने पर रोक लगाई है।

बैंकों में 9,000 से अधिक विलफुल डिफॉल्ट वाले खाते हैं। इन पर बैंकों के 1.11 लाख करोड़ रुपए का बकाया है। बैंकों में 9,000 से अधिक विलफुल डिफॉल्ट वाले खाते हैं। इन पर बैंकों के 1.11 लाख करोड़ रुपए का बकाया है।
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बैंकों में 9,000 से अधिक विलफुल डिफॉल्ट वाले खाते हैं। इन पर बैंकों के 1.11 लाख करोड़ रुपए का बकाया है।बैंकों में 9,000 से अधिक विलफुल डिफॉल्ट वाले खाते हैं। इन पर बैंकों के 1.11 लाख करोड़ रुपए का बकाया है।
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