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बैरिकेड से बंधे तार में फंसकर गिरा बाइक सवार, 10 मिनट बाद दूसरा युवक उलझा, हुई मौत

करीब डेढ़ बजे पुलिस बैरिकेड में बंधे तार में फंसकर गिरने से बाइक सवार अभिषेक की मौत हो गई।

Dainik Bhaskar

Feb 09, 2018, 08:09 AM IST
Bike rider stranded in a wire bounded by barricade

नई दिल्ली. शकूरपुर इलाके में बुधवार रात करीब डेढ़ बजे पुलिस बैरिकेड में बंधे तार में फंसकर गिरने से बाइक सवार अभिषेक की मौत हो गई। पुलिस की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसी बैरिकेड के तार की वजह से 10 मिनट पहले भी एक दुर्घटना हुई थी। मगर बाइक की रफ्तार धीमी होने के कारण युवक की जान बच गई। इसके बावजूद उस तार को नहीं हटाया गया।

- उसका दुष्परिणाम ये हुआ कि तार में फंसने से 21 वर्षीय अभिषेक की गर्दन कट गई और बाइक फिसलने से उसे सिर में गंभीर चोट लग गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने मामला दबाने की कोशिश की तो परिजन हंगामा करने लगे।

- इसके बाद आला अधिकारियों ने तुरंत सात दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। साथ ही एसएचओ नेताजी सुभाष प्लेस को लाइनहाजिर कर दिया। फिलहाल आईपीसी एक्ट की धारा 304ए में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

यह है सजा का नियम

- जो कोई व्यक्ति गैर इरादतन हत्या करता है अथवा ऐसा कोई कार्य करता है जो मृत्यु का कारण हो या जिसे मृत्यु देने के इरादे से किया गया हो, तो उसे आजीवन कारावास की सजा या उस व्यक्ति को किसी एक अवधि के लिए कारावास की सजा होगी जिसे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है।

दो परिवारों का अकेला सहारा था, पढ़ाई भी कर रहा था

- अभिषेक के परिवार में पिता संजीव कुमार, मां सुनीता, भाई कुणाल (13) और बहन प्रियंका (19) हैं। भाई और बहन दोनों पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि अभिषेक की मां और पिता दोनों की तबियत खराब रहती है।

- अभिषेक के पिता ही ओला की कैब चलाया करते थे लेकिन तबियत खराब होने के चलते अभिषेक ने उन्हें मना कर दिया और पढ़ाई के साथ ही खुद कैब चलाने लगा। साथ ही वह विकास और रंजन के साथ मिलकर डीजे भी बजाता था।

- जिससे घर खर्च के साथ ही वह अपने भाई और बहन को पढ़ा सके। इसके अलावा तीन माह पहले चाचा सुनील की भी मौत हाे गई थी। उनके परिवार में भी दो बच्चे और पत्नी हैं, उनका खर्च भी अभिषेक ही चलाता था क्योंकि दोनों बच्चे बहुत छोटे हैं।

दिन में ओला कैब और रात में डीजे में काम करता था अभिषेक
- पुलिस के अनुसार 21 वर्षीय अभिषेक डी256 शकूरपुर इलाके में रहता था। दिन में ओला कैब चलाने के साथ ही वह पार्टियों में डीजे बजाने का काम भी करता था। बुधवार रात वह शकूरपुर इलाके में एक शादी में डीजे का काम खत्म करने के बाद दूसरी शादी में जा रहा था।

- इसी दौरान ई ब्लॉक शकूरपुर इलाके में दुर्घटना हो गई। सूचना के बाद पहुंची कैट्स एंबुलेंस अभिषेक को लेकर अस्पताल पहुंची। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, जब अभिषेक डीजे के लिए नहीं पहुंचा तो दोस्त उसे ढूंढ़ने निकले तब उन्हें घटना का पता चला।

दिल्ली पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहा था अभिषेक

- अभिषेक दिल्ली पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहा था। वह पहले भी एक बार दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल की भर्ती के लिए पेपर दे चुका था। लेकिन नंबर नहीं आने के चलते वह फिर से भर्ती की तैयारी कर रहा था। अभिषेक की लंबाई 6 फुट थी और दौड़ लगाता था। इसलिए वह फिजिकल में पास हो चुका था।

और दूसरे दिन भी नजर आई वही जानलेवा लापरवाही

- अभिषेक दिल्ली पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहा था। वह पहले भी एक बार दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल की भर्ती के लिए पेपर दे चुका था। लेकिन नंबर नहीं आने के चलते वह फिर से भर्ती की तैयारी कर रहा था। अभिषेक की लंबाई 6 फुट थी और दौड़ लगाता था। इसलिए वह फिजिकल में पास हो चुका था।

और दूसरे दिन भी नजर आई वही जानलेवा लापरवाही

कहां

- दिल्ली दरियागंज रोड पर
कब

- गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे
क्या किया

पुलिस ने जांच के लिए बैरिकेडिंग की लेकिन...
-
स्ट्रीट लाइट्स बंद थीं, वाहन चालकों को परेशानी हुई, पैदल चलने वाले भी बचते हुए निकले

रोज ऐसे ही बांधते हैं तार डेढ़ माह में 3 हादसे

- अभिषेक की मौत से पूरे इलाके में रोष है। लोगों का कहना है कि पुलिस शकूरपुर में हर रात इसी तरह से बैरिकेड से तार बांधती है। दोस्त मुकेश ने बताया इलाके में आने के चार मार्ग हैं। पहला रानी बाग जाने वाला मार्ग, जो खुला रहता है। इसके बाद ई ब्लॉक, एफ ब्लॉक और एनएसपी चौक की ओर से आने वाले मार्ग। जिन्हें पुलिस बैरिकेड और तार से बंद कर देती है। दोस्त हितेश में बताया कि यह पिछले डेढ़ माह में तीसरा हादसा है। डेढ़ माह पहले ई ब्लॉक के रहने वाले नवीन के साथ हादसा हुआ था। उसकी गर्दन पर आज तक कट के निशान बने हुए हैं। इसके बाद बुधवार को पहले राजेन्द्र और फिर अभिषेक हादसे का शिकार हुआ।

ये हैं नियम...
बैरिकेड पर तार बांधना गलत

- बैरिकेड के बीच तार या रस्सी लगाना गलत है, हालांकि पुलिस मुख्यालय के पास आईटीओ चौक पर ही पुलिस शाम को रस्सी बांध रास्ता बंद कर देती है।
- रात में बैरिकेड पर पुलिसकर्मी चमकदार जैकेट, टॉर्च और ड्रैगन लाइट के साथ होने चाहिए, ताकि वाहन चालकों को दूर से बैरिकेडिंग का पता चल सके
- जहां बैरिकेड हों, वहां स्ट्रीट लाइट चालू होनी चाहिए, बैरिकेड पर आगे-पीछे रिफ्लेक्टर लेग हों।
- बैरिकेड पर पुलिस का चौकोर बॉक्सनुमा बोर्ड लगा हो, जिसमें दूर से एलईडी लाइट्स से दिल्ली पुलिस लिखा नजर आना चाहिए।

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