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भाजपाइयों की पहले सांसें अटकीं, फिर रुझानों के साथ बढ़ता गया उत्साह

बिहार में शुरुआती रुझानों से धाेखा खा चुकी पार्टी इस बार सतर्क थी। 2-3 घंटे सिर्फ प्रवक्ता ही सामने आ रहे थे।

Dainik Bhaskar

Dec 19, 2017, 08:42 AM IST
bjp workers excitement after gujarat election victory

नई दिल्ली। बिहार में शुरुआती रुझानों से धाेखा खा चुकी पार्टी इस बार सतर्क थी। 2-3 घंटे सिर्फ प्रवक्ता ही सामने आ रहे थे। चार केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, स्मृति ईरानी, प्रकाश जावड़ेकर और गजेंद्र सिंह शेखावत तभी मीडिया के सामने आए जब भाजपा निर्णायक बढ़त ले चुकी थी।

सुबह 8.30 बजे: गुजरात में मिली कड़ी चुनौती के लिहाज से खास ध्यान रखा गया कि कोई भी समय से पहले जश्न न मनाए। अशोक रोड स्थित पार्टी मुख्यालय तीनों तरफ से बंद था। बाहर सन्नाटा था। अंदर भी 25-30 कार्यकर्ता खामोशी से नतीजों पर नजर रखे हुए थे। शुरुआती रुझानों में कुछ मिनट के लिए भाजपा-कांग्रेस की टैली बराबर हुई तो सबकी सांसें अटक गईं। पर जल्द ही भाजपा को बढ़त मिलनी शुरू हो गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं का उत्साह लगातार बढ़ता ही रहा। जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कटआउट और भाजपा के झंडे लहराने लगे। पुरुषों से ज्यादा महिला कार्यकर्ता यहां जुट गईं।


दोपहर 12 बजे: करीब-करीब तय दिखने लगा कि बहुमत को कोई खतरा नहीं है। पहली बार 12.05 बजे पटाखे छूटे। गुलाल उड़ने लगा। कार्यकर्ताओं की भीड़ लगातार बढ़ती ही जा रही थी। कार्यकर्ताओं के सिर पर भगवा टोपी चढ़ गई और मोदी-मोदी के नारे गूंजने लगे।
दोपहर बाद 3 बजे: भाजपा कार्यालय में नेता एक-दूसरे को बधाई देने पहुंचे। महासचिव अनिल जैन को कार्यकर्ताओं ने कंधों पर उठा लिया। लड्‌डू बंटने लगे। भाजपा के प्रकाशन विभाग की दुकान से मोदी-शाह के कटआउट बिकने शुरू हो गए। करीब 3.23 बजे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मुख्यालय पहुंचे। शंखनाद और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच गुलाब के फूल उन पर बरसाए गए। इसी बीच, देशभक्ति से जुड़े गाने- मेरे देश की धरती सोना उगले-उगले हीरा मोती... भी गूंजने लगे। हालांकि, भाजपा कार्यकर्ताओं के उत्साह में उत्तरप्रदेश और अन्य राज्यों की जीत जैसा जोश नहीं दिखा।

कांग्रेस दिल्ली से...

सुबह 8.30 बजे: कांग्रेस मुख्यालय में पदाधिकारियों का एक-एक कमरा हर चैनल के लाइव टेलीकास्ट के लिए सौंप दिया गया। शुरुआती रुझानों में नौ बजे के आसपास लगा कि कांग्रेस मजबूत होकर उभर रही है। इस पर कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। पर कुछ ही देर में भाजपा दोबारा आगे हुई तो नारे लगाने वाले इधर-उधर खिसक लिए।

दोपहर 12 बजे: रुझानों में कांग्रेस 70 और भाजपा 105 पर पहुंची तो प्रवक्ता बेचैन दिखने लगे। चर्चाओं का रुख वोट प्रतिशत और राजस्थान, मध्यप्रदेश और कर्नाटक की रणनीति पर मोड़ना शुरू कर दिया। दोपहर 1 बजे सूचना आई कि अशोक गहलोत, रणदीप सिंह सुरजेवाला और सुशील कुमार शिंदे ढाई बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। पर इसी बीच कांग्रेस की सीटें दोबारा बढ़ने लगीं। बदलते ट्रेंड में शुभ समाचार का इंतजार कर रही कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस पहले एक घंटे और फिर चार बजे तक टाल दी।


दोपहर बाद 4 बजे: प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुरजेवाला बोले कि 2014 के लोकसभा चुनाव में 60% वोट पाने वाली भाजपा 49% पर सिमट गई, जबकि कांग्रेस 33% से 41% पर पहुंच गई। गहलोत ने दावा किया कि सूरत में माहौल पूरी तरह कांग्रेस के पक्ष में था, लेकिन चुनाव के बीच में ही व्यापारी वर्ग को जीएसटी में छूट दे दी गई। टैक्स इंस्पेक्टरों और एनफोर्समेंट एजेंसियों ने भी कारोबारियों को डराया। कांग्रेस ने अंत में यही कहा कि हम मोर्चा हार गए हैं, लेकिन जंग नहीं हारे हैं। सुरजेवाला ने कहा, कुछ भी हमने भाजपा को 1995 के बाद से सबसे कम सीटों पर समेट दिया। और मोदी जी 99 के फेर में आ गए।

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