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प्रद्युम्न हत्याकांड के बाद CISF की पहल, स्कूलों जाकर बताएगी कहां लगें CCTV

सीआईएसएफ स्कूल प्रबंधन को बताएगी कि स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 05:12 AM IST

नई दिल्ली. सीआईएसएफ स्कूल प्रबंधन को बताएगी कि स्कूल परिसर में बच्चों की सुरक्षा को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है। स्कूल परिसर में ग्रे एरिया कौन से हैं और सीसीटीवी कैमरे कहां इंस्टॉल होने चाहिए। इसकी शुरुआत सीआईएसएफ कोलकाता के दो नामी स्कूल से करने जा रही है । प्रक्रिया के तहत सीआईएसएफ की कंसल्टेंट टीम जनवरी के पहले हफ्ते में स्कूल का सिक्योरिटी ऑडिट करेगी। सिक्योरिटी ऑडिट के बाद सीआईएसएफ स्कूल प्रबंधन को बताएगी कि उनके स्कूल में कितने ग्रे-एरिया हैं और वहां पर सुरक्षा के लिहाज से क्या बंदोबस्त किए जाने चाहिए । इसके अलावा सीआईएसएफ के प्रोफाइलिंग एक्सपर्ट स्कूल टीचर्स और कर्मचारियों को बताएंगे कि बच्चों के व्यवहार में किस तरह के बदलाव खतरे का संकेत हो सकते हैं।


- सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए प्रद्युम्न हत्याकांड के बाद तमाम अभिभावकों से बातचीत में पता चला कि वे स्कूल में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद आशंकित हैं। जिसके बाद सीआईएसएफ की एक्सपर्ट टीम ने स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक सिक्योरिटी मॉड्यूल तैयार किया।

- सीआईएसएफ ने इस मॉड्यूल को लेकर दिल्ली एनसीआर की 16 और देश के अन्य शहरों में स्थित चार एजुकेशनल सोसाइटी को पत्र लिखा। इस पत्र के जवाब में देश के 22 नामी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों ने सकारात्मक रुख जाहिए किया। सीआईएसएफ की इस सकारात्मक कवादय पर पहली सहमति कोलकाता के लॉ-मार्टेनियर और सेंट जेवियर स्कूल ने जाहिर की है।
- दोनों स्कूलों ने सीआईएसएफ को पत्र लिखकर कोलकाता स्थित स्कूल की दो-दो ब्रांच का सिक्योरिटी ऑडिट करने को कहा है। सीआईएसएफ ने दोनों स्कूलों की चार ब्रांच का सिक्योरिटी कंसलटेंसी का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। जनवरी के पहले हफ्ते में सीआईएसएफ की कंसल्टेंट टीम कोलकाता के लिए रवाना होगी और दोनों स्कूलों में सुरक्षा देखेगी।

इन पांच बिंदुओं को देखेगी सीआईएसएफ

- स्कूल के भीतर कौन कौन से ग्रे-एरिया कौन से हैं।
- स्कूल के किस हिस्से में किस तरह से सीसीटीवी लगाए जाएं।
- सीसीटीवी का कंट्रोल रूम कैसा हो और उससे किस तरह निगरानी रखी जाए।
- स्कूल के कौन से गेट पर किस तरह की सुरक्षा हो।
- खतरे को भांपने के लिए किस तरह से छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की प्रोफाइलिंग की जाए।

- कोलकाता के लॉ-मार्टेनियर और सेंट जेवियर के बाद कुछ अन्य शिक्षण संस्थानों के सिक्योरिटी ऑडिट प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। हमें खुशी होगी कि सीआईएसएफ के प्रयासों से स्कूलों को सुरक्षित बनाया जा सके
ओपी सिंह, महानिदेशक, सीआईएसएफ