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मनीष तिवारी की मां व पीजीआई की पहली लेडी डीन डाॅ. अमृत पंचतत्व में विलीन

इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री व उनके बेटे मनीष तिवारी ने उन्हें मुखाग्नि दी।

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 01:12 AM IST

चंडीगढ़. कांग्रेसी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी की माता एवं पद्मश्री डाॅ. अमृत तिवारी का सोमवार को सेक्टर-25 स्थित क्रीमेशन ग्राउंड में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री व उनके बेटे मनीष तिवारी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान शहर की जानी-मानी हस्तियां व कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।

इससे पहले दोपहर 12 बजे पीजीआई की पहली डीन रही डॉ. अमृत तिवारी का पार्थिव शरीर पीजीआई में एक घंटे के लिए दर्शनार्थ रखा गया था। डॉ. अमृत तिवारी पीजीआई की पहली महिला डीन थीं। पीजीआई के सभी डॉक्टर उनकी एक्सपर्टाइज और अनुभव के बारे में जानते हैं।


वहीं दोपहर 1.15 डॉ. अमृत तिवारी का पार्थिव शरीर सेक्टर-25 स्थित क्रीमेशन ग्राउंड में लाया गया। यहां पर उनके बेटे मनीष तिवारी ने संस्कार की सभी रस्में निभाईं। इस दौरान पीजीआई के डायरेक्टर डॉ. जगत राम, पीयू के वीसी अरुण ग्रोवर, पूर्व केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद पवन कुमार बंसल, निगम कमिश्नर जितेंद्र यादव, पार्षद देविंदर सिंह बबला, भाजपा के वरिष्ठ नेता और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन, पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर के एचओडी यशपाल शर्मा, फॉसवेक चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू, पीजीआई के एडीए अमिताभ अवस्थी के अलावा पंजाब से सीनियर ऑफिसर भी अंतिम संस्कार में पहुंचे थे।

दिल का दौरा पड़ने से हो गया था शनिवार काे निधन

डॉ. अमृत तिवारी का शनिवार रात चंडीगढ़ में निधन हो गया। वह 80 साल की थी और बीते कुछ समय से उनकी सेहत ठीक नहीं चल रही थी। वे बीते कुछ दिनों से पीजीआई में दाखिल थीं और दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया था। तिवारी पीजीआई में पहली भूतपूर्व डीन और एचओडी ओरल हेल्थ साइंसेस सेंटर रहीं। पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगत राम ने कहा कि डॉ. अमृत तिवारी के निधन से न केवल संस्थान बल्कि पूरे देश के चिकित्सा जगत को नुकसान हुआ।

डाॅ. तिवारी अपने पीछे बेटा मनीष तिवारी व पुनीत को छोड़ गई हैं। स्वर्गीय डाॅ. तिवारी इंडियन डेंटल काउंसिल की चेयरपर्सन भी रही थीं। उन्हें मेडिसन के क्षेत्र में किए गए शानदार कार्य के लिए पद्मश्री का पुरस्कार मिला था। वह चंडीगढ़ नगर निगम की मनोनीत पार्षद भी रह चुकी थीं।