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​डी कंपनी ने छोटा राजन को मारने के लिए दिल्ली के डॉन को दी सुपारी

अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को खत्म करने के लिए डी कंपनी ने दिल्ली के डॉन नीरज बवाना से हाथ मिला लिया है।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 05:01 AM IST

नई दिल्ली . अपने दुश्मन अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन को खत्म करने के लिए डी कंपनी ने दिल्ली के डॉन नीरज बवाना से हाथ मिला लिया है। इसकी पुष्टि खुफिया एजेंसी ने तिहाड़ प्रशासन को अलर्ट जारी करते हुए की है। इसके बाद गृह मंत्रालय ने तिहाड़ प्रशासन की अापातकालीन बैठक ली है। उधर, खुफिया एजेंसी ने जानकारी मिलने के बाद तिहाड़ में छोटा राजन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। डी कंपनी ने दी सुपारी...


- पैसा लेकर हत्या करने, रंगदारी और जमीन पर कब्जे के लिए मशहूर नीरज को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने छोटा राजन को मारने की सुपारी दी है। छोटा राजन की सुपारी लेने के बाद से ही नीरज और उसके साथी तिहाड़ में बंद छोटा राजन पर हमला करने की साजिश रच रहे थे।

- यह जानकारी खुफिया एजेंसी को मिल गई। नीरज को सुपारी देने की एक खास वजह यह बताई जा रही है कि तिहाड़ में बंद दुश्मनों को नीरज ने सजा के दौरान ही खत्म कर दिया था, जिससे डी कंपनी बहुत खुश है।

जेल में हमले करने के लिए मशहूर है दिल्ली का डॉन नीरज

- 2004 में पहला कत्ल करने वाला नाबालिग नीरज बवाना अब दिल्ली का सबसे बड़ा गैंगस्टर बन चुका है। बवानिया अत्याधुनिक अमेरिकी ऑटोमेटिक हथियार रखने के लिए मशहूर है। यही नहीं, नीरज को दिल्ली में फिरौती का किंग भी कहा जाता है। वह हत्या, किडनैपिंग और जबरन उगाही सहित 100 से अधिक मामलों में वांटेड था।

- पुलिस ने उस पर एक लाख का इनाम घोषित करते हुए मकोका लगाया था। नीरज से डरकर दिल्ली के कई कांग्रेसी विधायकों ने तत्कालीन सीएम शीला दीक्षित से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। जिसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे गिरफ्तार लिया। नीरज फिलहाल तिहाड़ में बंद है।

छोटा राजन की सुरक्षा बढ़ाई, लोगों की पहुंच से दूर रखा

- जेल प्रवक्ता की मानें तो राजन का बैरक जेल नंबर 2 के अंत में है। राजन को दाऊद और उसके लोगों की पहुंच से दूर रखने के लिए ही दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया है, जिससे उसकी सुरक्षा पुख्ता रहे।

- तिहाड़ जेल के अधिकारियों का कहना है कि राजन की सिक्युरिटी बेहद टाइट है और बवाना का उसे टारगेट बनाना आसान नहीं होगा। बावजूद इसके राजन की सुरक्षा के लिए जांचे-परखे गार्ड और खाना बनाने वाले हैं।

- जिनकी नियमित रूप से दूसरे गार्ड जांच करते हैं। उधर, नीरज बवाना को हाई-रिस्क वार्ड में अकेले रखा गया है, जिससे न तो वह अपने किसी साथी से मिल सके और न ही वह डी कंपनी की साजिश को कामयाब कर सके।

बवाना के फोन से हुआ प्लान का खुलासा
- कुछ दिन पहले ही बवाना की बैरक से तलाशी के दौरान मोबइल फोन मिले थे। जिनकी जांच और बवाना के एक सहयोगी द्वारा शराब के नशे में दोस्त काे नीरज का प्लान बताने के चलते इस बात की सूचना खुफिया एजेंसी तक जा पहुंची। सूचना पुख्ता होते ही खुफिया एजेंसी ने तिहाड़ प्रशासन को उसकी जानकारी दी।

जानकारी के बाद गृह मंत्रालय ने बुलाई बैठक
- तिहाड़ प्रशासन के अलर्ट की जानकारी के बाद गृह मंत्रालय ने तिहाड़ के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बुधवार शाम करीब सात बजे शुरू हुई बैठक में गृह मंत्रालय के आलाअधिकारियों ने छोटा राजन की सुरक्षा से संबंधित सभी जानकारी जेल अधिकारियों से पुख्ता की। बैठक करीब दो घंटे चली।