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दैनिक भास्कर ग्रुप का पहला ओपन कल्चर ऑफिस, कुछ ऐसी हैं इसकी खासियतें

एमडी से लेकर जूनियर मैनेजमेंट तक के कमरों में न दरवाजे और न पार्टिशन।

Danik Bhaskar | Jan 23, 2018, 01:47 AM IST
पूरी तरह ग्रीन बिल्डिंग: 1.10 लाख वर्गफुट में बना है ऑफिस; भास्कर समूह के 500 साथी काम करेंगे। पूरी तरह ग्रीन बिल्डिंग: 1.10 लाख वर्गफुट में बना है ऑफिस; भास्कर समूह के 500 साथी काम करेंगे।

नई दिल्ली. दैनिक भास्कर समूह का नया स्टेट-ऑफ-द आर्ट और देश की मीडिया में अपनी तरह का पहला ओपन कल्चर ऑफिस देश की राजधानी में शुरू हो गया है। इसकी डिजाइन को फन, फीयरलेस और फ्रीडम को ध्यान में रखकर और सब एक समान हैं, यह सोचकर बनाया गया है। इसलिए एमडी से लेकर एडिटर और जूनियर मैनेजमेंट तक के सारे कमरों को खुला रखा गया है। इनमें कोई पार्टिशन या दरवाजे नहीं हैं।

- इस ऑफिस की डिजाइन में एक विशेष थीम रखी गई है, जहां नियमित काम करने के लिए वर्कस्टेशन हैं।

- लीक से हटकर सोचना है तो ब्रेकआउट एरिया में काम करें, एकाग्रता के लिए लाउंज है, जहां आप अपने आप से बात कर सकें और आइडिएट कर सकें।

- मंथन के लिए बोर्ड रूम और लोगों से मिलने के लिए मीटिंग रूम का कॉन्सेप्ट रखा गया है।

- इस बिल्डिंग में भास्कर समूह के अखबार, रेडियो और डिजिटल कंपनी के 500 साथी काम करेंगे।

पूरी तरह ग्रीन बिल्डिंग: 1.10 लाख वर्गफुट में बना है ऑफिस; भास्कर समूह के 500 साथी काम करेंगे

- 1.10 लाख वर्गफुट में यह बिल्डिंग बनी है। इसमें 5 फ्लोर हैं। ऑफिस में 7 लाउंज, 5 कॉन्फ्रेंस रूम, 9 मीटिंग रूम, रूफ टॉप कैफेटेरिया, 3000 वर्गफुट का ग्रीन रूफटॉप टेरेस भी है।

- इसके साथ ही संपूर्ण जिम, एक टीवी स्टूडियो, दो रेडियो स्टूडियो भी है। यहां 500 लोगों के बैठने की व्यवस्था है।

- यह पूरी तरह ग्रीन बिल्डिंग है। इसके लिए विशेष रूप से बड़े साइज का ग्लास तैयार करवाया गया है।

नाइट व्यू: ऑफिस के अंदर खास तरह की एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं। इससे रात में इसकी खूबसूरती और बढ़ जाती है। ये लाइट्स ऐसी हैं कि काम करते वक्त आखों को थकान महसूस नहीं होती। नाइट व्यू: ऑफिस के अंदर खास तरह की एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं। इससे रात में इसकी खूबसूरती और बढ़ जाती है। ये लाइट्स ऐसी हैं कि काम करते वक्त आखों को थकान महसूस नहीं होती।
कॉन्फ्रेंस रूम: ब्रेन स्टॉर्मिंग के लिए हर फ्लोर पर अलग थीम और अलग साइज के कॉन्फ्रेंस रूम बनाए गए हैं। पूरे ऑफिस में ऐसे 5 कॉन्फ्रेंस रूम हैं। देशभर में मौजूद भास्कर के साथियों से यहां से लाइव बात हो सकती है। कॉन्फ्रेंस रूम: ब्रेन स्टॉर्मिंग के लिए हर फ्लोर पर अलग थीम और अलग साइज के कॉन्फ्रेंस रूम बनाए गए हैं। पूरे ऑफिस में ऐसे 5 कॉन्फ्रेंस रूम हैं। देशभर में मौजूद भास्कर के साथियों से यहां से लाइव बात हो सकती है।
लाउंज: काम के दौरान एकाग्रता के लिए नया कॉन्सेप्ट, ताकि कर्मचारी यहां पर बैठकर अपने काम पर फोकस करने के लिए सोच सकें। ऑफिस के अलग-अलग फ्लोर पर ऐसे सात लाउंज बनाए गए हैं। लाउंज: काम के दौरान एकाग्रता के लिए नया कॉन्सेप्ट, ताकि कर्मचारी यहां पर बैठकर अपने काम पर फोकस करने के लिए सोच सकें। ऑफिस के अलग-अलग फ्लोर पर ऐसे सात लाउंज बनाए गए हैं।
काॅरपोरेट फ्लोर:  उच्च प्रबंधन का भी जो फ्लोर बनाया गया है, उसमें प्रबंध संचालक से लेकर डायरेक्टर तक के सभी कमरों में कोई पार्टिशन नहीं है। यह देश में किसी भी कंपनी में इस स्तर पर अपने आप में पहला प्रयोग है। काॅरपोरेट फ्लोर: उच्च प्रबंधन का भी जो फ्लोर बनाया गया है, उसमें प्रबंध संचालक से लेकर डायरेक्टर तक के सभी कमरों में कोई पार्टिशन नहीं है। यह देश में किसी भी कंपनी में इस स्तर पर अपने आप में पहला प्रयोग है।
ओपन कल्चर ऑफिस: यह दफ्तर ओपन ऑफिस कल्चर पर आधारित है। यहां किसी केबिन में कोई पार्टिशन या दरवाजे नहीं हैं। ताकि सभी लोग एक-दूसरे से जुड़े रहें, बात करें, बिना डरे अपने पॉइन्ट रखें और अपने काम को एन्जॉय करें। ओपन कल्चर ऑफिस: यह दफ्तर ओपन ऑफिस कल्चर पर आधारित है। यहां किसी केबिन में कोई पार्टिशन या दरवाजे नहीं हैं। ताकि सभी लोग एक-दूसरे से जुड़े रहें, बात करें, बिना डरे अपने पॉइन्ट रखें और अपने काम को एन्जॉय करें।
ब्रेकआउट एरिया: डेस्क पर रूटीन काम करते हुए थक गए या बोर होने लगे तो सीट से हटकर काम करने की ऐसी जगह जहां अलग माहौल होगा। यहां का लेआउट, फर्नीचर और कलर स्कीम एकदम अलग है। ब्रेकआउट एरिया: डेस्क पर रूटीन काम करते हुए थक गए या बोर होने लगे तो सीट से हटकर काम करने की ऐसी जगह जहां अलग माहौल होगा। यहां का लेआउट, फर्नीचर और कलर स्कीम एकदम अलग है।
नाइट व्यू: ऑफिस के अंदर खास तरह की एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं। इससे रात में इसकी खूबसूरती और बढ़ जाती है। ये लाइट्स ऐसी हैं कि काम करते वक्त आखों को थकान महसूस नहीं होती। नाइट व्यू: ऑफिस के अंदर खास तरह की एलईडी लाइट्स लगाई गई हैं। इससे रात में इसकी खूबसूरती और बढ़ जाती है। ये लाइट्स ऐसी हैं कि काम करते वक्त आखों को थकान महसूस नहीं होती।