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पहली बार 1 रुपए में दिल्लीवालों ने देखा कोर्ट मार्शल का लाइव रूम

आर्मी में कास्ट और पोस्ट के भेदभाव का खुलासा करता है यह प्ले

Danik Bhaskar | Jan 22, 2018, 04:50 AM IST

नई दिल्ली. पर्दा उठता है और पात्र आते ही कहता है कि मेरा नाम सूरत सिंह है। क्या आपने कभी मौत का सामना किया है। शायद नहीं। मेरा कई बार हुआ है। जंग के मैदान में भी और कोर्ट मार्शल के कमरों में भी। इसी संवाद से शुरू होता है नाटक कोर्ट मार्शल।


आर्मी में कैसे दलित वर्ग के जवानों पर बड़े अफसर हावी रहते हैं, इसी सच्चाई को दिखाया अस्मिता थिएटर ग्रुप ने। रविवार को इस नाटक का मंचन श्री सत्य साई आडिटोरियम में किया गया। दूसरे दृश्य में रामचंद्र यह कहते हुए आता है कि, छोड़ दो मुझे, मैं इस कैप्टन का भी कत्ल कर दूंगा.., इस नाटक के दमदार संवादों ने दर्शकों को काफी झकझोरा। पहली बार यह प्ले 1996 में मंचित किया गया था। अब तक इसे देशभर में 710 बार मंचित किया जा चुका है।

महज एक रुपए का टिकट

जहां एक नाटक देखने के लिए दो सौ से पांच सौ तक की टिकट लगती है, वही अस्मिता अपने नाटक केवल एक रुपए में दिखा रहा है। दरअसल यह ग्रुप अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। अरविंद ने बताया, हम लोग पच्चीस साल से नाटकों से मुद्दे उठाते आ रहे हैं। आज हम चाहते हैं हमारे टाॅप पच्चीस नाटकों को सभी दर्शक देख सकें।

डायरेक्टर : अरविंद गौड़
संवाद लेखक : स्वेदश दीपक
कास्ट : ईश्वाक सिंह (रामचंद्र का वकील), राहुल खन्ना (प्रीजाईडिंग आॅफिसर), देवेंद्र कौर (सरकारी वकील), अमित रावत (रामचंद्र), प्रभाकर पांडे (कपूर), अभिषेक पांडे सहित 25 आर्टिस्ट शामिल थे।