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दिल्ली सरकार नहीं बता पाई सिक्योरिटी गार्ड्स का पीएफ नंबर, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

4000 गार्ड्स का पीएफ नंबर न बता पाने पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को लगाई फटकार

Danik Bhaskar | Mar 04, 2018, 06:14 AM IST

नई दिल्ली. दिल्ली सरकार द्वारा शिक्षा निदेशालय में तैनात 4000 सिक्योरिटी गार्ड्स का प्रोविडेंट फंड (पीएफ) नंबर न बता पाने पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार व शिक्षा निदेशालय को जमकर फटकार लगाई है। एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल व जस्टिस सी हरिशंकर ने कहा कि जब सबकुछ डिजिटल है, तो आपके पास कर्मचारियों को दिए जाने वाला भत्तों का डाटा डिजिटल क्यों नहीं है। कोर्ट ने एजुकेशन सेक्रेटरी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट सिक्योरिटी गार्ड्स को पूरा वेतन व अन्य भत्ते न देने का दावा करते हुए दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है।

सुनवाई के दौरान याची ने कहा कि सरकार ने जो जवाब दिया है उसमें पीएफ नंबर व अन्य डिटेल नहीं है। याची ने आरोप लगाया कि अब तक मामले में कुल 5 तारीख लग चुकी हैं। कभी सरकार जवाब दायर करने के लिए समय मांगती है तो कभी जानकारी जुटाने की बात कहकर सुनवाई टाल देती है।

गार्ड्स को तय मानकों से कम दिया जा रहा वेतन

यह याचिका एनजीओ लक्ष्य युवाओं को नई दिशा के अध्यक्ष संजू द्वारा दायर की गई है। अधिवक्ता संजय भारद्वाज के माध्यम से दायर याचिका में दावा किया गया है कि आरटीआई व सर्वे के दौरान उन्हें पता चला कि इन गार्ड्स को तय मानकों से कम 5500 से 6500 रुपए प्रति माह वेतन दिया जा रहा है। जबकि इन्हें प्रत्येक माह 14698 रुपए देना तय है। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के अधीन आने वाले सभी स्कूलों, स्टेडियमों व कार्यालय में तैनात सिक्योरिटी गार्ड्स (महिला व पुरुष) को पूरा वेतन, पीएफ, बोनस, ग्रेच्युटी आदि भत्ते नहीं दिए जा रहे हैं।

8 की जगह 12 से 16 घंटे काम

याचिका में बताया गया है कि तय प्रावधानों के अनुसार सिक्योरिटी गार्ड्स से केवल 8 घंटे काम लिया जा सकता है लेकिन इन गार्ड्स से 12 से 16 घंटे तक काम लिया जा रहा है। इनका पुलिस सत्यापन भी नहीं करवाया जाता। इनका मेडिकल फिटनेस नहीं है और किसी को भी फायर फाइटिंग ट्रेनिंग नहीं दी गई। गार्ड्स को वेतन से आधी रकम चेक के माध्यम से दी जा रही है। अगर किसी को नगद वेतन दिया भी जाता है तो उसे कम पैसे देकर खाली वाउचर पर साइन करा लिए जाते हैं। इसके अलावा इन गार्ड्स को माह में एक भी छुट्टी नहीं मिलती। यह गार्ड कहने को तो सुरक्षा में तैनात हैं लेकिन इन्हें टॉर्च, लाठी भी नहीं दी जाती है।

5 जुलाई तक रिपोर्ट दायर करने का निर्देश

दिल्ली सरकार ने इस मामले में कमेटी बनाने की भी बात कही थी लेकिन कुछ नहीं हुआ। कोर्ट ने दिल्ली सरकार द्वारा संतोषजनक जवाब नही देने पर एजुकेशन सेक्रेटरी को मामले की अगली सुनवाई पांच जुलाई तक सिक्योरिटी गार्ड्स के प्रोविडेंट फंड (पीएफ) समेत अन्य डिटेल समेत रिपोर्ट दायर करने का निर्देश दिया है।