--Advertisement--

एक्सीडेंट में घायलों को सरकारी और निजी अस्पतालाें में मिलेगा फ्री इलाज

दिल्ली सरकार का फैसला: आग लगने की घटनाओं और एसिड अटैक के घायलों को भी ये सुविधा।

Danik Bhaskar | Dec 13, 2017, 07:54 AM IST
नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली में होने वाली किसी भी सड़क दुर्घटना में घायलों के इलाज का पूरा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई दिल्ली कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

- इस प्रस्ताव के तहत सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पतालों में घायलों का फ्री इलाज किया जाएगा। इसके अलावा आग लगने की घटनाओं और एसिड अटैक में घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी दिल्ली सरकार वहन करेगी। एलजी अनिल बैजल से मंजूरी के बाद ये फैसले लागू कर दिए जाएंगे।
- स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कैबिनेट की बैठक के बाद बताया कि दिल्ली में हर साल करीब 8 हजार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। करीब 15 हजार से 20 हजार लोग इन दुर्घटनाओं में घायल होते हैं। इसलिए हमने यह फैसला लिया।
- जैन ने बताया कि सड़क हादसे में घायलों को अस्पताल ले जाने वाले व्यक्ति को 2 हजार रुपए बतौर प्रोत्साहन राशि दिए जाएंगे। इस पर कैबिनेट की पिछली बैठक में ही फैसला हो गया था। अब दोनों योजनाओं को एलजी के पास भेजा जाएगा ताकि इन्हें एक साथ लागू किया जा सके। सरकार के इस कदम से घायल को बचाने के लिए लोग आगे आएंगे।
केरल में 48 घंटे और मप्र में सरकारी अस्पतालों में फ्री इलाज
- केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने ट्रायल के तौर पर सड़क हादसे में गंभीर घायलों को मुफ्त इलाज और 30 हजार रुपए की सहायता राशि देने की योजना शुरू की थी।
- देश के तीन हाईवे गुड़गांव-जयपुर नेशनल हाइवे, बड़ोदरा-मुंबई नेशनल हाइवे और रांची-रारगांव महुलिया पर सहायता उपलब्ध भी कराई गई। इसके बाद पीजीआई चंडीगढ़ ने अध्ययन किया कि इस योजना के माध्यम से कितनी जान बचीं। इसकी रिपोर्ट के आधार पर कई राज्यों में यह योजना लागू की जानी है।
- फिलहाल केरल में सड़क हादसे में घायलों के 48 घंटे तक इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाती है। मध्यप्रदेश में भी घायलों का सरकारी अस्पतालों में इलाज पूरी तरह मुफ्त है।
एसिड अटैक
- देशभर में बीते साल कुल 281 मामले सामने आए। अकेले राजधानी दिल्ली में 23 मामले दर्ज हुए।
आगजनी
- एक साल में अब तक लगभग 25 हजार घटनाएं हुईं दिल्ली में, 40 से अिधक मौतें, 339 लोग हुए घायल।
आगे की स्लाइड्स में पढ़ें क्या हैं हादसे के आकंड़े