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दिल्ली का राम रहीम : वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम से 41 लड़कियों को छुड़ाया गया

स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी नाम की संस्था में हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त सीबीआई टीम ने गुरुवार को कार्रवाई कर बड़ा खुलासा किया।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 02:20 AM IST
40 मिनट मशक्कत के बाद आश्रम से निकाली गई लड़कियों को अलीपुर के मिंडा चाइल्ड वेलफेयर होम भेजा जाएगा। 40 मिनट मशक्कत के बाद आश्रम से निकाली गई लड़कियों को अलीपुर के मिंडा चाइल्ड वेलफेयर होम भेजा जाएगा।

नई दिल्ली. राजधानी के एक आश्रम में महिलाओं और नाबालिगों के कथित यौन शोषण के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित को 4 जनवरी तक पेश करने का ऑर्डर दिया। साथ ही बाबा से जुड़े तमाम आश्रमों और उनके लिए फंडिंग की जानकारी मांगी है। इससे पहले गुरुवार को सीबीआई ने नॉर्थ दिल्ली के रोहिणी स्थित वीरेंद्र देव के आश्रम (आध्यात्मिक विश्वविद्यालय) में कार्रवाई कर 41 लड़कियों को छुड़ाया। इनमें से ज्यादातर नाबालिग थीं। 3 तो रिटायर्ड इंस्पेक्टर की बेटियां थीं। पहले जिस लड़की ने बाबा के कारनामों का खुलासा किया था, उसका भाई सीबीआई इंस्पेक्टर है।

आश्रम में मौजूद महिलाओं के हेल्थ की जांच

- उधर, शुक्रवार को दिल्ली पुलिस के वकील राहुल मेहरा ने बताया कि दिल्ली सरकार के हेल्थ डिपार्टमेंट ने एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया है, जो आश्रम में मौजूद महिलाओं की जांच कर रहा है।

हाईकोर्ट ने 8 आश्रम की लिस्ट मांगी

- दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की बेंच ने कहा कि रोहिणी के आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के फाउंडर वीरेंद्र देव दीक्षित को 4 जनवरी तक कोर्ट में पेश किया जाए।
- बाबा वीरेंद्र के 8 आश्रमों की डिटेल और उनके लिए फंडिंग की जानकारी दी जाए। कोर्ट का कहना है कि ऐसा न करने पर बाबा के खिलाफ वॉरंट जारी किया जाएगा। मामले के खुलासे के बाद से वीरेंद्र देव फरार है।

168 महिलाओं को बंधक बनाने का आरोप

- एक एनजीओ ने हाईकोर्ट में दायर पिटीशन में कहा था कि आश्रम में 168 महिलाओं और लड़कियों को कैद कर रखा गया है, जिसकी हालत जानवरों से भी बदतर है। उन्हें पेरेंट्स से भी मिलने की इजाजत नहीं होती है। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के ऑर्डर दिए थे।
- हाईकोर्ट ने शक जताया था कि आश्रम में महिलाओं को बंधक बनाकर रखा जाता है। कोर्ट ने कहा कि अगर वे आजाद हैं तो उन्हें तालेबंद दरवाजों के पीछे क्यों रखा गया है। अगर आश्रम का फाउंडर पाक साफ है तो फिर कोर्ट में पेश होने से क्यों बच रहा है।

पुलिस में कई बार शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हआ

- आश्रम के पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने मीडिया के सामने कहा, "हमने आश्रम की संदिग्ध गतिविधियों को लेकर कई बार पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। हमें मीडिया के सामने बोलने पर धमकी भी दी जा रही है, लेकिन हम बेगुनाह लड़कियों को बचाने के लिए इससे डरने वाले नहीं हैं।"

2 आश्रमों के बीच सुरंग

- यूनिवर्सिटी में दो आश्रम हैं। एक मुख्य और दूसरा वीवीआईपी आश्रम। वीवीआईपी आश्रम को हाल ही में बनाया गया है। इसे मुख्य आश्रम से जोड़ने के लिए सुरंग बनाई गई है।

- यहीं से वीवीआईपी आश्रम में सुख-सुविधाओं के सामान पहुंचाए जाते हैं। इनमें लड़कियां भी शामिल हैं।

28 साल तक की लड़कियों के ही साथ रहता था वीरेंद्र
- वीरेंद्र देव ने हर उम्र की लड़कियों के लिए काम तय रखा था। आश्रम की तीसरी मंजिल पर वह खुद रहता था।
- वहां 28 साल तक की लड़कियां ही रहती थीं। वीरेंद्र इन लड़कियों का हैरेसमेंट करता था।
- 28 से 40 साल तक की महिलाओं को चौथी मंजिल पर रखा जाता था। उनका काम कपड़े और बर्तन धोना, आश्रम की सफाई करना, खाना बनाना, और चावल-गेहूं की सफाई करना था। 40 साल से अधिक वाली शिक्षा देती थीं।

बाबा के काफिले में लग्जरी कारें
वीरेंद्र देव लग्जरी कारों का शौकीन था। उसके काफिला में मर्सिडीज-ऑडी समेत 9 लग्जरी कारें हैं। इनमें ज्यादातर काले रंग की हैं। रेड के दौरान स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी के बेसमेंट में बनी पार्किंग में चार कारें थीं।

बाबा को लोगों ने नहीं देखा
स्थानीय लोगों ने वीरेंद्र को कभी नहीं देखा है। उनका कहना है कि वह हमेशा रात में आता था। उसके आने की जानकारी अगले दिन कारों के काफिला से ही मिलती थी। वह जब आश्रम आता तो वहां चहल-पहल रहती थी।

5 राज्यों और नेपाल में आश्रम
- मुख्य आश्रम के कर्मचारी की मानें तो दिल्ली, पंजाब, यूपी, हरियाणा और राजस्थान में वीरेंद्र देव का आश्रम है।
- इसका हेडक्वार्टर राजस्थान के माउंट आबू में है, जहां वह सबसे ज्यादा रहता था।
- नेपाल में भी वीरेंद्र का आश्रम है। आश्रम में मौजूद लोगों के लिए साल में तीन बार अनाज आता था।

छत से कूदी थी एक लड़की
- स्थानीय लोगों के मुताबिक, उन्हें यहां गलत काम होने का शक पहली बार तब हुआ, जब आश्रम की छत से कूद कर युवती ने खुदकुशी कर ली।
- कुछ दिन बाद एक और युवती ने जान देने की कोशिश की, लेकिन वह बच गई। दोनों घटनाओं के बाद यूनिवर्सिटी को जेल की तरह बदल दिया गया था। यहां 24 घंटे कड़ा पहरा रहता था।

दरी-चादर की दीवार बनाकर 2 बसों में चढ़ाया
- महिला आयोग व चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के ज्वाइंट रेस्क्यू ऑपरेशन में आश्रम में मौजूद 170 से ज्यादा महिला और लड़कियों में से 41 नाबालिग लड़कियों को निकालकर शेल्टर होम पहुंचाया गया।

- मीडिया और लोगों की नजरों से बचाने के लिए पहले पुलिस माइक से एलान करती रही कि इस इलाके में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूरी तरह रोक है, लेकिन विजय विहार की इस गली में कई दर्जन कैमरे लगातार आश्रम के गेट पर दिनभर नजर जमाए थे। फिर लड़कियों को बाहर निकालने के लिए आश्रम के दरवाजे से बस के बीच एक ह्यूमन चेन बनाकर चादर और दरियों की एक दीवार बना दी गई, जिसके पीछे से छिपाकर सभी लड़कियों को बस में चढ़ाया गया।

- महिला आयोग की प्रेसिडेंट स्वाति मालीवाल ने कहा कि आज रेड के दौरान दवाओं का एक जखीरा मिला है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने एक-एक बच्ची का इंटरव्यू किया। उनकी मेडिकल जांच हुई। सब डरी हुई थीं, कई तो एक शब्द भी नहीं बोल रही थीं। कुछ बेहद धीमी आवाज में बोली कि वो वहां ज्ञान पाने और मोक्ष के लिए आई हैं।

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बाबा पर नशा करके रोजाना 10 लड़कियों से रेप करने का आरोप है। बाबा पर नशा करके रोजाना 10 लड़कियों से रेप करने का आरोप है।
यहां दो आश्रम थे। एक से दूसरे में जाने के लिए सुरंग बनाई गई थी। यहां दो आश्रम थे। एक से दूसरे में जाने के लिए सुरंग बनाई गई थी।