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मंत्री जी! लाइसेंस दे दें ताकि गणतंत्र दिवस पर पतंग-गुब्बारे उड़ा सकें

इस कानून के मुताबिक, पतंग उड़ाने या गुब्बारे हवा में छोड़ने के लिए उसका लाइसेंस लेना जरूरी है।

Danik Bhaskar

Jan 19, 2018, 06:00 AM IST
पुराना कानून हटवाने के लिए देश के पांच बड़े शहरों के स्टूडेंट्स ने लेटर लिखा है। पुराना कानून हटवाने के लिए देश के पांच बड़े शहरों के स्टूडेंट्स ने लेटर लिखा है।

नई दिल्ली. अगर आप पतंग उड़ा रहे हैं या गणतंत्र दिवस पर गुब्बारे हवा में छोड़ने के बारे में सोच रहे हैं तो सावधान रहें, क्योंकि ऐसा करने पर आपको 2 साल की कैद या 10 लाख रुपए का जुर्माना भरना पड़ सकता है। दरअसल, ऐसा करना देश के एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 का उल्लंघन है। इस कानून के मुताबिक, पतंग उड़ाने या गुब्बारे हवा में छोड़ने के लिए उसका लाइसेंस लेना जरूरी है। इसी कानून के तहत देश के पांच बड़े शहरों दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु और रायपुर के स्टूडेंट्स ने एविएशन मंत्री और डीजीसीए को लेटर लिखकर पतंग उड़ाने और गुब्बारे हवा में छोड़ने के लिए लाइसेंस दिए जाने की मांग की है।

224 स्टूडेंट्स ने एविएशन मिनिस्टर को लिखा लेटर
- महाराष्ट्र नेशनल लॉ कालेज मुंबई, सिम्बायसिस लॉ स्कूल नोएडा, हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी रायपुर और नेशनल लॉ स्कूल आफ इंडिया बेंगलुरू और द नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च हैदराबाद के 224 स्टूडेंट्स ने एनजीओ सेंटर फॉर सिविल सोसायटी के सहयोग से एविशन मिनिस्टर अशोक गजपति राजू और डीजीसीए को लेटर लिखे है।

- इन लेटर्स में सभी ने आगामी गणतंत्र दिवस पर पतंग उड़ाने व गुब्बारे हवा में छोड़ने के लिए लाइसेंस जारी करने की मांग की है।

- स्टूडेंट्स ने लेटर में कहा है कि देश में एक कानून एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 अभी भी अस्तित्व में है। इस कानून की आड़ में किसी भी पतंग उड़ाने वाले को पुलिस जब चाहे, जेल भेज सकती है। यह कानून देश की आजादी से पहले का था।

- आज भी यह जस का तस बना हुआ है। इस कानून की अब प्रासंगिकता नहीं है। इसलिए मंत्री जी, इस पुराने कानून को या तो रद्द कर दें या फिर सभी को पतंग व गुब्बारे उड़ाने का लाइसेंस प्रदान करें।

- सिम्बायोसिस लॉ स्कूल के एसोसिएट प्रोफेसर डा. नीति शिखा ने बताया कि सरकार को कानून के अनुपयोगी होने की जानकारी देने के लिए ही स्टूडेंट्सने ये अनोखा तरीका अपनाया है।

- यह कानून अंग्रेजों ने पतंग व गुब्बारों के माध्यम से क्रांतिकारियों के बीच एक-दूसरे को संदेश भेजने की प्रक्रिया बंद करने के लिए बनाय था, जो अब बेकार हाे चुका है।

देश में एक कानून एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 अभी भी अस्तित्व में है। इस कानून की आड़ में किसी भी पतंग उड़ाने वाले को पुलिस जब चाहे, जेल भेज सकती है। देश में एक कानून एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 अभी भी अस्तित्व में है। इस कानून की आड़ में किसी भी पतंग उड़ाने वाले को पुलिस जब चाहे, जेल भेज सकती है।
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