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PMO से की कंप्लेन तो पुलिस ने जिंदा बेटे को मरा बता कंप्लेनेन्ट को ही पागल करार दिया, केस बंद

बाजार में अमूमन 40-45 हजार में मिलने वाला सीसीटीवी कैमरा दिल्ली पुलिस ने 6 लाख 86 हजार में खरीदा।

अमित कुमार निरंजन | Last Modified - Dec 19, 2017, 05:34 AM IST

  • PMO से की कंप्लेन तो पुलिस ने जिंदा बेटे को मरा बता कंप्लेनेन्ट को ही पागल करार दिया, केस बंद
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    नई दिल्ली.बाजार में अमूमन 40-45 हजार में मिलने वाला सीसीटीवी कैमरा दिल्ली पुलिस ने 6 लाख 86 हजार में खरीदा। वह भी एक नहीं पूरे 3309 कैमरे। यानी जिन सीसीटीवी के लिए बमुश्किल 15 करोड़ खर्च होने थे, दिल्ली पुलिस ने उसके लिए 227 करोड़ खर्च कर दिए। हरपाल राणा ने आरटीआई के जरिए यह जानकारी हासिल की। राणा ने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से की। पीएमओ ने शिकायत पर दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट मांगी। जवाब मिला- राणा पागल हैं, बेटे की अचानक मौत के बाद उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। पीएमओ ने बिना इस रिपोर्ट को वेरिफाई किए मामला बंद कर दिया। राणा ने अब केन्द्र सरकार के शिकायत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग में शिकायत की है कि दिल्ली पुलिस ने उनके स्वास्थ्य को लेकर पीएमओ को जो जानकारी दी वह गलत है।

    - मामले की हकीकत जानने भास्कर दिल्ली के कादीपुर गांव की तंग गलियों में पहुंचा। 50 साल के हरपाल राणा पत्नी सीमा, बेटी स्वाति और बेटे अखिल के साथ यहीं रहते हैं।

    - जी हां, वही बेटा अखिल जिसे दिल्ली पुलिस ने पीएमओ को मरा हुआ बताया था। बातचीत में हरपाल ने बताया कि मैंने 8 अप्रैल 2016 को पीएमओ में इस मामले की शिकायत की थी। उस समय आलोक वर्मा दिल्ली के कमिश्नर थे।

    - पुलिस की रिपोर्ट के बाद पीएमओ ने 30 जून 2016 को मामला बंद कर दिया। यह जानने की जहमत तक नहीं उठाई कि पुलिस ने मेरे बारे में जो बताया वह सही भी है या नहीं। सवाल पूछते हुए राणा कहते हैं- जब पीएमओ तक आपकी न सुने तो फिर कहां जाएं?

    पीएमओ का ग्रीवांस सिस्टम सिर्फ शिकायत लेने और भेजने के लिए

    लोक शिकायत विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी सुमिता दास गुप्ता के अनुसार कोई भी पीजी पोर्टल (pgportal.gov.in) पर जाकर शिकायत दर्ज करा सकता है। यह शिकायत प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग के पास जाती है जो नोडल एजेंसी के तौर पर काम करता है। यह पीएमओ ग्रीवांस सिस्टम के तहत आता है। शिकायत संबंधित विभाग को भेजी जाती है। 60 दिन के अंदर विभाग पीएमओ को रिपोर्ट भेजता है। रिपोर्ट के आधार पर शिकायत बंद की जाती है। हरपाल के केस में भी यही हुआ। वह असंतुष्ट हैं तो दोबारा शिकायत कर सकते हैं।

    कीमत बताई ये: 3309 सीसीटीवी पर खर्च कर दिए 227 करोड़ रुपए

    हरपाल राणा को आरटीआई से पता चला कि दिल्ली पुलिस ने 2010 से अप्रैल 2017 तक 67 स्थानों पर 3309 स्थाई सीसीटीवी कैमरे लगाए। कुल खर्च 227 करोड़ रुपए आया। यानी एक कैमरे पर करीब 6.86 लाख रुपए खर्च किए

    हकीकत ये: अव्वल दर्जे के कैमरे भी लगाएं तो भी 15 करोड़ लगेंगे

    सीसीटीवी कैमरों के थोक विक्रेताओं ने बताया कि अव्वल दर्जे के एक सीसीटीवी कैमरे को इंस्टॉल करने में 40 से 45 हजार का खर्च आता है। यानी 3309 कैमरे लगाए जाएं तो भी 15 करोड़ से ज्यादा खर्च नहीं होंगे।

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