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1173 करोड़ का एजुकेशन लोन और डूबा, दिसंबर तक 6365 करोड़ एनपीए

स्टूडेंट्स पढ़ाई के लिए लोन तो ले रहे हैं लेकिन चुका नहीं पा रहे हैं।

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:21 AM IST
1 अप्रैल से दिसंबर 2017 के नौ माह के दौरान सरकारी बैंकों का एज्युकेशन लोन एनपीए 1173 करोड़ रु. बढ़ गया है। (सिम्बॉलिक इमेज) 1 अप्रैल से दिसंबर 2017 के नौ माह के दौरान सरकारी बैंकों का एज्युकेशन लोन एनपीए 1173 करोड़ रु. बढ़ गया है। (सिम्बॉलिक इमेज)

भास्कर न्यूज नेटवर्क. पढ़ाई के लिए दिए जाने वाले लोन और डूब (एनपीए) रहे हैं। स्टूडेंट्स पढ़ाई के लिए लोन तो ले रहे हैं लेकिन चुका नहीं पा रहे हैं। 1 अप्रैल से दिसंबर 2017 के नौ माह के दौरान सरकारी बैंकों का एज्युकेशन लोन एनपीए 1173 करोड़ रु. बढ़ गया है। वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल द्वारा संसद में दी जानकारी के अनुसार मार्च 2017 तक कुल बकाया एज्युकेशन लोन का एनपीए 7.67% यानी 5191.72 करोड़ रु. था। दिसंबर 2017 तक यह 6364.93 करोड़ रु. हो गया। जबकि एनपीए हुए अकाउंट (स्टूडेंट) की संख्या 3,66,399 थी।

- क्रिसिल के अनुसार, देश में बीते 10 साल से एज्युकेशन लोन लेने का ट्रेंड बदला है। यह 15% प्रतिवर्ष से अधिक दर से बढ़ रहा है। वर्तमान में देश में शिक्षा ऋण का बाजार 75 हजार करोड़ रु. का हो गया है। क्रेडिट इंफोर्मेशन सर्विस कंपनी क्रिफ हाई मार्क के अनुसार प्रति स्टूडेंट एज्युकेशन लोन का आकार भी बढ़ा है।

- वर्ष 2010-11 में जहां एज्युकेशन लोन का प्रति स्टूडेंट अकाउंट 2.5 लाख रुपए था वहीं वर्ष 2016-17 में यह बढ़कर 6.77 लाख रुपए हो गया है। शुक्ल ने बताया कि सरकार ने शिक्षा ऋण में एनपीए को कम करने के लिए स्टूडेंटों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आईबीए आदर्श शिक्षा योजना में बदलाव किया है। जिसके तहत पुनर्भुगतान अवधि को 15 वर्ष तक बढ़ाना शामिल है। साथ ही एज्युकेशन लोन के लिए क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम (सीजीएफईएल) शुरू की है, जिसके तहत 7.5 लाख रुपए तक के लोन दिए जाते हैं। इसमें 75 फीसदी चूक की राशि की गारंटी केंद्र सरकार देगी।

- सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार मार्च 2017 तक 67,678.5 करोड़ रुपए के एज्युकेशन लोन का बकाया था जिसमें 5,191.72 करोड़ रुपए का एनपीए था। अगर बैंकों के हिसाब से देखें तो इस दौरान केनरा और इंडियन आेवरसीज बैंक का एनपीए बीते वर्ष की तुलना में घटा है। केनरा बैंक का मार्च 2016 में एनपीए 316.6 करोड़ रुपए था जो मार्च 2017 में घटकर 265.49 करोड़ रुपए पर आ गया।

- इसी दौरान इंडियन ओवरसीज बैंक का एनपीए 651.16 करोड़ से घटकर 384.2 करोड़ रुपए पर आ गया। देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक का एनपीए बढ़ा है। पीएनबी का एनपीए मार्च 2016 के 388.67 करोड़ रुपए से बढ़कर 478.03 करोड़ रुपए हो गया। वहीं एसबीआई का एनपीए इस दौरान 454 करोड़ से बढ़कर 538.17 करोड़ रुपए पर आ गया।

- एक अन्य प्रश्न के उत्तर में राज्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और भारतीय स्टेट बैंक ने आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार एनपीए को प्राइवेट असेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनीज़ (एआरसी) को बेच दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने 1565 करोड़ एनपीए में से 915.28 करोड़ रुपए के एनपीए बेंच दिए हैं।

- वहीं बैंक ऑफ इंडिया ने 38.66 करोड़ और इंडियन बैंक ने 76.49 करोड़ रुपए के एनपीए एआरसी को बेंच दिए हैं। स्टूडेंटों को 8.35 फीसदी से लेकर 12.15 फीसदी की ब्याज दर पर शिक्षा लोन दिए जा रहे हैं।

वर्तमान में देश में एजुकेशन लोन का बाजार 75 हजार करोड़ रु. का हो गया है। (सिम्बॉलिक इमेज) वर्तमान में देश में एजुकेशन लोन का बाजार 75 हजार करोड़ रु. का हो गया है। (सिम्बॉलिक इमेज)
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1 अप्रैल से दिसंबर 2017 के नौ माह के दौरान सरकारी बैंकों का एज्युकेशन लोन एनपीए 1173 करोड़ रु. बढ़ गया है। (सिम्बॉलिक इमेज)1 अप्रैल से दिसंबर 2017 के नौ माह के दौरान सरकारी बैंकों का एज्युकेशन लोन एनपीए 1173 करोड़ रु. बढ़ गया है। (सिम्बॉलिक इमेज)
वर्तमान में देश में एजुकेशन लोन का बाजार 75 हजार करोड़ रु. का हो गया है। (सिम्बॉलिक इमेज)वर्तमान में देश में एजुकेशन लोन का बाजार 75 हजार करोड़ रु. का हो गया है। (सिम्बॉलिक इमेज)
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