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लव मैरिज के 7 साल बाद की पत्नी की हत्या, साली की गवाही से पलटा केस का रुख

अंजू की मौत के बाद सुहैब ने साहेबजादी सौम्या खान से शादी कर ली थी।

Danik Bhaskar | Dec 21, 2017, 01:58 AM IST
सुहैब और अंजू के बीच कॉलेज में पढ़ाई के दौरान प्यार हुआ था।    - फाइल फोटो। सुहैब और अंजू के बीच कॉलेज में पढ़ाई के दौरान प्यार हुआ था। - फाइल फोटो।

नई दिल्ली. क्राइम बेस्ड टीवी रियलिटी शो 'इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड' से मशहूर हुए एंकर सुहैब इलियासी को पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसे 16 दिसंबर को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने दोषी करार दिया गया था। बता दें कि 11 जनवरी 2000 को सुहैब के घर पर अंजू की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मर्डर करने के लिए कैंची का इस्तेमाल किया गया था। बाद में आरोप सुहैब पर ही लगा और उसे 28 मार्च 2000 को गिरफ्तार कर लिया गया था।

1989 में शुरू हुई प्रेम कहानी

- सुहैब और अंजू साल 1989 में जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई। यहां दोनों एक साथ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई कर रहे थे। तभी प्यार हुआ।

- अंजू के घर वालों ने इस रिलेशन का विरोध किया। दोनों ने लंदन जाकर 1993 में शादी कर ली। दोनों का निकाह भी हुआ और अंजू ने नया नाम अफसान रख लिया।

बेटी का जन्म के बाद फिर लंदन चली गई थी अंजू

- अप्रैल 1994 में सुहैब लंदन गए और एक महीने बाद दोनों भारत लौटे। साल 1995 में अंजू ने बेटी आलिया को जन्म दिया और वह फिर लंदन चली गई।

- बाद में सुहैब भी चला गया। वहां सुहैब ने क्राइम शो के बारे में सोचा। इसका नाम इंडियाज मोस्ट वांटेंड रखा गया। शुरू में इसके कुछ पायलट एपिसोड्स में अंजू ने एंकरिंग की थी। 1998 में शो शुरू हुआ।

- 1998 में ही अंजू सुहैब को फिर छोड़कर बहन के पास कनाडा चली गईं। इलियासी अक्टूबर 1998 में कनाडा गए और अंजू को मनाकर वापस ले आए।

- अंजू फरवरी 1999 को भारत लौटीं और उन्होंने ईस्ट दिल्ली के मयूर विहार में एक फ्लैट खरीदा। तब फ्लैट की कीमत डेढ़ करोड़ थी। दिसंबर में अंजू और सुहैब इस फ्लैट में शिफ्ट हो गए।

साली ने विदेश से लौट कर दिया था ये बयान

- अंजू की मौत के बाद उनकी बड़ी बहन रश्मि कनाडा से भारत आईं। अंजू ने रश्मि से ही आखिरी बार बात की थी। अंजू ने रश्मि को सुहैब की हरकतों के बारे में सबकुछ बताया था।

- उन्होंने यह भी बताया कि सुहैब दहेज के लिए अंजू पर दबाव बनाता था। रश्मि के बयान ने इस पूरे केस को पलटकर रख दिया। रश्मि ने पुलिस को एक डायरी भी दी। उसमें अंजू ने बहुत कुछ लिखा था। इसके बाद आत्महत्या की थ्योरी संदेह के घेरे में आ गई।

- पुलिस ने जांच की। पीएम के लिए 3 डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड बनाया गया।
- 16 मार्च 2000 को अंजू की बहन रश्मि सिंह कनाडा से आई तो उसने पुलिस को बहन की हत्या का आरोप लगाया।

- 11 जनवरी 2000 मयूर विहार फेज-1 स्थित आईएफएस अपार्टमेंट से अंजू (30) को एम्स ले गया। डॉक्टरों ने मृत घोषित बताया। सुहैब ने अंजू के नशीला पदार्थ खाने फिर नुकीली चीज लगने की बात कही।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें- यह था केस में टर्निंग प्वाइंट...

सुहैब और अंजू  ने लंदन जाकर 1993 में शादी कर ली। - फाइल फोटो। सुहैब और अंजू ने लंदन जाकर 1993 में शादी कर ली। - फाइल फोटो।

यह था केस में टर्निंग प्वाइंट  

 

9 अप्रैल 2001 में एलबीएस अस्पताल ने दूसरी पीएम रिपोर्ट फाइल की। पहले मेडिकल बोर्ड में शामिल डॉ. एलसी गुप्ता को गलत व्यवहार के लिए हटा देने की बात कही। डीसीपी राजीव रंजन ने नए मेडिकल बोर्ड की सिफारिश की 2014 में जब तीसरे मेडिकल बोर्ड ने रिपोर्ट दी तो केस ने नई दिशा ले ली। रिपोर्ट में बताया गया कि चाकू पर अंजू व सुहैब किसी के फिंगर प्रिंट के निशान नहीं थे, जांच में बेडरूम, घर की नालियों, बाथरूम में खून के सैंपल मिले।

 

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें- जो सूट अंजू ने पहना था उस पर कैंची का कट नहीं था...

साल 1995 में अंजू ने बेटी आलिया को जन्म दिया था। - फाइल फोटो। साल 1995 में अंजू ने बेटी आलिया को जन्म दिया था। - फाइल फोटो।

जो सूट अंजू ने पहना था उस पर कैंची का कट नहीं था

 

- अंजू की हत्या में कैंची का प्रयोग किया गया था और इससे कई बार अंजू के पेट में वार किए गए थे। हालांकि, जो सूट अंजू ने पहना था उस पर कैंची का कट नहीं था।

- पोस्टमार्टम करने वाले तीन डॉक्टरों में से एक डॉक्टर ने भी हत्या का शक जताया था।
- इसके बाद पांच डॉक्टरों का एक और पैनल बनाया गया। उन डॉक्टरों ने अंजू की मौत पर हत्या का शक जता दिया।
- अंजू की मौत 10 बजकर 45 मिनट पर हुई थी, जबकि सुहैब उसे 12 बजकर 26 मिनट पर एम्स लेकर पहुंचा था।
- बाथरूम में खून के निशान मिले थे।
- जांच में यह बात भी सामने आई कि दोनों में अक्सर झगड़ा होता रहता था और दोनों के रिश्तों में खटास आ गई थी।
- इन सभी सबूतों को पुलिस ने कोर्ट के सामने रखा और कोर्ट ने सुहैब को हत्या का दोषी करार दिया।

 

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें- पुलिस की गलती  और इसलिए सोहेब को माना दोषी...

1998 में सुहैब ने क्राइम शो इंडियाज मोस्ट वांटेंड शो क शुरूअात की थी।  - फाइल फोटो। 1998 में सुहैब ने क्राइम शो इंडियाज मोस्ट वांटेंड शो क शुरूअात की थी। - फाइल फोटो।

पुलिस की गलती 

 

- डीसीपी ने 27 मार्च 2000 को तत्कालीन एसीपी ऑपरेशन को जांच सौंपी। इसके बाद सुहैब को गिरफ्तार कर मामले में चार्जशीट दायर हुई।  
- 29 मार्च 2003 ट्रायल चलने पर सेशन कोर्ट ने सुहैब पर दहेज हत्या व दहेज प्रताड़ना में आरोप तय कर दिए। - 17 जुलाई 2003 में सरकारी वकील ने कोर्ट में सुहैब पर हत्या की धारा 302 लगाने का आग्रह किया। जिसे 3 फरवरी 2004 कोर्ट ने खारिज कर दिया। 
- कोर्ट का कहना था कि हत्या की धारा शुरुआत में लगानी थी।

 

3 अपील खारिज 

- 12 जुलाई 2005 को फिर जांच की मांग, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
- 2006 में परिजनों ने हाईकोर्ट में अपील की,  यह इसलिए रद्द कर दी कि मामले में पहले से चार्जशीट दायर है।  
- जनवरी 2007 व अगस्त 2010 में निचली अदालत में हत्या की धारा जोड़ने की दो अर्जी लगाई जो खारिज हो गई।

- 19 अगस्त 2010 को हत्या की धारा जोड़ने का आग्रह किया। 12 अगस्त 2014 में हत्या की धाराओं में ट्रायल का आदेश दिया। सुहैब ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। खारिज कर दिया गया।  

 

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें- इसलिए माना दोषी: खुदकुशी में कैंची के दाे वार न होते...

मार्च 2000 को मामले में सुहैब को गिरफ्तार कर मामले में चार्जशीट दायर हुई। - फाइल फोटो। मार्च 2000 को मामले में सुहैब को गिरफ्तार कर मामले में चार्जशीट दायर हुई। - फाइल फोटो।

इसलिए माना दोषी: खुदकुशी में कैंची के दाे वार न होते

- घटनास्थल के साथ छेड़छाड़।
- बताया गया कि दो चाकू थे जिससे अंजू ने खुद को मारा।
- अंजू डिप्रेशन में थी, लेकिन पर्याप्त दस्तावेज पेश नहीं किए गए।
- बार-बार बयान बदलना।
- वारदात के बाद बच्ची आलिया से किसी ने बात नहीं की, बाद में उसने बताया था कि डॉली मौसी का कनाडा से फोन आया था।
- अंजू के कपड़ों पर कोई कट मार्क क्यों नहीं था।
- खून बेड, बाथरूम, सिंक, नालियों तक कैसे पहुंचा।
- रिवाॅल्वर अलमारी में कैसे पहुंची।
- यह बात झूठी निकली कि, बाथरूम में फैला खून मासिक धर्म की वजह से था।
- सुहैब ने अंजू को रोकने का प्रयास नहीं किया, सुहैब ने कहा था कि उसने अंजू से रिवाल्वर छीन ली थी।
- सुहैब के पीएसओ दिल्ली पुलिस के हवलदार शत्रुघ्न ने पुलिस को मामले की सूचना नहीं दी, जबकि हवलदार के पास वायरलेस था।
- अंजू को पहले घर के पास विरमानी अस्पताल ले जाया गया, जहां से एम्स का रास्ता 20 मिनट था लेकिन 45 मिनट में पहुंचे।

20 दिसंबर 2017 को सुहैब इलियासी को पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।   - फाइल फोटो। 20 दिसंबर 2017 को सुहैब इलियासी को पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। - फाइल फोटो।