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स्मार्ट कार्ड से फ्री इलाज का फिर पेंच, लाखों का बिल लेकिन दिए 25-25 हजार

अंबेडकर अस्पताल के ही साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा बीमा कंपनी के पास अटके हैं। इससे डाक्टरों का इंसेंटिव अटक गया है।

bhaskar news | Last Modified - Dec 03, 2017, 05:57 AM IST

स्मार्ट कार्ड से फ्री इलाज का फिर पेंच, लाखों का बिल लेकिन दिए 25-25 हजार

रायपुर.स्मार्ट कार्ड से फ्री इलाज में फिर पेंच आ गया है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में भुगतान के नाम पर 24-25 हजार ही जारी किए गए हैं। अंबेडकर अस्पताल में भी बिल का 10 फीसदी बजट जारी नहीं किया गया है। इससे नाराज डाक्टरों ने 5 दिन का अल्टीमेटम दिया है।

7 दिसंबर तक बकाया बजट जारी नहीं होने पर फ्री इलाज को लेकर बैठक बुलाई जाएगी। उसमें राज्य स्तर पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। अंबेडकर अस्पताल के ही साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा बीमा कंपनी के पास अटके हैं। इससे डाक्टरों का इंसेंटिव अटक गया है। स्मार्ट से कार्ड से इलाज करने पर इंसेंटिव डाक्टरों को प्रेरित करने की गरज से दिया जाता है। प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करने वाले डाक्टरों के लिए इंसेंटिव ही इकलौता विकल्प रहता है। ऐसी दशा में बिल अटक जाने से डाक्टरों का इंसेंटिव भी फंस गया है।

बीमा कंपनी से प्राइवेट अस्पतालों में भी खलबली मची है। कंपनी में इलाज का लाखों का बिल अटका है, लेकिन कंपनी की ओर से किसी को 25 तो किसी को 24 हजार ही जारी किए गए हैं। इससे विवाद ज्यादा बढ़ गया है। प्राइवेट और सरकारी अस्पताल के डाक्टर खुलकर सामने आ गए हैं। इंडियन मेडिकल एसाेसिएशन ने पांच दिन का अल्टीमेट दिया है। उसके बाद भी बजट जारी नहीं होने पर आईएमए की बैठक बुलायी जाएगी। अफसरों ने संकेत दिए हैं कि उसमें राज्य स्तर पर फ्री इलाज के संबंध में बड़ा फैसला लिया जाएगा, क्योंकि बीमा कंपनी अक्सर इसी तरह इलाज का पैसा रोक रही है। गौरतलब है कि पिछले महीने भी इसे लेकर डाक्टर लॉबी एक हो गई थी। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में फ्री इलाज बंद होने की सुगबुगाहट के बाद आनन-फानन में बैठक बुलाकर बजट जारी करने का आश्वासन दिया गया था। बीमा कंपनी की ओर से बजट तो जारी किया गया लेकिन इतना कम कि इससे नया विवाद हो गया है।

7 के बाद फैसला : आईएमए
डाक्टरों की संस्था आईएमए के इलेक्ट चेयरमेन डॉ. एके त्रिपाठी ने कहा कि इलाज का भुगतान इतना कम किया गया है कि डाक्टर इससे नाराज हैं। बीमा कंपनी मनमानी कर रही है। इस बारे में कहा गया है कि 7 दिसंबर तक भुगतान कर दिया जाएगा। ऐसा नहीं होने पर बैठक बुलायी जाएगी।

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