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24 साल की ये लड़की रखती है हर कूड़े वाले का मोबाइल नंबर, ये है वजह

कबाड़ से ज्वैलरी क्रिएट करती है दिल्ली की ये लड़की, न्यूयॉर्क फैशन वीक में मॉडल्स को पहनाया था बर्तन मांजने वाला स्क्रबर

DainikBhaskar.com | Last Modified - Jan 25, 2018, 01:45 PM IST

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    24 साल की आंचल सुखीजा ने बचपन के शौक को बनाया अपना करियर।

    नई दिल्ली. पूजा में इस्तेमाल होने वाली माचिस की डिब्बी से लेकर किचन में यूज होने वाली चाय की छन्नी और बर्तन स्क्रबर तक, 24 साल की आंचल कूड़े में फेंके जाने वाली इन सभी चीजों से ज्वैलरी क्रिएट करती हैं। अपने इस हुनर से उन्होंने कूड़े-कबाड़ से इंटरनेशनल फैशन ब्रांड खड़ा किया है। DainikBhaskar.com ऐसे ही क्रिएटिव आंत्रेप्रेन्यॉर की सक्सेस स्टोरी अपनी सीरीज 'जिद्दी Hero' के तहत अपने रीडर्स को बता रहा है।

    न्यूयॉर्क फैशन वीक में मॉडल्स ने पहनी कबाड़ से बनी ज्वैलरी

    - दिल्ली की रहनेवाली आंचल सुखीजा 'मिशन प्लूटो' नाम से अपना ज्वैलरी ब्रांड चलाती हैं। उनका बिजनेस सबसे ज्यादा अमेरिका के कैलिफोर्निया में होता है।
    - पिछले साल न्यूयॉर्क फैशन वीक में उनकी कबाड़ से क्रिएट की ज्वैलरी पहनकर मॉडल्स ने कैटवॉक किया था। बचे हुए मेटल पाइप के टुकड़ों और बर्तन साफ करने वाले मेटैलिक ब्रश से बना नेकलेस उनके कलेक्शन में सबसे ज्यादा हिट रहा।
    - उनकी ज्वैलरी कलेक्शन को मॉडल्स ने फैशन डिजाइनर वैशाली एस की ड्रेसेज के साथ पहना।
    - आंचल वॉशर पाइफ, प्लम्बिंग पाइप, एसी फिल्टर फोम और पोछे के कपड़े जैसी वेस्ट चीजों से ज्वैलरी क्रिएट करती हैं।

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    फैशन डिजाइनर वैशाली एस के साथ आंचल सुखीजा।

    कैसे आया ये आइडिया

    - कॉलेज ड्रॉपआउट आंचल बताती हैं, "मुझे बचपन से ही वेस्ट मटैरियल का यूज करके क्राफ्ट बनाने का शौक था। मैं जब तीन साल की थी, तब अपनी मां को उनकी पुरानी फोटोज का कोलाज वेस्ट पेपर से बनाकर गिफ्ट किया था। वो आज भी उसे अपने बेडसाइड पर रखती हैं।"
    - "वेस्ट मटैरियल से ज्वैलरी बनाने का इनस्पिरेशन मुझे हॉलीवुड मूवी 'ब्लड डायमंड' से मिला। उसमें दिखाया गया था कि हम इंसान डायमंड जैसे कीमती पत्थर को बनाने में कितना खतरनाक वेस्ट मटैरियल पैदा करते हैं। मैंने सोचा क्यों न कबाड़ को ज्वैलरी के रूप में मेकओवर देकर कुछ अलग किया जाए।"
    - "शुरुआत में मैं सिर्फ अपने लिए ज्वैलरी डिजाइन करती थी। फैमिली पार्टीज और गेट-टुगेदर्स में मैं खुद बनाई हुई ज्वैलरी पहनकर जाती थी। रिलेटिव्स मेरे इस एक्सपेरिमेंट को काफी अप्रीशिएट करते थे।"
    - "2012 में मैंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नलॉजी में एडमिशन लिया। वहां FDCI के प्रेसिडेंट सुनील सेठी ने मेरी यूनिक ज्वैलरी को नोटिस किया। उन्हें मेरा रिसाइकिल्ड ज्वैलरी का आइडिया काफी पसंद आया। तभी से मैंने अपना फैशन ब्लॉग शुरू किया और आइडिया चमक गया।"

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    रिलेटिव्स के कबाड़ीवालों से रखती हैं कॉन्टैक्ट

    - आंचल बताती हैं, "कबाड़ से ज्वैलरी क्रिएट करने के इस आइडिया को मेरी पूरी फैमिली ने वेलकम किया था। मेरे रिश्तेदार मेरे बेस्ट एम्बेसडर हैं। मेरे पास मेरे सभी रिलेटिव्स के कबाड़ीवालों के फोन नंबर हैं।"
    - "मैं कबाड़ घर पर रखने से परहेज नहीं करती। मेरा ब्वॉयफ्रेंड बैग मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में जॉब करता है। मैं उसके ऑफिस से भी पॉलिस्टर, लेदर और नायलॉन के बचे हुए टुकड़े घर ले आती हूं, जिसे रिसाइकिल कर ज्वैलरी या अन्य फैशन मटैरियल तैयार कर सकूं।"

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    कचरा बीनने वालों की बदल रही हैं लाइफ

    - आंचल सुखीजा रिसाइकिल्ड ज्वैलरी बनाने के लिए वॉशर पाइप, झाड़ू के बचे हिस्से, फोम, टूटे खिलौने आदि का यूज करती हैं।
    - ये सारा वेस्ट मटैरियल वो कचरा बीनने वालों से खरीदती हैं। उनके इस यूनिक बिजनेस से कचरा बीनकर गुजर-बसर करने वालों को भी सहारा मिलता है।

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    कितना टाइम लगता है एक ज्वैलरी पीस बनने में

    - आंचल ने ज्वैलरी बनाने के लिए कलाकारों की टीम बना रखी है, जो कि मेटल ज्वैलरी बनाने में एक्सपर्ट हैं।
    - इनके मुताबिक उनकी कंपनी 'मिशन प्लूटो' में ज्वैलरी बनाने का पूरा काम हाथ से किया जाता है।
    - एक पीस बनाने में 2-3 दिन लगते हैं। इसमें मेटल कटिंग, रोलिंग, पेंटिंग, पेस्टिंग और पॉलिशिंग सभी प्रॉसेस शामिल रहते हैं।

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    चलाती हैं NGO भी

    - 24 साल की आंचल फैशन ज्वैलरी के साथ ही 'मदर करेज एंड हर चिल्ड्रेन' नाम का एनजीओ भी चलाती हैं।
    - इस एनजीओ के जरिए उन्होंने कुछ संस्थाओं से टाइ-अप किया है, जो उन्हें ऐसे बच्चों से मिलवाती हैं जो कि आर्ट एंड क्राफ्ट सीखने में इंटरेस्टेड हों।
    - आंचल खुद बच्चों को आर्ट एंड क्राफ्ट की ऐसी क्रिएटिव स्किल्स सिखाती हैं जो इस फील्ड में करियर बनाने में हेल्पफुल रहें।

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    FDCI से जुड़ी हैं आंचल

    - आंचल सुखीजा एक कॉलेज ड्रॉपआउट हैं। उन्होंने प्रॉपर ग्रैजुएशन कोर्स करने की जगह फैशन और अदर आर्ट्स में 6-6 महीने के डिप्लोमा कोर्स किए हैं।
    - वो प्रेजेंट में फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (FDCI) से जुड़ी हुई हैं।
    - आंचल वहां फैशन कंटेंट क्रिएटर के तौर पर असोसिएटेड हैं। इनके वीडियोज में फैशन डिजाइनर्स द्वारा बताए उनके कलेक्शन के पीछे की इन्सपिरेशन जैसे टॉपिक्स कवर होते हैं।

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Web Title: Girl Turns Waste Material In To Jewellery Used In New York Fashion Week
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