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जीआरपी प्रभारी ने एसआई को दी गालियां, ऑडियो भी वायरल हुआ

थाना प्रभारी को इस कदर नागवार गुजरा कि उन्होंने फोन कर आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर से गाली-गलौज की।

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 04:39 AM IST

फरीदाबाद. आरपीएफके सब-इंस्पेक्टर द्वारा पश्चिम एक्सप्रेस में एक महिला यात्री की मदद करना और वूमेन सेल को सूचना देना जीआरपी थाना प्रभारी को इस कदर नागवार गुजरा कि उन्होंने फोन कर आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर से गाली-गलौज की। उनका यह ऑडियो वायरल हो गया। इसके बाद आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद ने इसकी लिखित शिकायत जीआरपी के डीजीपी को भेजकर जीआरपी प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामला दो जनवरी का है। उधर इस मामले में जीआरपी के एसपी विनोद कुमार का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं आरोपी थाना प्रभारी ने आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर की गलती होने और उनसे बदसलूकी करने की बात कही है।

घटना के दो दिन बाद गाली-गलौज का ऑडियो वायरल हो गया। इसके बाद आरटीआई कार्यकर्ता वरुण श्योकंद ने इसकी लिखित शिकायत रेलवे के डीजीपी से कर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह गाली-गलौज करना शोभा नहीं देता। जब वह पुलिसकर्मी के साथ ऐसा व्यवहार कर रहे हैं तो आमजन से उनका कैसा व्यवहार होता होगा। उधर थाना प्रभारी पोरस कुमार का कहना है कि यदि आरपीएफ कर्मी ने महिला को उतारा था तो उन्हें सूचना देनी थी कि वूमेन सेल को बताना था। कार्रवाई तो जीआरपी को ही करनी है। उनका कहना है कि जब उन्होंने अारपीएफ कर्मी से बात की तो वह बदसलूकी से पेश आया। गुस्से में गाली निकल गई।

वूमेन सेल से फोन आने पर नाराज हो गए थाना प्रभारी
दो जनवरी को ग्रेटर नोएडा के कासना में रहने वाले वशिष्ठ कुमार पत्नी ममता के साथ गुजरात जाने के लिए नई दिल्ली आए थे। उन्होंने पश्चिम एक्सप्रेस के जनरल कोच में पत्नी को चढ़ा दिया लेकिन खुद नहीं चढ़ पाए। रास्ते में पति के स्टेशन पर ही छूट जाने की जानकारी होने पर महिला रोने लगी।

फरीदाबाद में रात करीब पौने नौ बजे ट्रेन पहुंचने पर यात्रियों ने महिला को उतारकर अारपीएफ के ड्यूटी अफसर आईएस नागर को सौंप दिया। बताया जाता है कि नागर ने इसकी सूचना वूमेन सेल को दे दी। वूमेन सेल से जीआरपी थाना प्रभारी पोरस कुमार के पास फोन आया। आराेप है कि पोरस कुमार इसी बात से नाराज हो गए और उन्होंने आरपीएफ सब-इंस्पेक्टर को फोन कर गाली-गलौज करने और देख लेने की धमकी दी।