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स्वास्थ्य बीमा योजना इसी हफ्ते कैबिनेट में होगी पास, 10 करोड़ 74 लाख परिवारों को फायदा

पहले वर्ष में 10 हजार करोड़ खर्च का अनुमान

Danik Bhaskar | Mar 14, 2018, 03:34 AM IST
स्कीम का लाभ देने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सूची तैयार की है। उसमें यह संख्या 10 करोड़ 74 लाख पहुंच गई है। -सिम्बॉलिक स्कीम का लाभ देने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सूची तैयार की है। उसमें यह संख्या 10 करोड़ 74 लाख पहुंच गई है। -सिम्बॉलिक

नई दिल्ली. देश के आर्थिक रूप से कमजोर 10 करोड़ 74 लाख परिवारों (53 करोड़ 70 लाख लोग) को पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा देने की योजना इसी हफ्ते कैबिनेट में पास हो सकती है। कैबिनेट ने नोट तैयार कर लिया गया है। इसे मंजूरी मिलने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।

केंद्र की हिस्सेदारी 6 हजार करोड़, राज्यों की 4 हजार करोड़

- बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने 10 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचने का जिक्र किया था, लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सूची तैयार की है उसमें यह संख्या 10 करोड़ 74 लाख पहुंच गई है, इस संख्या को कैबिनेट नोट में शामिल किया गया है।

- पहले साल में इस पर 10 हजार करोड़ रुपए खर्च का अनुमान लगाया गया है, जिसमें केंद्र की हिस्सेदारी 6 हजार करोड़ और राज्यों की चार हजार करोड़ की होगी।


स्कीम की शुरुआत ट्रस्ट मोड पर करने की मांग

- उधर, आंध्र प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से कहा है कि उनके राज्य से एनएचपीएस स्कीम की शुरुआत ट्रस्ट मोड पर की जाए।

- स्वास्थ्य मंत्रालय के एक सीनियर ऑफिसर ने बताया कि सभी राज्यों के साथ एनएचपीएस स्कीम को लेकर बैठक हो गई है और सभी ने इसे लागू करने पर अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है।

1300 तरह की जांच, सर्जरी, प्रॉसीजर के चार्जेज भी तय
- डायरेक्टर जनरल, हेल्थ की अगुआई में बनी एक्सपर्ट्स की कमेटी ने नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम (एनएचपीएस) के तहत मिलने वाली सुविधाओं की कीमत तय की है।

- कमेटी ने 1300 प्रकार की जांच, इलाज, प्रॉसीजर और सर्जरी के चार्जेज तय किए हैं। अब इस ड्राफ्ट को नीति आयोग को सौंपा जाएगा।

कुल खर्च में केंद्र की हिस्सेदारी 6 हजार करोड़ और राज्यों की 4 हजार करोड़ की होगी। -सिम्बॉलिक कुल खर्च में केंद्र की हिस्सेदारी 6 हजार करोड़ और राज्यों की 4 हजार करोड़ की होगी। -सिम्बॉलिक