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हेलमेट से कनेक्ट होगा एेप, दुर्घटना होते ही परिजनों को भेजेगा मैसेज

30 मिनट में घायल को मिल जाएगी हेल्थ सर्विस

Danik Bhaskar | Jan 24, 2018, 08:07 AM IST
2500 रु. का होगा हेलमेट, अगस्त से बाजार में आएगा 2500 रु. का होगा हेलमेट, अगस्त से बाजार में आएगा

नई दिल्ली. एक ऐसा मोबाइल एप तैयार किया गया है, जो आपके हेलमेट से कनेक्ट होगा। ऐसे में अगर किसी दुर्घटना में बाइक सवार घायल होता है, तो उसकी सूचना सिर्फ 2 मिनट में ही परिजनों को मैसेज अलर्ट से मिल जाएगी। साथ ही एंबुलेंस को भी तुरंत मैसेज पहुंच जाएगा। 30 मिनट के अंदर घायल को हेल्थ सर्विस उपलब्ध हो जाएगी। इसके अलावा यह एप चालक को अलग-अलग लोकेशन के रूट की जानकारी भी देगा। यह एप दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (डीटीयू) में बीटेक के छात्र प्रतीक ने तैयार किया है। यह हेलमेट 2500 रुपये का होगा। इसे अगस्त में बाजार में उतारा जाएगा।

- इस पूरी योजना के सिलसिले में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों से भी बातचीत की जाएगी। इसमें पीड़ित को एक लाख रुपये का इंश्योरेंस भी मिलेगा।

- प्रतीक ने बताया कि इस मोबाइल एप “मोटो बड्डी’ को केंद्र सरकार के स्टार्ट अप इंडिया और डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन (डीआईपीपी) से मान्यता प्राप्त है।

हेलमेट में लगी चिप से पहुंच जाएगा अलर्ट
छात्र प्रतीक ने बताया कि मोटो बड्डी एप में रजिस्टर कराते समय अपना नाम, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर और तीन रेफरेंस नंबर रजिस्टर कराने होंगे। रेफरेंस में परिवार के सदस्यों के नंबर डाल सकते हैं। यह एप हेलमेट से कनेक्टेड होगा। हेलमेट में चिप लगी है। किसी बाइक सवार का एक्सीडेंट होता है, तो चिप के जरिए ही परिजनों व अस्पताल को सूचना भेजी जाती है।

एक्सीडेंट के बाद प्रतीक काे नहीं मिली मदद, तो बनाया एेप

छात्र प्रतीक ने बताया कि साल 2015 में नवंबर में नेहरू प्लेस में जब वह शाम को स्कूटी से घर जा रहे थे। तो एक बस की टक्कर से उनका एक्सीडेंट हो गया। तब एक घंटे तक कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया। इससे सबक लेते हुए उन्होंने यह एप तैयार किया।

एंबुलेंस एप से कनेक्टेड होंगी, जल्द साइन होगा एमओयू
छात्र प्रतीक ने बताया कि हेलमेट में एक ब्लिंकिंग लाइट लगी है। इसकी मदद से रात में भी बाइक सवार साफ नजर आ जाएगा। इस सिलसिले में दो प्राइवेट अस्पतालों से संपर्क किया गया है। जल्द ही इनसे एमओयू साइन कर लिया जाएगा। इन अस्पतालों की एंबुलेंस मोबाइल एप से कनेक्टेड होंगी। जो तुरंत घायल तक पहुंचेगी।

- हेलमेट में लगे स्पीकर से गूगल वॉयज से रूट की होगी जानकारी

- 28 मौतें रोज होती हैं हेलमेट न पहनने से देश में।

- एक लाख का इंश्योरेंस भी मिलेगा- ढाई हजार का यह हेलमेट खरीदते समय बाइक चालक को एक लाख रुपए का इंश्योरेंस भी मिलेगा।

- हेलमेट में लगी लाइट से रात में भी साफ दिखेगा बाइक सवार

- 1.4 लाख लोग समय पर इलाज न मिलने से हर साल मरते हैं।

एक्सीडेंट के बाद प्रतीक काे नहीं मिली मदद, तो बनाया एप एक्सीडेंट के बाद प्रतीक काे नहीं मिली मदद, तो बनाया एप