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हाईकोर्ट ने पूछा- बाबा अगर कुछ गैर कानूनी नहीं कर रहे तो छिपे क्यों बैठे हैं?

यूनिवर्सिटी से छुड़ाई लड़कियों को लेकर हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट की नाराजगी साफ नजर आई।

Dainik Bhaskar

Jan 05, 2018, 06:18 AM IST
आश्रमों पर छापेमारी के बाद बाब आश्रमों पर छापेमारी के बाद बाब

नई दिल्ली. बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित केस में गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। बाबा के आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के वकील अनमोल कोंकर्णी और प्रतिनिधि दीपक एंटनी डीसिल्वा 14 दिन बाद भी हाईकोर्ट में यह नहीं बता सके कि बाबा कहां है? एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरिशंकर की बेंच ने कहा कि क्या अब सीबीआई बाबाओं को ढूंढती रहे। अगर वीरेंद्र देव ने कुछ गलत नहीं किया है तो छिप क्यों रहे हैं? कोर्ट ने कहा कि उनके पास बाबा के खिलाफ वारंट जारी करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। बता दें कि वीरेंद्र देव के दिल्ली समेत देशभर में आश्रम हैं। इनमें लड़कियों के शोषण के आरोप लगने पर पिछले दिनों छापेमारी हुई थी।

वकील बोला- यह ब्रह्मकुमारी की साजिश

- कोर्ट ने बाबा के वकील और आश्रम के प्रतिनिधि से कहा कि 22 दिसंबर को आपने बताया था कि वह दीपक के जरिए बाबा से संपर्क करेंगे और आज दोनों कोर्ट को बता रहे हैं कि उन्हें बाबा के बारे में जानकारी नहीं। आप आध्यात्मिक प्रवचन के नाम पर नाबालिग लड़कियों को पिंजरे और ताले में रखेंगे। उनके साथ दुष्कर्म करेंगे और सीबीआई आपको ढूंढकर लाए। क्या सीबीआई के पास यही काम रह गया है कि अब बाबाओं को ढूंढेगी।

- कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए वकील से कहा कि पहले आपको संदेह के आधार पर मौका दिया गया, लेकिन आगे ऐसा नहीं होगा। केवल कानूनी प्रक्रिया पालन करने की मजबूरी है, वरना हम आप पर कार्रवाई करते।

- इस पर वकील ने कहा कि हमने 3900 पेज का जवाब दाखिल किया है। बाबा और आश्रम पर लगे आरोप गलत हैं। यह ब्रह्मकुमारी की साजिश है। जल्द ही कोर्ट में एक स्टिंग जमा कराएंगे।

कोर्ट ने उठाए सवाल

- बेंच ने कहा कि अगर बाबा कुछ गैरकानूनी काम नहीं कर रहे और लोगों की भलाई कर रहे हैं तो सामने क्यों नहीं आते? क्यों छिपकर बैठे हैं और कोर्ट में पेश नहीं होते?

- कोर्ट ने आश्रम के वकील से कहा कि यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक बाबा धर्म के नाम पर गलत काम कर रहा है और एक वकील उसकी पैरवी करने यहां खड़ा है। आप झूठ कह रहे हैं। आपको पता है कि बाबा कहां है। यहां तक की आज की सुनवाई की पूरी डिटेल भी आप बाबा को देंगे, हम ये भी जानते हैं।

प्रतिनिधि बोला- बाबा की जान खतरे में

- आश्रम के प्रतिनिधि दीपक एंटनी डीसिल्वा ने कोर्ट से कहा, ''बाबा की जान को खतरा है। मैं केवल एक-दो बार बाबा से मिला हूं। वह कहां हैं, मुझे नहीं पता। सभी आश्रम दान से चलते हैं।''

- इस पर कोर्ट ने कहा कि हमें समझ में नहीं आता। जब संगठन का कोई अकाउंट नहीं तो यह पैसा कहां से आता है और खर्चा कैसे होता है।

बाबा ने सब छिपा रखा है

- दिल्ली महिला आयोग की चीफ स्वाति जयहिंद ने कहा कि हमने कई आश्रम में छापेमारी की, लेकिन कहीं भी रिकाॅर्ड मेंटेन नहीं रखा गया। यह नहीं बताया गया कि आश्रम का इंचार्ज कौन है। बाबा ने सब छिपा रखा है।

कोर्ट की पुलिस को फटकार

- सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस को भी खरी-खरी सुनाई। कोर्ट ने एसीपी पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि जब आश्रम की लड़कियों ने शिकायत दी थी तो वह बत्तख की तरह बैठे रहे।

बाबा के अनुयायियों में बड़े कई बड़े लोग: प्रतिनिध

- वीरेंद्र देव के करीबी और रोहिणी आश्रम के प्रतिनिधि दीपक एंटनी डीसिल्वा ने दैनिक भास्कर से बात की। बाबा के सभी आश्रमों के खातों की देख-रेख का जिम्मा दीपक के ही पास है।

Q: वीरेंद्र देव दीक्षित व स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी पर लगे रेप, धमकी व अन्य आरोपों का सच क्या है?

A: वीरेंद्र देव दीक्षित व स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी पर लगे सभी आरोपों पर कोर्ट में जवाब दिया जा रहा है। सभी आरोप बेबुनियाद हैं और सीबीआई जांच के बाद सबकी सच्चाई सामने आ जाएगी। सभी आरोप बह्माकुमारी वाले लगवा रहे हैं।

Q: वीरेंद्र देव दीक्षित कहां है?
A:
वीरेंद्र देव स्पिरिचुअल यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ भ्राता हैं। वह पूरे देश में फैले आश्रमों में प्रवचन के लिए समय-समय पर जाते रहते हैं। वह अभी किस आश्रम में हैं, इसका किसी को नहीं पता। जल्द ही वह सबके सामने होंगे और आश्रम में लगे सभी आरोपों पर जवाब देंगे।

Q: आश्रम में लड़कियों को जबरन और तालों के बीच क्यों रखा जा रहा है, जबकि आश्रम में ज्यादा महिलाएं ही हैं?
A:
मैं करीब 25 आश्रमों में घूम चुका हूं। किसी भी आश्रम में ताले नहीं लगे हैं। जहां तक दिल्ली (विजय विहार) वाले आश्रम की बात है, तो वहां सुरक्षा कारणों को लेकर ताले लगाए गए हैं। आश्रम पर कई बार हमले हो चुके हैं। पुलिस से इस बाबत सुरक्षा की गुहार लगाई गई थी, तो उन्होंने एक कॉन्स्टेबल दिया। एक समय आश्रम में ताले थे, जिसके चलते हमले के दौरान ताले तोड़ने में समय लगा और पुलिस आश्रम में पहुंच गई। नहीं तो आश्रम पर हमला करने वाले कुछ भी कर सकते थे। यहां बहनें रहती हैं। उनकी सुरक्षा सबसे जरूरी है।

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