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27 लीजेंड पेंटर का आर्ट वर्क एक छत के नीचे, कीमत करोड़ों में

यहां रजा, अमृता, हैब्बर, जरीना कर रहे गुफ्तगू; इंडिया हैबिटेट सेंटर में लगाया गया है पेंटिंग्स का मिलियन डॉलर फ्रेंच

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 06:42 AM IST
इंदौर बाजार: रजा की इस पेंटिंग की खासियत यह है कि जहां उनका ज्यादातर काम ऑयल पेंट्स के साथ देखने को मिलता है, वहीं इस पेंटिंग में हैडमेड पेपर पर वॉटर कलर के उनके स्ट्रोक देखते ही बनते हैं। इंदौर के बाजार को कागज के एक टुकड़े पर उतारा हुआ देखना उनकी पेंटिंग्स की रेंज से रूबरू कराता है। इंदौर बाजार: रजा की इस पेंटिंग की खासियत यह है कि जहां उनका ज्यादातर काम ऑयल पेंट्स के साथ देखने को मिलता है, वहीं इस पेंटिंग में हैडमेड पेपर पर वॉटर कलर के उनके स्ट्रोक देखते ही बनते हैं। इंदौर के बाजार को कागज के एक टुकड़े पर उतारा हुआ देखना उनकी पेंटिंग्स की रेंज से रूबरू कराता है।

नई दिल्ली. इंडिया हैबिटेट सेंटर के हॉल नंबर 5-A के दरवाजे से आप जैसे ही भीतर जाएंगे, आपका सामना महान पेंटर एसएच रजा की ख्याति प्राप्त पेंटिंग ‘बिंदु’से होता है। लेफ्ट साइड में उन्हीं की पेंटिंग ‘कैरकेसोना से एक खूबसूरत शहर झांकता नजर आएगा। जैसे ही आगे गलियारे में मुड़ेंगे अमृता शेर गिल की पेंटिंग के हाथों से बनाई उनके पिता की पेंटिंग आपको रोक लेगी। कदम-दर-कदम आप ऐसी पेंटिंग्स के एक नए संसार में खोते जाएंगे। आखिर एक छत के नीचे इतने आर्टिस्टों का काम देखने को मिलेगा। किसी आर्ट फेयर के अलावा यह पहला मौका है जब महान 27 भारतीय पेंटर्स का आर्ट वर्क एक जगह लाया गया है। इनमें ज्यादातर ऐसे हैं जिनके काम की कीमत करोड़ों में है। प्रदर्शनी 11 फरवरी तक चलेगी और एंट्री फ्री है।


कैसे हुआ मुमकिन
दिल्ली, मुंबई और न्यू यॉर्क की पॉपुलर आर्ट गैलरी डीएजी (DAG)ने दुनिया की बेहतरीन पेंटिंग्स और स्कल्पचर का महान कलेक्शन लोगों के सामने पेश किया है। आर्ट गैलरी के मैनेजर फरदीन कमाल ने बताया कि यह पहला मौका है जब किसी आर्ट फेयर के अलावा एक छत के नीचे इतने बड़े कलाकारों का आर्ट वर्क एक साथ डिस्प्ले किया गया है।


क्या है फ्रेंच कनेक्शन
भले ही एग्जिबिशन को डीएजी आर्ट गैलरी लेकर आई है लेकिन सभी कलाकारों में एक बात कॉमन है। वह है उनका फ्रेंच कनेक्शन। एग्जिबिशन में शामिल आर्टिस्टों में से ज्यादातर फ्रांस में पढ़े हैं या लंबा वक्त फ्रांस में बिता चुके हैं।

बैले डांसर: बैले डांसर बैले डांसर का बैलेंस और नजाकत के साथ उसकी ताकत लोगों को हैरान कर देती है। उसी तरह केके हैब्बर की पेंटिंग की बैले डांसर कृति में रंगों का वैसा ही संतुलन है। रंगों के साथ ब्रश के जरिए पैदा किया गया लोच इसे खास मूवमेंट देता है। बैले डांसर: बैले डांसर बैले डांसर का बैलेंस और नजाकत के साथ उसकी ताकत लोगों को हैरान कर देती है। उसी तरह केके हैब्बर की पेंटिंग की बैले डांसर कृति में रंगों का वैसा ही संतुलन है। रंगों के साथ ब्रश के जरिए पैदा किया गया लोच इसे खास मूवमेंट देता है।
केके हैब्बर केके हैब्बर
पेंटर राम कुमार पेंटर राम कुमार
दो बहनें: दो बहनें पेंटर राम कुमार की ‘दो बहनें’ नाम की पेंटिंग इस मायने में खास है कि यह लैंडस्केप के साथ ही इंसानी भावनाएं भी समेटे हैं। दोनों बहनों के बैक ग्राउंड में दिखता एक उलझा शहर कैनवस पर एक कहानी कहता नजर आता है। दो बहनें: दो बहनें पेंटर राम कुमार की ‘दो बहनें’ नाम की पेंटिंग इस मायने में खास है कि यह लैंडस्केप के साथ ही इंसानी भावनाएं भी समेटे हैं। दोनों बहनों के बैक ग्राउंड में दिखता एक उलझा शहर कैनवस पर एक कहानी कहता नजर आता है।
बिंदु (1984) बिंदु (1984)

बिंदु (1984)
भारतीय दर्शन में एक बिंदु भी उतना ही अहम है जितना उसका विस्तार। यही विस्तार को देखने को मिलता है पेंटर एसएच रजा की पेंटिंग्स में। उनकी पेंटिंग बिंदु के आसपास जैसे पूरी कायनात उतार लाती है। रजा अपनी खास स्टाइल के लिए जाने जाते हैं। दुनिया भर में उनके काम की धाक को इस बात से ही समझा जा सकता है कि उनकी पेंटिंग्स की कीमत करोड़ों में होती है।

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इंदौर बाजार: रजा की इस पेंटिंग की खासियत यह है कि जहां उनका ज्यादातर काम ऑयल पेंट्स के साथ देखने को मिलता है, वहीं इस पेंटिंग में हैडमेड पेपर पर वॉटर कलर के उनके स्ट्रोक देखते ही बनते हैं। इंदौर के बाजार को कागज के एक टुकड़े पर उतारा हुआ देखना उनकी पेंटिंग्स की रेंज से रूबरू कराता है।इंदौर बाजार: रजा की इस पेंटिंग की खासियत यह है कि जहां उनका ज्यादातर काम ऑयल पेंट्स के साथ देखने को मिलता है, वहीं इस पेंटिंग में हैडमेड पेपर पर वॉटर कलर के उनके स्ट्रोक देखते ही बनते हैं। इंदौर के बाजार को कागज के एक टुकड़े पर उतारा हुआ देखना उनकी पेंटिंग्स की रेंज से रूबरू कराता है।
बैले डांसर: बैले डांसर बैले डांसर का बैलेंस और नजाकत के साथ उसकी ताकत लोगों को हैरान कर देती है। उसी तरह केके हैब्बर की पेंटिंग की बैले डांसर कृति में रंगों का वैसा ही संतुलन है। रंगों के साथ ब्रश के जरिए पैदा किया गया लोच इसे खास मूवमेंट देता है।बैले डांसर: बैले डांसर बैले डांसर का बैलेंस और नजाकत के साथ उसकी ताकत लोगों को हैरान कर देती है। उसी तरह केके हैब्बर की पेंटिंग की बैले डांसर कृति में रंगों का वैसा ही संतुलन है। रंगों के साथ ब्रश के जरिए पैदा किया गया लोच इसे खास मूवमेंट देता है।
केके हैब्बरकेके हैब्बर
पेंटर राम कुमारपेंटर राम कुमार
दो बहनें: दो बहनें पेंटर राम कुमार की ‘दो बहनें’ नाम की पेंटिंग इस मायने में खास है कि यह लैंडस्केप के साथ ही इंसानी भावनाएं भी समेटे हैं। दोनों बहनों के बैक ग्राउंड में दिखता एक उलझा शहर कैनवस पर एक कहानी कहता नजर आता है।दो बहनें: दो बहनें पेंटर राम कुमार की ‘दो बहनें’ नाम की पेंटिंग इस मायने में खास है कि यह लैंडस्केप के साथ ही इंसानी भावनाएं भी समेटे हैं। दोनों बहनों के बैक ग्राउंड में दिखता एक उलझा शहर कैनवस पर एक कहानी कहता नजर आता है।
बिंदु (1984)बिंदु (1984)
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