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100 साल पहले ऐसी दिखती थी दिल्ली, इसलिए इसे बनाया था देश की राजधानी

ब्रिटिश सरकार ने भारत की राजधानी कलकत्ता (अब कोलकाता) से दिल्ली लाने का फैसला किया गया था।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 02:07 AM IST
1895 में दिल्ली का कश्मीरी गेट। 1895 में दिल्ली का कश्मीरी गेट।

नई दिल्ली. दिल्ली को 13 फरवरी 1931 को भारत की राजधानी बनाया गया था। इसकी घोषणा 12 दिसंबर 1911 को जॉर्ज पंचम ने की थी। आखिरी मुगल बहादुर शाह जफ़र के बाद सन 1857 में कलकत्ता देश की राजधानी थी। जानकारी के मुताबिक मुगल राजाओं भी दिल्ली में ही रहकर देश पर शासन करते थे और यहीं से अपना साम्राज्य चलाते थे। दिल्ली को कहते थे इन्द्रप्रस्थ...


- माना जाता है कि 1450 ईसापूर्व पांडवों ने दिल्ली को बसाया था।
- दिल्ली पर मोहम्मद गौरी, अलाउद्दीन खिलजी,अकबर आदि का शासन भी रह चुका है।
- दिल्ली को पांडवों की राजधानी इन्द्रप्रस्थ के रूप में जाना जाता था।
- माना जाता है कि दिल्ली को राजधानी बनाने का कारण ये था कि दिल्ली में बैठकर आसानी से शासन चलाया जा सकता है क्यों कि अंग्रेजों से पहले भी मुगलों ने भी यहीं से शासन चलाया था।

कई राजा महाराजा पहुंचे थे कार्यक्रम में

- 1911 में ब्रिटिश सरकार ने भारत की राजधानी कलकत्ता (अब कोलकाता) से दिल्ली लाने का फैसला किया गया था।

- ये फैसला होने जॉर्ज पंचम ने 80 हजार लोगों के सामने दिल्ली में आयोजित दिल्ली दरबार में सुनाया था।

- इसके लिए दिल्ली से बाहर बुराड़ी में दिल्ली दरबार का आयोजन किया गया था।
- इसमें देश के कोने-कोने से राजा, महाराजा महारानियों के साथ पहुंचे थे।
- कार्यक्रम में तत्कालीन वायसराय जॉर्ज पंचम ने दिल्ली को भारत की राजधानी बनाने की घोषणा की थी।

दिल्ली के बारे में

- दिल्ली में चाँदनी चौक, पालिका बाज़ार , कनॉट प्लेस , बल्लीमारान , दिल्ली हाट आदि कई फेमस बाजार हैं।
- दिल्ली में कला प्रेमियों के लिए कई संग्रहालय भी हैं जैसे- राष्ट्रीय संग्रहालय, राष्ट्रीय रेल संग्रहालय, पुरातत्वीय संग्रहालय, स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय, गाँधी स्मृति, हस्त शिल्पकला संग्रहालय, भारतीय युद्ध संग्रहालय आदि
- दिल्ली के आसपास कई धार्मिक स्थान भी हैं जैसे- अक्षरधाम मंदिर, गुरुद्वारा बंगला साहिब, कालकाजी मन्दिर, लोटस टैंपल, संकट हरणी मंगल करणी शक्तिपीठ, झंडेवाला देवी मन्दिर, लक्ष्मीनारायण मन्दिर, निजामुद्दीन दरगाह आदि।
- साथ ही साथ दिल्ली में कई ऐतिहासिक स्थल भी हैं जैसे- इंडिया गेट, क़ुतुब मीनार, जन्तर मन्तर, संसद भवन, लाल क़िला, हुमायूँ का मक़बरा, जामा मस्जिद, राज घाट, राष्ट्रपति भवन, नसिरुद्दीन महमूद का मक़बरा, लोदी बगीचा , राजपथ आदि।

दिल्ली दरबार 1911 की एक फोटो दिल्ली दरबार 1911 की एक फोटो
दिल्ली के कनॉट प्लेस पर प्लाजा सिनेमा। यह वर्ष 1950 की तस्वीर है। दिल्ली के कनॉट प्लेस पर प्लाजा सिनेमा। यह वर्ष 1950 की तस्वीर है।
1950 में कुछ ऐसा दिखता था दिल्ली के कश्मीरी गेट का नजारा। 1950 में कुछ ऐसा दिखता था दिल्ली के कश्मीरी गेट का नजारा।
दिल्ली का सबसे पहला 5 स्टार होटल द अशोक 1950 में तैयार होते हुए। दिल्ली का सबसे पहला 5 स्टार होटल द अशोक 1950 में तैयार होते हुए।
1911 में किंग जॉर्ज पंचम व महारानी मैरी ने भारत की यात्रा की। यहां उनके तिलक हेतु दिल्ली दरबार सजा। 1911 में किंग जॉर्ज पंचम व महारानी मैरी ने भारत की यात्रा की। यहां उनके तिलक हेतु दिल्ली दरबार सजा।
दिल्ली में लगी प्लेट जिस पर दिल्ली दरबार के बारे में डिटेल दी गई है। दिल्ली में लगी प्लेट जिस पर दिल्ली दरबार के बारे में डिटेल दी गई है।
दिल्ली दरबार के समय जॉर्ज पंचम रानी के साथ। दिल्ली दरबार के समय जॉर्ज पंचम रानी के साथ।
कुतुब मीनार पहले कुछ ऐसी दिखती थी। कुतुब मीनार पहले कुछ ऐसी दिखती थी।
indias capital delhi rare photos
प्रगति मैदान पहले कुछ ऐसा दिखता था। प्रगति मैदान पहले कुछ ऐसा दिखता था।
दिल्ली के कनॉट प्लेस दिल्ली के कनॉट प्लेस
1947 में नई दिल्ली की सड़कों पर गश्त करने वाले सैनिक 1947 में नई दिल्ली की सड़कों पर गश्त करने वाले सैनिक
रिपब्लिक डे ऐसे मनाया जाता था दिल्ली में। रिपब्लिक डे ऐसे मनाया जाता था दिल्ली में।
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1895 में दिल्ली का कश्मीरी गेट।1895 में दिल्ली का कश्मीरी गेट।
दिल्ली दरबार 1911 की एक फोटोदिल्ली दरबार 1911 की एक फोटो
दिल्ली के कनॉट प्लेस पर प्लाजा सिनेमा। यह वर्ष 1950 की तस्वीर है।दिल्ली के कनॉट प्लेस पर प्लाजा सिनेमा। यह वर्ष 1950 की तस्वीर है।
1950 में कुछ ऐसा दिखता था दिल्ली के कश्मीरी गेट का नजारा।1950 में कुछ ऐसा दिखता था दिल्ली के कश्मीरी गेट का नजारा।
दिल्ली का सबसे पहला 5 स्टार होटल द अशोक 1950 में तैयार होते हुए।दिल्ली का सबसे पहला 5 स्टार होटल द अशोक 1950 में तैयार होते हुए।
1911 में किंग जॉर्ज पंचम व महारानी मैरी ने भारत की यात्रा की। यहां उनके तिलक हेतु दिल्ली दरबार सजा।1911 में किंग जॉर्ज पंचम व महारानी मैरी ने भारत की यात्रा की। यहां उनके तिलक हेतु दिल्ली दरबार सजा।
दिल्ली में लगी प्लेट जिस पर दिल्ली दरबार के बारे में डिटेल दी गई है।दिल्ली में लगी प्लेट जिस पर दिल्ली दरबार के बारे में डिटेल दी गई है।
दिल्ली दरबार के समय जॉर्ज पंचम रानी के साथ।दिल्ली दरबार के समय जॉर्ज पंचम रानी के साथ।
कुतुब मीनार पहले कुछ ऐसी दिखती थी।कुतुब मीनार पहले कुछ ऐसी दिखती थी।
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1947 में नई दिल्ली की सड़कों पर गश्त करने वाले सैनिक1947 में नई दिल्ली की सड़कों पर गश्त करने वाले सैनिक
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