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जग्गा को आया था कार्डिएक अरेस्ट, आधा घंटा किया था हार्ट पंप

28 अक्टूबर को एम्स में डॉक्टरों ने जग्गा-बलिया को अलग कर देश को पहली बार ऐसी सफलता दिलाई थी।

Danik Bhaskar | Dec 30, 2017, 04:37 AM IST

नई दिल्ली। 28 अक्टूबर को एम्स में डॉक्टरों ने जग्गा-बलिया को अलग कर देश को पहली बार ऐसी सफलता दिलाई थी। अब साल खत्म होने को है। भास्कर ने इस मौके पर दिल्ली के लिए साल की सबसे बड़ी मेडिकल उपलब्धि के पांच हीरो से बात की। इनसे बातचीत का एक कारण यह भी रहा कि दोनों बच्चे खतरे से बाहर चुके हैं। यानी अब इसे 100% सफल ऑपरेशन कहा जा सकता है। दोनों अभी एम्स में ही हैं। आधा घंटा किया था हार्ट पंप ...

- जग्गा-बलिया को जैसे ही अलग किया, जग्गा को कार्डियक अरेस्ट गया। आधा घंटा उसके हार्ट को हाथों से पंप किया। 35 मिनट बाद जग्गा हार्टबीट नॉर्मल हुई।’

- 75 डॉक्टरों की टीम में शामिल एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर गिरिजा प्रसाद रथ ने सर्जरी के सबसे खतरनाक लम्हे को ऐसे याद किया।

- प्लास्टिक सर्जन डॉ. मनीष सिंघल बोले, पहले बच्चे को उल्टा लिटाकर सिर की ग्राफ्टिंग (स्किन से सिर ढकना) करनी थी। पर कार्डियक अरेस्ट के कारण जग्गा को सीधे लिटाना पड़ा और सिर को उठाकर स्किन लगाई गई।

- इस बीच हार्ट पंप करने का प्रोसेस चलता रहा। टीम को कॉर्डिनेट डॉ. दीपक माथुर ने किया, सुपरविजन डॉ. एके महापात्रा ने।

तीन देशों के डॉक्टरों से कंसल्ट : डॉ.दीपक गुप्ता ने बताया कि अमेरिका, सिंगापुर और जापान के डॉक्टरों से इस मामले में कंसल्ट किया गया।
अमेरिका से मंगाया थ्री-डी स्कल : अमेरिकासे कंप्यूटर जेनरेटेड थ्री डी सिर बन कर आया। इसमें हड्डियां, वेन्स और दूसरे सभी पार्ट्स थे। बच्चों के सिर को कहां से और कैसे अलग करना है, इससे मदद मिली।
हार्ट अटैक से अलग है कार्डियक अरेस्ट : कार्डियक अरेस्ट में दिल की धड़कन पर असर पड़ता है जबकि हार्ट अटैक में दिल की पेशियों तक खून नहीं पहुंचता। इससे ये काम करना बंद कर देती हैं।