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सोने के सिक्के का इनाम और शादी भी, खोलना होगा सांड के सींग में बंधा कपड़ा

इस जानलेवस खेल में जीतने सांड के सींग में बंधे कपड़े को खोलना होता है।

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2018, 12:10 AM IST
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मदुरै. तमिलनाडु में तीन साल बाद फिर कानूनी रूप से जल्लीकट्‌टू खेल हुआ। मंगलवार को शिवगंगा में सांड के हमले में दो और त्रिची में एक व्यक्ति की मौत हो गई। राज्य में 200 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। सोमवार को मदुरै में 19 साल के लड़के की मौत हुई थी। इस खेल में सांड के सींग में बंधे कपड़े को खोलना होता है। विजेता को इनाम में कार, सोने के सिक्के, टू-व्हीलर, टीवी, फ्रिज दिया जाता है। युवक की शादी की भी परंपरा है। इस बार भी एक लड़की की शादी की बात सामने आई है।

20 साल में 200 की जान जा चुकी है

- जल्लीकट्‌टू के लिए सांडों को 6 महीने तक तैयार किया जाता है।
- इस बार सांडों की कीमत 1 लाख से 2 लाख रुपए तक रही।
- कोर्ट के बैन से पहले सामान्य सांड 5 लाख रु. तक बिकते थे।
- राज्य में 2010-14 के बीच 17 लोगों की जल्लीकट्‌टू के दौरान मौत हुई।

- इस खेल से 20 साल में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
- 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने खेल को पशु हिंसा मानते हुए बैन कर दिया था।

25 हजार सांड और 1 लाख कंटेस्टेंट ने हिस्सा लिया

अलंगनल्लूर में सीएम पलानीसामी ने जल्लीकट्‌टू को हरी झंडी दिखाई। इस बार राज्य में 14 से 16 जनवरी तक 24 बड़े और 200 से ज्यादा छोटे आयोजन हुए। इसमें 25 हजार सांड और 1 लाख प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया, जबकि 20 से 25 लाख लोगों ने इस संघर्ष को देखा। 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने इस खेल पर रोक लगा दी थी। राज्य में हिंसक प्रदर्शन और केंद्र सरकार के अनुरोध पर पिछले साल रोक हटा ली गई थी।

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