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रात एक बजे आया फोन- मैं डीसीपी नाइक बोल रहा हूं, तुम्हारा बच्चा मिल गया

​राजन शर्मा | Last Modified - Feb 07, 2018, 09:06 AM IST

जीटीबी अस्पताल आ जाओ, यह शब्द जिंदगी भर नहीं भूल सकती- विहान की मां
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    नई दिल्ली. 12 रातों से मैं सोई नहीं थी, सोमवार रात करीब 1.05 बजे उनके ससुर का फोन बजा और फोन करने वाले ने कहा कि मैं डीसीपी रामनाइक बोल रहा हूं, बच्चा मिल गया है। जीटीबी अस्पताल आ जाओ उसके यह शब्द जिंदगी भर नहीं भूल सकती। यह बोलते ही विहान की मां शिखा रोने लगी। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने पैसों की डिमांड के बाद विहान के दो वीडियो भेजे थे, इन्हीं को देखकर वह पूरा-पूरा दिन गुजर दिया करती थी।


    डीसीपी का फोन आने के बाद दादा अशोक गुप्ता ने बेटे सन्नी को बुलाया और सन्नी ने बेटे विहान से फोन पर बात की और बोले कौन बोल रहा है। जवाब आया अापका चूहा बोल रहा हूं। इतना सुनते ही घर में फैली 12 दिन की मायूसी खुशी में बदल गई। सन्नी ने तुरंत शिखा को बताया कि चूहा मिल गया है और शिखा ने मायके फोन कर विहान के मिलने की खुशखबरी दी।


    मेरी लाठी लौट आई

    विहान के दादा ने बताया कि हमारी तो उम्मीद टूट गई थी। विहान का अपहरण हुए 12 दिन बीत गए थे। मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी। पांच दिनों से पुलिस भी हमसे संपर्क में नहीं थी। सब कुछ भगवान भरोसे छोड़ दिया था। यह लोगों की दुआओं का ही असर है कि मेरी लाठी लौट आई।


    दो वीडियो और छह फोटो भेजे थे आरोपियों ने

    शिखा ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें डराने के लिए विहान के दो वीडियोे और छह फोटो भेजे थे। जिन्हें देख पूरा परिवार डर गया था। ऐसे में परिजनों ने बदमाशों को पैसे देने का मन बना लिया था और बदमाशों के फोन का इंतजार कर रहे थे। लेकिन बदमाशाें का फोन नहीं आने से उनकी बेचैनी आेर बढ़ गई।


    दिमाग में गूंजते थे आईलवयू पापा के शब्द

    शिखा के अनुसार आरोपियों ने जो वीडियो भेजे थे उसमें विहान पापा आईलवयू बोल रहा था। ऐसे में जब वह देर रात कभी सोती थी तो उनके शब्द अचानक दिमाग में गूंजते थे और नींद खुद जाती थी। उन्हें 12 रातों से नींद नहीं आई थी।


    अंकल-आंटी गंदे थे अंकल शराब पीते थे

    परिजन जीटीबी अस्पताल पहुंचे तो दादा अशोक गुप्ता ने विहान को गोद में उठा लिया। जिसके बाद विहान उनसे लिपटकर खूब रोया। रोते हुए बच्चे ने कहा कि अंकल-आंटी गंदे थे। अंकल शराब पीते थे। एक दिन उन्होंने मुझे थप्पड़ भी मारा था। तभी मां को देखते ही विहान रोने लगा और उनसे लिपट गया।


    मेडिकल जांच और कुछ टेस्ट किए

    विहान के परिजनों ने बताया कि पुलिस ने अस्पताल लाने के बाद विहान का मेडिकल कराया। इस दौरान उन्होंने विहान के कई तरह के टेस्ट भी किए। इसके बाद परिजन पुलिस को धन्यवाद देकर रात में अस्पताल के पिछले गेट से निकल कर सीधे नांगलोई रवाना हो गया। नांगलोई में शिखा का मायका है।


    घर पहुंचने लगे लोग

    सुबह ही लोगों को समाचार माध्यमों के जरिए एनकाउंटर के बाद विहान के सकुशल छुड़ाने की खबर दिल्ली में फैली लाेग घर पहुंचने लगे।

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Web Title: Kidnapped Boy Vihan Free From Kidnappers In Delhi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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