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दिसंबर में मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 5 साल में सबसे ज्यादा, पीएमआई 54.7 दर्ज

साल 2017 मैन्युफैक्चरिंग में तेज ग्रोथ के साथ खत्म हुआ है। दिसंबर में इस सेक्टर की पीएमआई 54.7 दर्ज हुई।

Danik Bhaskar | Jan 03, 2018, 06:40 AM IST

नई दिल्ली . साल 2017 मैन्युफैक्चरिंग में तेज ग्रोथ के साथ खत्म हुआ है। दिसंबर में इस सेक्टर की पीएमआई 54.7 दर्ज हुई। यह 5 साल में सबसे ज्यादा है। नए ऑर्डर बढ़ने के कारण इसमें इतनी तेज ग्रोथ रही है। ज्यादा डिमांड की वजह से पिछले महीने भर्तियां भी 5 साल में सबसे अधिक हुई हैं। नवंबर में मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 52.6 थी। निक्केई का परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) कंपनियों के परचेजिंग मैनेजरों के सर्वे पर आधारित होता है। पीएमआई लगातार पांचवें महीने 50 से ऊपर रही है।

- इंडेक्स के 50 से ऊपर होने का मतलब है कि बिजनेस गतिविधियां बढ़ी हैं। अगर यह 50 से नीचे हुआ तो इसका मतलब है कि बिजनेस में गिरावट आई है। जुलाई में यह 47.9 पर था, जो इस इंडेक्स का अब तक का सबसे निचला स्तर है।
- मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि कंज्यूमर, इंटरमीडिएट और इन्वेस्टमेंट तीनों सेगमेंट में ग्रोथ रही है। रिपोर्ट तैयार करने वाली अर्थशास्त्री आशना दोधिया ने बताया कि घरेलू और विदेशी, दोनों बाजारों से मांग बढ़ी है।

- इस वजह से मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों ने नई भर्तियां भी की हैं। कच्चा माल भी महंगा हुआ है। लेकिन कंपनियां फिलहाल दाम बढ़ाने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि ग्राहकों की खरीदारी अब बढ़ना शुरू हुई है। इस कारण कंपनियों का मार्जिन कम हुआ है।

सवा साल में सबसे ज्यादा बढ़े नए ऑर्डर
उत्पादन : बढ़ोतरी दिसंबर 2012 के बाद सबसे ज्यादा।
नए ऑर्डर : इसमें वृद्धि अक्टूबर 2016 के बाद सर्वाधिक।
भर्तियां : अगस्त 2012 के बाद सबसे ज्यादा हुई हैं।
कच्चे माल : कीमतें अप्रैल 2017 के बाद सबसे ज्यादा बढ़ीं।
हर 5 में से एक कंपनी को प्रोडक्शन बढ़ने की उम्मीद
फ्यूचर आउटपुट इंडेक्स 3 महीने में सबसे मजबूत दिखा। हर 5 में से एक मैनेजर ने प्रोडक्शन बढ़ने की उम्मीद जताई। उन्हें अगले एक साल में बाजार की स्थितियां और बेहतर होने की उम्मीद है।

6 माह में सबसे निचले स्तर से 5 साल के उच्चतम स्तर पर
माह पीएमआई
जुलाई 47.9
अगस्त 51.2
सितंबर 51.2
अक्टूबर 50.3
नवंबर 52.6
दिसंबर 54.7
यूरो जोन में हुई सबसे तेज रिकवरी
देश/क्षेत्र पीएमआई
यूरो जोन 60.6
इंग्लैंड 56.3
फिलिपींस 54.2
चीन 51.5
मलेशिया 50.0
इंडोनेशिया 49.3