दिल्ली न्यूज़

--Advertisement--

मैक्स हॉस्पिटल को लाइसेंस पर 9 जनवरी तक राहत नहीं, अब सुनवाई 9 जनवरी को

डीएमसी ने सभी डॉक्टरों से फिर से मांगा जवाब।

Danik Bhaskar

Dec 20, 2017, 05:59 AM IST

नई दिल्ली. एलजी से गुहार लगाने के बाद भी मैक्स अस्पताल को राहत मिलती नहीं दिख रही है। एलजी ने पूरे मामले की सुनवाई के लिए चीफ कमिश्नर फाइनेंस रिंकू दुग्गा को अप्वाइंट किया है। सोमवार को दुग्गा ने मैक्स और दिल्ली हेल्थ डिपार्टमेंट के अधिकारियों को बुलाया था।

- एक घंटे से भी ज्यादा समय तक चली इस सुनवाई में मैक्स के सात वकील थे। जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वयं डीजीएचएस डॉ. कीर्ति भूषण थे। इसमें कोई फैसला नहीं हुआ। अगली सुनवाई 9 जनवरी को है। वहीं, दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) ने फिर अलग-अलग डॉक्टरों के जवाब मांगे हैं।

मैक्स का कहना है ये


- मैक्स ने तर्क दिया कि इतनी बड़ी घटना पर नर्सिंग होम एक्ट के नियमानुसार कम से कम एक महीने का वक्त दिया जाना चाहिए था। मगर ऐसा नहीं हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने जल्दबाजी में अस्पताल के खिलाफ लाइसेंस कैंसिल करने का फैसला ले लिया। जबकि स्वास्थ्य विभाग का तर्क था कि इससे पूर्व भी मैक्स अस्पताल शालीमार बाग की ओर से कई बार गलतियां की गई हैं।

- स्वास्थ्य विभाग के आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया है। इसमें ईडब्ल्यूएस के तहत इलाज नहीं देना और वेक्टर बॉर्न डिजीज के मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड रिजर्व नहीं करना प्रमुख रूप से शामिल है। ऐसे में जिंदा नवजात को मृत बताकर परिजनों को सौंपना चाहता था।

Click to listen..