Hindi News »Union Territory News »Delhi News »News» Medical Clowning Therapy In Uncle Nehru Hospital

बच्चों के अस्पताल में लगती है जोकरों की महफिल, बीमारी भूलकर मुस्कराते हैं बच्चे

आशु मिश्रा | | Last Modified - Jan 08, 2018, 02:47 AM IST

दिल्ली में एक ऐसा अस्पताल है जहां बच्चों को खुश करने के लिए क्लाउन का सहारा लिया जाता है।
  • बच्चों के अस्पताल में लगती है जोकरों की महफिल, बीमारी भूलकर मुस्कराते हैं बच्चे
    +1और स्लाइड देखें

    नई दिल्ली। दिल्ली में एक ऐसा अस्पताल है जहां बच्चों को खुश करने के लिए क्लाउन का सहारा लिया जाता है। वार्ड में भर्ती बच्चों को हंसाने के लिए ये क्लाउन रंग-बिरंगे गुब्बारों, कविताओं और गानों की मदद लेते हैं। नाचते-गाते जोकरों को अस्पताल में देखकर स्ट्रेचर पर लेटा दो साल का बच्चा भी खुशी में पैर पटकने लगता है। बच्चे जोकर के साथ रेलगाड़ी बन जाते हैं। यह नजारा हर शनिवार दिल्ली के चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में होता है। बच्चों को खुश करने की परंपरा की शुरुआत करीब डेढ़ साल पहले हुई थी। यहां न केवल बच्चे बल्कि डॉक्टर भी मनोरंजन करते हैं। अस्पताल के निदेशक डॉ. अनूप मेहता ने बताया कि यहां जोकर बनकर बच्चों को हंसाने वाले लोगों को क्लाउनसलर्स कहा जाता है। ये लोग क्लाउन बनकर बच्चों का काउंसलिंग करते हैं। भारत में केवल उन्हीं के अस्पताल में इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं।

    क्लाउनसलर्स के साथ खेलते साढ़े पांच साल के बच्चे को देखते हुए रागिनी दुबे ने बताया कि उनका बेटा बीमार है और वह गुस्सैल भी है। वह चिड़चिड़ा हो गया था और दूसरों बच्चों से बात नहीं करता है। उसकी तोड़-फोड़ से भी रागिनी काफी परेशान हैं। उन्होंने बताया कि दो महीने बाद उनका बेटा दूसरे बच्चों के साथ खेलने लगा है।

    सरकारी नौकरी तक छोड़ी
    गेस्ट फैकल्टी के रूप में एमिटी यूनिवर्सिटी में काम करने वाली शीतल ने सबसे पहले क्लाउनसलिंग की शुरुआत की थी। उन्हें बच्चों से बहुत प्यार है और वह बच्चों के लिए कुछ करना चाहती थी। ऐसे में क्लाउनसलिंग के बारे में सोचा और सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया।

    खिल जाते हैं बच्चों के चेहरे
    अस्पताल में शीतल को आता देख बच्चों के चेहरे खिल जाते हैं। वह अस्पताल पहुंचते ही बच्चों में चॉकलेट बांटती हैं। क्लाउनसलिंग के दौरान बच्चे तरह-तरह की एक्टिविटी में हिस्सा लेते हैं। इसमें शीतल का साथ अश्विनी, शिवम और विजय देते हैं। ये तीनों अलग-अलग पेशे से जुड़े हैंै।

    बहुत पुराना है क्लाउन कल्चर

    थेरेपी को मेडिकल क्लाउनिंग के नाम से जाना जाता है। इसे 1980 के दशक में यूएसए में माइकल क्रिस्टेंशन नाम के व्यक्ति ने शुरू किया था। प्रोफेशनली क्लाउन डॉक्टर्स ने 1986 में एक हॉस्पिटल में विशेष प्रोजेक्ट के तहत काम करना शुरू किया था। शुरुआत भी माइकल क्रिस्टेंशन ने की थी।

  • बच्चों के अस्पताल में लगती है जोकरों की महफिल, बीमारी भूलकर मुस्कराते हैं बच्चे
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Delhi News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Medical Clowning Therapy In Uncle Nehru Hospital
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×