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पुलिस ने विधायक से ढाई घंटे में पूछे 40 सवाल, कहा- नहीं किया सहयोग

विधायक की हाल ही में शादी भी हुई है और वह जांच में सहयोग कर रहे हैं।

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 04:14 AM IST

नई दिल्ली. चीफ सेक्रेटरी अंशु प्रकाश से मारपीट के मामले में पुलिस ने जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश ऋषि से पूछताछ की। उन्हें गुरुवार शाम चार बजे सिविल लाइंस थाने में पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पुलिस के अनुसार करीब ढाई घंटे चली पूछताछ में ऋषि से 40 सवाल पूछे गए। इस दौरान नार्थ डिस्ट्रिक के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेन्द्र कुमार सिंह, एसीपी अशोक त्यागी, एसएचओ, इंस्पेक्टर समेत सात आठ पुलिसकर्मी मौजूद थे। पुलिस ने दावा किया कि विधायक ने जांच में कोई सहयोग नहीं किया, वहीं इसके उलट विधायक ने हरेक सवाल का सीधे जवाब देने की बात कही।


शाम साढ़े पांच बजे विधायक राजेश ऋषि वकील के साथ सिविल लाइंस थाने पहुंचे। विधायक ने पहुंचते ही देर से पहुंचने पर खेद व्यक्त किया और फिर एक रूम में पूछताछ शुरू हुई। घटना वाली रात सीएस के साथ क्या, क्यों और किस वजह से हुआ इसे लेकर विधायक से कई सवाल पूछे गए। इस पर पुलिस ने कहा विधायक ने जांच में ज्यादा सहयोग नहीं किया और अधिकतर सवाल के जवाब हां और ना में ही दिए।

कोर्ट ने माना मंत्री हुसैन से मारपीट हुई, दिए जांच के आदेश

तीस हजारी कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अभिलाष मल्होत्रा ने प्रथम दृष्टाया माना कि खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री इमरान हुसैन पर सचिवालय में हमला हुआ था। कोर्ट ने कहा- फुटेज से स्पष्ट है कि इमरान जब ऑफिस पहुंचे तो उन पर झुंड में शामिल लोगों ने हमला किया था, वे अपनी आॅफिशियल ड्यूटी कर रहे थे ऐसे में यह गंभीर मामला है। कोर्ट ने सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट डीसीपी को इमरान को सुरक्षा मुहैया करने, आईपी एस्टेट थाने के एसएचओ को उस जगह का फुटेज सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। अगली सुनवाई पर कोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा फुटेज केस में एक अहम सबूत है। इसे सुरक्षित रखने और जब्त करने की बहुत जरूरत है।

हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को नोटिस देकर मांगा जवाब

हाईकोर्ट ने मारपीट केस में पुलिस को जवाब-तलब किया है। जस्टिस मुक्ता गुप्ता की बेंच ने यह आदेश विधायक प्रकाश जारवाल की जमानत याचिका पर दिया है। यह तीसरी बार है जब विधायक ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दिल्ली पुलिस की तरफ से स्टैंडिंग काउंसिल राहुल मेहरा ने बताया कि पुलिस केस को लेकर मुझे नहीं कम्प्लेनेंट के वकील सिद्धार्थ लुथरा को ब्रीफ कर रही है। ऐसे में मुझे केस के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। इस पर जस्टिस ने कहा कि हमने स्टेट काउंसिल को नोटिस किया है और हम आपको ही सुनेंगे। कोर्ट ने पुलिस को 7 मार्च को पक्ष रखने का आदेश दिया है। विधायक के वकील ने कहा कि विधायक की हाल ही में शादी भी हुई है और वह जांच में सहयोग कर रहे हैं।

बाल्यान की गिरफ्तारी पर लगी रोक 12 मार्च तक बढ़ी

द्वारका कोर्ट ने आप विधायक नरेश बाल्यान की गिरफ्तारी पर लगी रोक केस की अगली सुनवाई 12 मार्च तक के लिए बढ़ा दी है। बाल्यान पर जनसभा में लोगों को सरकारी अधिकारियों को पीटने के लिए उकसाने का आरोप है। सेशन जज हरीशा दुदानी ने विधायक को मामले की जांच में शामिल होने और पुलिस का सहयोग करने का निर्देश दिया है। 23 फरवरी को बिंदापुर में बाल्यान जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मंच पर सीएम की मौजूदगी में उन्होंने कहा था कि जो अधिकारी लोगों के काम में अड़ंगा डालेगा, उसे चीफ सेक्रेटरी अंशु प्रकाश की तरफ पीटना चाहिए। बाल्यान ने इसी मामले में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है। वहीं, पुलिस ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वह साक्ष्यों को प्रभावित करेंगे।