Hindi News »Union Territory »New Delhi »News» Negligence In Central Govt S USTTAD Planning

बनारस में बिना टारगेट चल रही केंद्र की उस्ताद योजना; 59 करोड़ फूंके, सिर्फ 16 हजार लोग ट्रेंड हुए

बिना टारगेट और रोडमैप तय किए ही इस योजना पर तीन साल में 59 करोड़ रुपए फूंक दिए गए।

शरद पाण्डेय | Last Modified - Mar 13, 2018, 11:39 AM IST

  • बनारस में बिना टारगेट चल रही केंद्र की उस्ताद योजना; 59 करोड़ फूंके, सिर्फ 16 हजार लोग ट्रेंड हुए
    +1और स्लाइड देखें

    नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यकों को स्किल्ड करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से तीन साल पहले ‘उस्ताद’ योजना शुरू की थी। मगर उसके अधिकारियों की ‘उस्तादी’ से इस योजना को पलीता लग रहा है। इसे लेकर न कोई लक्ष्य बनाया गया और न ही कोई रोडमैप तय है। इसके बावजूद तीन साल में योजना पर 59 करोड़ रुपए फूंक दिए गए। ट्रेनिंग के नाम पर पूरे देश में सिर्फ 16 हजार शिल्पकला और हस्तकला कारीगरों को ही सिखाने की ‘खानापूर्ति’ की गई। यह ट्रेनिंग भी सिर्फ 2016-17 में दी गई। जबकि योजना को वित्त वर्ष 2014-15 में शुरू किया था। अन्य वर्षों में हर साल करोड़ों रुपए का बजट तो जारी हुआ मगर एक भी व्यक्ति को ट्रेंड नहीं किया गया।

    उस्ताद क्या है?

    -उस्ताद योजना यानी...U.S.T.T.A.D. (अपग्रेडिंग द स्किल्स एंड ट्रेनिंग इन ट्रेडिशनल आर्ट्स फॉर डेवलपमेंट) योजना।

    ट्रेनिंग के नाम पर नतीजा जीरो

    - मौजूदा वित्त वर्ष में भी 22 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया और अभी तक ट्रेनिंग के नाम पर जीरो रिजल्ट है। हद तो यह है कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने 7 करोड़ रुपए और मांगे हैं।

    वर्कशॉप करने में खर्च हुआ पैसा

    - मंत्रालय में उस्ताद योजना के पूरे देश के प्रभारी पीके ठाकुर से जब पूछा गया कि 2015-2016 में 17 करोड़ का बजट आया पर किसी को ट्रेंड नहीं किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि पैसा दस्तकारों और शिल्पकारों के लिए वर्कशॉप करने में खर्च हो गया। हालांकि, इस दौरान किसी को भी ट्रेंड न करने की बात उन्होंने मानी।

    अफसरों को नहीं पता कि देश में कितने सेंटर

    - मंत्रालय में जब योजना के लिए खोले गए ट्रेनिंग सेंटर्स की जानकारी मांगी गई। तो अधिकारियों को यही मालूम नहीं था कि देश में कितने स्थानों पर ‘उस्ताद’ बनाने के सेंटर्स चल रहे हैं।

    - मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि कि जल्द ही योजना के लिए लक्ष्य तय किया जाएगा। इस साल किसी को ट्रेनिंग न देने के सवाल पर वह बोले कि अभी मार्च खत्म होने में वक्त है। 31 मार्च से पहले उस्तादों को ट्रेनिंग के लिए चिन्हित कर लिया जाएगा।

    38 एजेंसी जिन्हें करना है योजना को इंप्लीमेंट, आधी अकेले यूपी में

    - उस्ताद योजना के लिए पूरे देश में 38 पीआईए (प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटिंग एजेंसी) चुनी गईं। इनमें आधे से ज्यादा यानी 17 अकेले यूपी में हैं। बाकी 21 अन्य राज्यों में हैं।

    - इन एजेंसियों के जरिए ही मास्टर ट्रेनरों को अप्वाइंट कर ट्रेनिंग दी जानी है। ट्रेनिंग सेंटर्स भी इन एजेंसियों के तहत खुलने थे।

    ट्रेनिंग के साथ 3 हजार रुपए महीने देने थे
    - योजना के तहत सीखने वाले को हर महीने 3 हजार रुपए दिया जाना तय किया गया था।

    - अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेनिंग लेने वाले एक शख्स पर महीने में 10 हजार के खर्च का अनुमान था। मास्टर ट्रेनर्स की फीस 50 हजार रुपए महीने तय थी। 2020 में योजना का रिव्यू किया जाएगा।

    उस्ताद के तीन नॉलेज पार्टनर

    - निफ्ट (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी), निड (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन), आईआइपी (इंडियन इंस्टटीट्यूट ऑफ पैकेजिंग) हैं।

    योग्यता: पांचवीं पास होना जरूरी
    - योजना के तहत ट्रेनिंग लेने वाले को पांचवी पास होना जरूरी है।
    - इसका कोर्स पूरा करने के लिए 3 महीने से लेकर 8 महीने का वक्त लगता है।
    - उम्र की सीमा पहले 14 से 35 साल थी, बाद में बढ़ाकर 45 साल कर दी गई।
    - 33 फीसदी महिलाओं के सीटें रिजर्व हैं।

    33 कलाओं की ट्रेनिंग
    - योजना में अलग-अलग राज्यों की कुल 33 पारंपरिक शिल्पकारी और दस्तकारी सिखाना तय किया गया था। इनमें चिकनकारी (यूपी), ग्लास वेयर (यूपी), पेपरमशी (जम्मू-कश्मीर), फुलकारी (पंजाब), लहरिया (राजस्थान) , अजरक (गुजरात) प्रमुख हैं।

  • बनारस में बिना टारगेट चल रही केंद्र की उस्ताद योजना; 59 करोड़ फूंके, सिर्फ 16 हजार लोग ट्रेंड हुए
    +1और स्लाइड देखें
    इस योजना का लक्ष्य शिल्पकला और हस्तकला कारीगरों को ट्रेनिंग देकर उनके हुनर को निखारना है। - फाइल
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Delhi News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Negligence In Central Govt S USTTAD Planning
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×