--Advertisement--

इतनी प्रदूषित हो गई है यमुना कि पक्षियों की संख्या 80 फीसदी तक घटी

एशियन वाटर बर्ड गणना में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े, प्रजातियों की संख्या में हुई वृद्धि

Danik Bhaskar | Jan 28, 2018, 07:34 AM IST

दिल्ली. यमुना का प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि यहां पक्षियों की संख्या करीब 80 फीसदी तक गिर गई है। यह आंकड़े एशियन वाटर बर्ड-2018 की गणना में सामने आए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक यमुना क्षेत्र में वजीराबाद से निजामुद्दीन तक इस साल मात्र 594 पक्षी देखे गए, जबकि साल 2016 में यहां पक्षियों की संख्या 2640 थी। इस तरह यहां इस साल करीब 78 फीसदी कम पक्षी देखे गए।


पिछले साल 23 तो इस बार 32 प्रजातियां
- राहत की खबर है कि इस साल पक्षियों की प्रजातियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस बार 32 प्रजाति के पक्षी पाए गए। पिछले साल 23 प्रजातियों के पक्षी पाए गए थे।

- इस साल 13 प्रजातियांं पानी में रहने वाले पक्षियों की व 19 सर्दियों के प्रवासी पक्षी हैं।

- जनवरी में प्रतिवर्ष एक साथ एशिया के 27 देशों में पक्षियों की संख्या, उनकी प्रजातियों व ट्रेंड को जानने के लिए एशियन वॉटर बर्ड गणना की जाती है। भारत में 6 से 21 जनवरी 2018 तक गणना की गई।


2000 से 99 रह गई ब्लैक हेंडेड की संख्या
- दिल्ली में एशियन वाटर बर्ड गणना के कॉर्डिनेटर टीके रॉय ने बताया कि इस बार यमुना क्षेत्र में पक्षियों की गणना में ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट की संख्या ही 100 के पार है।

- रॉय ने बताया कि पिछले साल ब्लैक हेंडेड गुल की संख्या करीब दो हजार के पास थी, लेकिन इस बार इनकी संख्या 99 ही है।

- उन्होंने कहा कि यमुना बुरी तरह से प्रदूषित है और जलीय जीवन का हैबिटेट तेजी से बिगड़ रहा है। यह भी कारण है कि पक्षियों की संख्या घट रही है।

ये पक्षी हुए कम
यमुना किनारे पक्षियों में रेड वेंटलेड लैपविंग भी शामिल है। ये प्रवासी पक्षी हैं, इस साल संख्या में कमी दर्ज की गई। आईयूसीएन लिस्ट में विलुप्त प्रजाति रिवरलापविंग की संख्या पिछले साल की तुलना में बढ़ी है।