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बाजार में बिकेगी सिर्फ रेगुलर और स्ट्रांग बीयर, लाइट होगी बंद

देश में पहली बार इंपोर्टेड वाइन से लेकर देसी शराब तक में क्या-क्या हो और किस मात्रा में हो इसके नियम-कायदे तय किए गए हैं

Danik Bhaskar | Jan 06, 2018, 06:49 AM IST

नई दिल्ली. देश में पहली बार इंपोर्टेड वाइन से लेकर देसी शराब तक में क्या-क्या हो और किस मात्रा में हो इसके नियम-कायदे तय किए गए हैं। बस मंत्रालय की मुहर बाकी है। वर्तमान में तीन तरह की बीयर बाजार में मिलती हैं। नए रेगुलेशन के बाद सिर्फ रेगुलर और स्ट्रांग बीयर मिलेगी। लाइट बीयर की कैटेगरी खत्म होगी।

छह महीने में मानकों से ज्यादा अल्कोहल वाली ड्रिंक्स बाजार से हटेंगी

- इसमें अल्कोहल की मात्रा तीन फीसदी तक होती है। रेगुलर में अल्कोहल की मात्रा पांच फीसदी तक और स्ट्रांग में पांच से आठ फीसदी तक होगी। वहीं, इसमें लेड की मात्रा .2 मिलीग्राम/लीटर और .25 मिलीग्राम/लीटर आर्सेनिक की मात्रा तय की गई है।


- इससे ज्यादा होने पर फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। वाइन में अल्कोहल की मात्रा सात से 15.5 फीसदी तय की गई है। ब्रांडी, रम, व्हाइट-रेड वाइन, वोदका और व्हिस्की में अल्कोहल की मात्रा 36 से 50 फीसदी तय की गई है। कंट्री लिकर और फैनी में अल्कोहल की मात्रा 19 से 43 फीसदी तय की गई है।

10 लाख तक का जुर्माना

- एडिबल्स या ब्रीवरेज में ऐसी मिलावट हो जिसके खाने के बाद मरणासन्न स्थिति हो जाए,तो ऐसे में उम्र कैद और 10 लाख रुपये तक जुर्माने संभव है।

नियम नहीं माने तो कार्रवाई
- यदि प्रोडक्ट मानकों के अनुरूप नहीं है तो एफएसएसएआई ऐसी कंपनी का लाइसेंस रद्द कर सकती है।
- उस कंपनी के कुछ या सभी प्रोडक्ट्स के बिजनेस और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
- आईपीसी की धारा 272 और धारा 273 भी कार्रवाई इसके तहत यदि एडिबल्स या ब्रीवरेज में मिलावट की गई हो, उसकी मार्केंटिंग की गई हो या बेचा जा रहा हो तो छह माह या 1000 रुपये जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।

- एफएसएसएआई सीईओ पवन कुमार अग्रवाल ने बताया कि इन नियमों को बनाने का उद्देश्य है कि सभी तरह की शराब में एक तय मात्रा में अल्कोहल और दूसरे तत्व हों। मंत्रालय की हरी झंडी मिलने के बाद इन्हें लागू कर दिया जाएगा। यहां यह भी जोड़ना चाहूंगा कि इस सबके बाद भी शराब सेहत के लिए हानिकारक ही रहेगी।