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कोर्ट में कार्ति पर हाथ रख चिदंबरम बोले- बेटे चिंता मत करो... मैं हूं ना

कोर्ट रूम लाइव- केस में मोड़ तब आया, जब छापे में हार्ड डिस्क मिली : तुषार मेहता

Danik Bhaskar | Mar 02, 2018, 07:04 AM IST
कोर्ट में चिदंबरम भी पहुंचे। कोर्ट में चिदंबरम भी पहुंचे।

नई दिल्ली. सीबीआई की तरफ से एडिशनल सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता और कार्ति की तरफ से अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए। दोपहर बाद दो बजे शुरू हुई सुनवाई शाम करीब पौने 6 बजे तक चली। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी तल्ख बहस हुई। इस दौरान पी चिदंबरम ने भी कोर्ट पहुंचे। उन्होंने अपने बेटे की पीठ पर हाथ रखकर उन्हें हौसला देते हुए कहा, बेटे! चिंता मत करो, मैं हूं ना। पढ़िए कोर्ट रूम की कार्यवाही लाइव...

तुषार मेहता (एएसजी)- कार्ति का 14 दिन का रिमांड चाहिए। रात को चेकअप के लिए सफदरजंग अस्पताल ले गए थे। सीने में दर्द व बेचैनी के चलते रातभर आईसीयू में रहे। पूछताछ हो ही नहीं पाई।
अभिषेक मनु सिंघवी (कार्ति के वकील): सीबीआई आधे-अधूरे फैक्ट रख रही है। रिमांड नहीं दे सकते।

मेहता : जांच बाकी है। कार्ति के 3 मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट आनी है। इंद्राणी के बयानों के तथ्यों की जांच करनी है।
सिंघवी : केस मई 2017 में दर्ज हुआ था। अगस्त में 20 घंटे पूछताछ की गई। पिछले साल अगस्त के बाद कोई नोटिस नहीं भेजा। अब कुछ नहीं बचा।

मेहता : हिरासत में पूछताछ करनी है। चेस मैनेजमेंट कंसल्टेंसी कार्ति की कंपनी है। पता करना है कि एडवांटेज स्टेटिक प्रा. लि. किसकी है। दोनों कंपनियों का बैलेंस चेक करना है।
सिंघवी : सीबीआई की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है। मैं 20-25 दिन से विदेश में था। चेन्नई में विमान से उतरते ही गिरफ्तार कर लिया। मद्रास हाईकोर्ट की इजाजत से विदेश गया। लौटते ही होली के गिफ्ट में गिरफ्तारी मिली।

मेहता : बदले की भावना नहीं है। हमारे पास पुख्ता सबूत हैं।

सिंघवी : आपके सवालों के जवाब तो अगस्त 2017 में ही दे दिए थे। अब वही सवाल पूछना धोखाधड़ी है। कुंभकर्ण 6 महीने में एक बार जागता है। जांच एजेंसी ने भी 6 माह पहले की पूछताछ के बाद एकाएक कार्ति को गिरफ्तार कर लिया।

मेहता : केस में मोड़ तब आया, जब ईडी के छापे में हार्ड डिस्क मिली। इसमें इनवॉयस मिला। सीबीआई को आईएनएक्स के दफ्तर में छापे के दौरान उसी इनवॉयस की हार्ड कॉपी मिली थी।


कोर्ट ने कहा- जांच शुरुआती और नाजुक दौर में है। सीबीआई ने कई सबूत होने का दावा किया है, जिनकी जांच होने की जरूरत है। इस केस में बड़ी साजिश और 6 आरोपियों से आमना-सामना करवाना जरूरी है। जांच पूरी करने के लिए रिमांड जरूरी है।