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मां-बाप करोड़ों की संपत्ति छोड़ जाते हैं, बच्चे उसे वकीलों की फीस में खर्च कर देते हैं: जस्टिस कुरियन

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कुरियन जोसेफ की अध्यक्षता वाली पीठ ने अनूठी पहल की है।

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 04:12 AM IST
Parents leave property , children spend on court fee: SC

नई दिल्ली. हैदराबाद के एक बड़े इंड्रस्ट्रियल घराने के प्रॉपर्टी विवाद को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कुरियन जोसेफ की अध्यक्षता वाली पीठ ने अनूठी पहल की है। कोर्ट ने परिवार की बुजुर्ग महिला और उनकी तीन बेटियों को 10 जनवरी तक एक साथ रहने को कहा है। इसके बाद ही सुनवाई आगे बढ़ेगी। जस्टिस कुरियन जोसेफ ने परिवार से कहा कि- ‘आपके साथ आपके बच्चे भी कोर्ट में मौजूद हैं। आप अपने बच्चों को अपने ही परिवार से दौलत के लिए लड़ना सिखाना चाहते हैं या साथ रहना? अपने बुजुर्गों की आत्मा कोे शांति पहुंचानी है तो झगड़ना बंद करें। साथ रहें। आपका समय शुरू होता है अब।’ क्या है जस्टिस कुरियन ने...

- इस तरह के बढ़ते फैमिली विवाद पर भी जस्टिस कुरियन ने कहा कि- ‘इन दिनों अदालतों में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। मां-बाप बच्चों के नाम पर करोड़ों की प्रॉपर्टी छोड़ जाते हैं और बच्चे उस प्रॉपर्टी को वकीलों की फीस देने में खर्च कर देते हैं। ये कोई अक्लमंदी नहीं है।

- कोर्ट को भी प्रयास करना चाहिए कि उन बाहरी ताकतों को दूर रखा जाए, जो परिवार को दोबारा एकजुट करने की राह में रोड़ा बनती हैं। (कोर्ट का मतलब वकीलों से था)।’ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केस के पक्षकार और वकील 10 जनवरी तक एक-दूसरे से संपर्क ना करें। दरअसल हैदराबाद में एक बड़ी दवा कंपनी के अधिकार को लेकर एक विधवा महिला और उनकी तीन बेटियों के बीच विवाद चल रहा है।

- हैदराबाद हाईकोर्ट के फैसले से असहमत बेटियों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट में केस की पैरवी सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी, अभिषेक मनु सिंघवी, श्याम दिवान, पी चिदंबरम, वी गिरी और बी आदिनारायण कर रहे हैं।

- सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हाईकोर्ट ने इस मामले में कंपनी लॉ के अनुसार ही अपना फैसला सुनाया है। यह एक पारिवारिक झगड़ा ही है। इस मामले में सबसे पहले विवाद की जड़ यानी परिवार की कलह को समाप्त करने की है।


जज ने बेटियों से पूछा... ‘पिछली बार कब मां के साथ बैठी थी? कोर्ट के रूम नंबर-15 में जाओ और एक घंटा साथ बिताकर आओ’
- कोर्टरूम में जस्टिस कुरियन ने तीनों बेटियों से पूछा कि अाप पिछली बार कब अपनी मां के साथ बैठी थीं? बेटी ने कहा कि काफी साल बीत गए। जस्टिस ने कहा कि आप फौरन कमरा नंबर 15 में जाइए और एक घंटे तक साथ बैठकर बात करें, लेकिन प्रापर्टी को लेकर अभी कोई बात नहीं करेंगे।

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