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कभी साइकिल पर दूध बेचता था ये शख्स, करोड़ों लोगों से ठगी कर बन गया अरबपति

पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू की 472 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी जब्त।

Danik Bhaskar | Jan 09, 2018, 05:15 AM IST
मामले में सीबीआई पहले ही निर्म मामले में सीबीआई पहले ही निर्म

नई दिल्ली. ईडीने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू की 472 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी जब्त कर ली है। इसमें ऑस्ट्रेलिया के दो होटल्स और कई जगह की जमीन शामिल है। भंगू पर आरोप है कि उसने ये प्रॉपर्टी पॉन्जी स्कीम्स से इकट्ठा की है। भंगू ने पांच करोड़ से ज्यादा लोगों को ऐसी स्कीम्स में फंसाकर हजारों करोड़ रुपए इकट्ठा करके विदेशों में लगाया। इस मामले में सीबीआई पहले ही निर्मल सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। उसकी करीब एक हजार करोड़ की प्राॅपर्टी को भी पहले जब्त किया जा चुका है। निर्मल सिंह भंगू की भारत में भी हजारों एकड़ जमीन और 100 से ज्यादा बैंक खाते सीज किए जा चुके हैं।

कौन है निर्मल सिंह भंगू?

- पर्ल्स ग्रुप का मालिक निर्मल सिंह भंगू पंजाब के बरनाला जिले का रहने वाला है। बताया जाता है कि वह जवानी के दिनों में अपने भाई के साथ साइकिल से दूध बेचता था। इसी दौरान उसने पॉलिटिकल साइंस में पोस्‍ट ग्रैजुएशन भी किया।

- इसके बाद नौकरी की तलाश में वह 70 के दशक में कोलकाता चला गया। जहां उसने एक फेमस इनवेस्टमेंट कंपनी पियरलेस में कुछ साल तक काम किया। उसके बाद इन्वेस्टर्स से करोड़ों की ठगी करने वाली हरियाणा की कंपनी गोल्डन फॉरेस्ट इंडिया लिमिटेड में काम करने लगा। इस कंपनी बंद होने के बाद निर्मल सिंह बेरोजगार हो गया।

- इसी कंपनी के काम करने के आइडिया के तहत उसने 1980 के दशक में पर्ल्‍स गोल्‍डन फॉरेस्‍ट (पीजीएफ) नाम की कंपनी बनाई। यह कंपनी भी गोल्डन फॉरेस्ट इंडिया लिमिटेड की तर्ज पर लोगों से सागौन जैसे पेड़ों के प्लांटेशन पर इंवेस्टमेंट कर कुछ वक्त बाद अच्छा मुनाफा लौटाने का वादा करती थी। 1996 तक इससे उसने करोड़ों की रकम जुटा ली थी। इस दौरान इनकम टैक्स और दूसरी जांचों के चलते इस कंपनी को बंद कर दिया।

ऐसे खड़ा किया था विदेशों तक अपना एम्पायर

- इसके बाद उसने पंजाब के बरनाला से एक नई कंपनी PACL यानी पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड की शुरुआत की। ये एक चेन सिस्टम स्कीम्स थी। कंपनी के दिए बड़े मुनाफे के दावों और वादों के लालच में करीब पांच करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसमें पैसा लगा दिया।

- इसके तहत लोगों से हर महीने मामूली रकम जमा करवाई जाती थी। इसी स्कीम में करीब पांच करोड़ से ज्यादा लोगों से जुटाई गई छोटी-छोटी रकम से उसने देश ही नहीं विदेश में तक पर्ल्स ग्रुप का एम्पायर खड़ा कर लिया।

- इन करोड़ों की रकम को भंगू ने अलग-अलग तरह के कई कारोबार में इन्वेस्ट किया।

- जब वादे के मुताबिक इन्वेस्टर्स को उनका लगाया पैसा नहीं लौटाया गया तो कंपनी के खिलाफ लोगों शिकायत दर्ज करानी शुरू कर दी। जालसाजी का आरोपी निर्मल सिंह भंगू फिलहाल सीबीआई की गिरफ्त में है।

पूरे देश में है भंगू की अरबों रुपए की प्रॉपर्टीज

- पर्ल्स ग्रुप की प्रॉपर्टी देश के करीब हर छोटे और बड़े शहर में है। राजधानी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चंडीगढ़, मोहाली समेत टॉप सिटीज इसमें शामिल हैं।

- दिल्ली के कनॉट प्लेस में ही पर्ल्स ग्रुप की करीब 61 प्रॉपर्टीज हैं, जिनकी कीमत अरबों में है। इसके अलावा दिल्ली में ही पर्लग्रुप की अरबों की जमीन भी है।

- मोहाली में तो पर्ल्स ग्रुप के हाउसिंग सोसायटी से लेकर हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज तक हैं।