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जनता- आप सिर्फ कार्यकर्ताओं के मुख्यमंत्री केजरी- मैं जनता का सीएम, जब चाहें तब मिलें

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2018, 07:13 AM IST

जनता ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात नहीं होने का मुद्दा उठाया।

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नई दिल्ली. दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और पानी के बिलों की शिकायतों को सुनने के लिए जनसंपर्क शिविर का आयोजन किया गया। इसमें जनता ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात नहीं होने का मुद्दा उठाया। जनता ने कहा, आप तो सिर्फ आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के सीएम हैं। सिर्फ उनसे मुलाकात करते हो। इस पर केजरीवाल ने कहा कि मैं जनता का सीएम हूं। कोई भी सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 से 12 बजे तक बिना अपॉइंटमेंट मिल सकता है।


शिविर में मुख्यमंत्री ने जनता की लंबे समय से बनी प्रमुख तीन शिकायतों का समाधान भी कर दिया। इसमें पहला मामला द्वारका और पालम इलाके में बोरवेल से संबंधित है। यहां बोरवेल के पिछले उपयोग के लिए सीवर शुल्क पर बकाया राशि को माफ कर दिया। इन इलाकों में बोरवेल का उपयोग करने वालों के यहां पानी का मीटर लगाने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। वहीं, दूसरे मामले में अभी तक रेन वॉटर हॉर्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाने वालों की पेनाल्टी को भी माफ कर दिया। साथ ही उन्हें सिस्टम स्थापित करने के लिए 6 महीने का समय दिया गया है। इसके बाद डीजेबी के अधिकारी साल में एक बार उसका निरीक्षण करेंगे। तीसरा मामला डीडीए से संबंधित है। दरअसल, डीडीए अपनी कॉलोनी का रिकॉर्ड डीजेबी को उपलब्ध नहीं करा रहा है। इसके चलते बकाया बिलों का भुगतान करने में दिक्कत आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा वह उपराज्यपाल से मुलाकात कर समस्या का समाधान करेंगे। इसका समाधान नहीं होने तक बकाया बिलों को लेकर लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सीएम ने अन्य लोगों की भी समस्याएं सुनीं और उनका समाधान भी किया।

सीएम के काफिले पर फेंके अंडे
ठंड से 44 लोगों की मौत पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीएम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। एक कार्यकर्ता काला झंडा लेकर सीएम के काफिले के सामने आ गया। वहीं, सीएम की गाड़ियों के काफिले पर अंडे भी फेंके। भाजपा कार्यकर्ता सीएम के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

टैबलेट से होगी रीडिंग
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि जल बोर्ड के कर्मचारी द्वारा मीटर की रीडिंग नहीं लेने और मनमाने बिल बनाकर भेजने की शिकायत को दूर करने के लिए उनको टैबलेट देने का निर्णय लिया है। इसमें कर्मचारी पानी के मीटर की फोटो खींचकर सीधे ऑनलाइन भेजेंगे। उन्हें 6 से 8 महीने में टैबलेट देने की प्रक्रिया शुरू की जाएंगी।

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