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पुलिस मॉर्डनाइजेशन: 4 साल में बजट हुआ दोगुना लेकिन खर्च 72% घटा

पुलिस आधुनिकीकरण के नाम पर पैसा तो बढ़ गया मगर इसके सही उपयोग में केंद्र और राज्य नाकाम साबित हो रहे हैं।

Danik Bhaskar | Dec 28, 2017, 05:07 AM IST

नई दिल्ली . पुलिस आधुनिकीकरण के नाम पर पैसा तो बढ़ गया मगर इसके सही उपयोग में केंद्र और राज्य नाकाम साबित हो रहे हैं। पुलिस मॉर्डनाइजेशन पर केंद्र सरकार का बजट चार साल में दोगुना हो गया। मगर पिछले तीन साल के दौरान राज्यों द्वारा इसके इस्तेमाल में 72% की कमी आ गई। हालात यह है कि वर्ष 2015-16 में राज्य बजट का सिर्फ 14% ही खर्च कर पाए। चार साल में केंद्र और राज्य सरकारों ने करीब 12,290 करोड़ रुपए पुलिस मॉर्डनाइजेशन पर खर्च किए हैं। पैसे खर्च करने का मैकेनिज्म न होने के कारण थानों की हालत भी खराब है।

- ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट की रिपोर्ट के अनुसार, देश के करीब 720 थाने ऐसे हैं जिनमें आज भी वाहन, टेलीफोन और वायरलेस जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि 2016 में स्टेट बजट से पुलिस पर सबसे ज्यादा राशि खर्च करने वाला राज्य मणिपुर था।

- उसने 87% राशि का इस्तेमाल किया। गुजरात और ओडिशा इस मामले में सबसे फिसड्‌डी साबित हुए। गुजरात सिर्फ 1.7% और ओडिशा मात्र 1.1 फीसदी राशि का इस्तेमाल कर पाया।

- इससे चिंतित गृह मंत्रालय ने पहली बार इस राशि के खर्च को लेकर रूपरेखा तय की है। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक भारद्वाज के अनुसार पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए गृह मंत्रालय ने 25060 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। यह राशि 2017-18 से 2019-20 तक खर्च की जाएगी।

- इसमें गृह मंत्रालय की हिस्सेदारी 18636 करोड़ और राज्य सरकार की हिस्सेदारी 6424 करोड रुपए होगी। यानी केंद्र सरकार 75 फीसदी राशि वहन करेगी। इस राशि का इस्तेमाल आतंरिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, अत्याधुनिक हथियार, वायलेस सेट, नेशनल सेटेलाइट नेटवर्क सहित अन्य योजनाओं पर खर्च की जाएगी।

इंवेस्टीगेशन पर भी असर

- 2015 में इंडियन पीनल कोड 1860 के तहत कनविक्शन रेट सिर्फ 47% था। लॉ कमिशन (2012) ने पाया था कि पुलिस ट्रेनिंग और एक्पर्टीज में कमी के कारण प्रोफेशनल तरीके से जांच नहीं हो पाती।

किराए की इमारतों में तीन हजार पुलिस थाने-पोस्ट

- देश के करीब 3027 पुलिस थाने और पुलिस पोस्ट किराए की इमारतों पर चल रहे हैं। इनमें 863 पुलिस थाने और 2164 पुलिस पोस्ट हैं। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 142 पुलिस स्टेशन और 769 पुलिस पोस्ट किराए की इमारतों में चल रही हैं।

...यहां कैसे पकड़ेंगे अपराधी

- 720 थानों में वाहन, टेलीफोन और वायरलेस जैसी सुविधाएं भी नहीं।

- 267 थाने इनमें ऐसे थे जिनके पास टेलीफोन की भी सुविधा नहीं।

- 129 थाने वायरलेस जैसी आधारभूत सुविधा के अभाव से जूझ रहे हैं।