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पेपर लीक: सीबीएसई हेडक्वार्टर पर एसआईटी का देर रात छापा; कर्मचारी और प्रिंसिपल हिरासत में

पेपर सेट करने से लेकर उसे सेंटरों तक भेजने की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं।

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 12:24 AM IST
क्राइम ब्रांच के डीसपी आलोक कु क्राइम ब्रांच के डीसपी आलोक कु

नई दिल्ली. सीबीएसई के पेपर लीक होने की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की एसआईटी ने शनिवार रात बड़ी कार्रवाई की। करीब 9:30 बजे सीबीएसई के प्रीत विहार स्थित मुख्यालय पर छापा मारा। लगभग ढाई घंटे तक मुख्यालय के 11 फ्लोर पर गहन छानबीन की गई। कई अहम दस्तावेज जब्त करके एसआईटी रात करीब 12 बजे वापस लौटी। इससे पहले, एसआईटी ने दिनभर एक प्राइवेट स्कूल के प्रिंसिपल और सीबीएसई के कर्मचारी सहित तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनके खुलासों के आधार पर देर रात छापा मारा गया। जांच के तथ्यों के आधार पर सीबीएसई के कई कर्मचारियों को देर रात मुख्यालय में बुलाकर पूछताछ भी की गई।

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पेपर लीक से जुड़ा अहम डेटा जुटाया गया

दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी आलोक कुमार के मुताबिक छापे के दौरान पेपर लीक से जुड़ा अहम डेटा जुटाया गया। उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि पेपर सेट करने से लेकर उसे सेंटरों तक भेजने की प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज जब्त किए जा रहे हैं। साथ ही पेपर लीक की कई अहम कड़ियां पुलिस जोड़ चुकी है। जल्द ही इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।

झारखंड से कोचिंग सेंटर के 2 डायरेक्टर गिरफ्तार

दूसरी तरफ, पेपर लीक कांड में झारखंड पुलिस ने चतरा में 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक कोचिंग संस्थान के दो डायरेक्टर, एक टीचर और नौ छात्र हैं। चतरा में यह पेपर वाॅट्सएेप के जरिए पटना से पहुंचा था। गिरफ्तार किया गया एक कोचिंग संचालक एबीवीपी का जिला संयोजक भी है।


लगातार तीसरे दिन छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी
पेपर लीक के विरोध में शनिवार को लगातार तीसरे दिन छात्रों ने सीबीएसई हेडक्वार्टर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब 25-30 छात्रों ने सीबीएसई दफ्तर के सामने सड़क जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया।

अब पॉलिटिकल साइंस और हिंदी इलेक्टिव के पेपर लीक होने का दावा; सीबीएसई ने कहा- दोनों पिछले साल के
2 अप्रैल को होने वाले 12वीं के हिंदी इलेक्टिव और 6 अप्रैल को होने वाले पॉलिटिकल साइंस के पेपर लीक होने की भी शनिवार को सूचना आई। हालांकि, सीबीएसई ने दोनों पेपर पिछले साल के होने का दावा किया है। वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अनिल स्वरूप ने कहा कि हिंदी इलेक्टिव लीक बताया जा रहा पेपर पिछले साल कंपार्टमेंट वाला है। सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वह सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर ध्यान न दें।

क्या है सीबीएसई पेपर लीक मामला?

A) हुआ क्या: लीक केस मामले की शुरुआत सीबीएसई 12वीं की एग्जाम से हुई थी। पहले खबरें आईं कि 13 दिन पहले अकाउंट्स का पेपर वाॅट्सअप पर सर्कुलेट हुआ था। लेकिन 26 मार्च को इकोनॉमिक्स और 27 मार्च को मैथ्स का वह पेपर लीक हुआ जो हूबहू अगले दिन एग्जाम में आए असली पर्चे जैसा ही था।
B) कैसे हुआ: पेपर लीक करने का तरीका एक जैसा था। पेपर के सारे सवाल हाथ से लिखे गए और उसे वॉट्सएप पर सर्कुलेट कर दिया गया। शक परीक्षा सेंटर के स्टाफ पर है।
C) असर क्या: 10वीं के 16.38 लाख और 12वीं के 8 लाख स्टूडेंट्स पर असर।