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पटरी पर क्या, ड्राइवर को 1 किमी पहले ही पता चल जाएगा

रेलवे को कोहरे जैसी गंभीर समस्या का इलाज ‘त्रिनेत्र‘नाम की डिवाइस के तौर पर मिल गया है।

Dainik Bhaskar

Dec 23, 2017, 07:15 AM IST
Railway ready to ani fog device  trinetra

नई दिल्ली. रेलवे को कोहरे जैसी गंभीर समस्या का इलाज ‘त्रिनेत्र‘नाम की डिवाइस के तौर पर मिल गया है। ‘त्रिनेत्र‘ की खासियत है कि कि कोहरे के दौरान अगर पटरी पर कोई इंसान मौजूद है तो यह ड्राइवर को 950 मीटर पहले ही अलर्ट कर देगा। इंसान के अलावा यह बिल्ली और चूहे जैसे छोटे जानवरों को भी करीब आधा किलोमीटर पहले ही डिटेक्ट करने की क्षमता रखता है। रेलवे ने इस डिवाइस का ट्रायल लखनऊ एक्सप्रेस और दिल्ली-चंडीगढ़ रूट पर शताब्दी समेत कई ट्रेनों में किया, जो सफल रहा है।

इस डिवाइस के प्रोटोटाइप को तैयार करने वाले रेलवे बोर्ड के डेवलेपमेंट सेल (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) के अधिकारियों का दावा है कि ‘त्रिनेत्र‘ हर मौसम खासतौर पर कोहरे और बारिश में प्रभावी तौर पर काम करेगा। इसकी सहायता से ट्रेन दुर्घटनाओं और खराब मौसम में ट्रेनें लेट होने की शिकायतों में तेजी से कमी आएगी। इस प्रोजेक्ट से जुड़े इंजीनियरों के मुताबिक दुनिया में इस तरह की कोई डिवाइस नहीं है जो कि कोहरे में इतनी दूरी से सटीक रिजल्ट दे सके। ‘त्रिनेत्र‘ का पेटेंट करवाया जा रहा है। पिछले साल जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘त्रिनेत्र‘ के शुरुआती ट्रायल रिजल्ट दिखाए गए थे, जिसे उन्होंने खूब सराहा था।

त्रिनेत्र में दो इन्फ्रारेड कैमरे, रडार मैपिंग सिस्टम और लेजर गलाइट का प्रयो

‘त्रिनेत्र’ में दो इन्फ्रारेड कैमरे, एक साधारण विडियो कैमरा, खास तरह से विकसित रडार मैपिंग सिस्टम और लेजर लाइट इस्तेमाल हुई है। यह सिस्टम कोहरे में भी अपनी विजिबिलिटी बनाए रखा रखता है और ड्राइवर को रियल टाइम में मॉनिटर पर इमेज मिलती रहती हैं। घने कोहरे में इसकी इमेज ब्लैक एंड व्हाइट मिलती है। ऐसे ही ट्रायल के दौरान 1.3 मीटर की विजिबिलिटी के दौरान ‘त्रिनेत्र‘ ने 60 मीटर पहले ही पटरी पर मौजूद चूहे की जानकारी भी ड्राइवर को दे दी थी। इसके अलावा 450 मीटर पहले ही ट्रैक पर बिल्ली होने की जानकारी भी ड्राइवर को मिल गई है।

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