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पहली बार ऐसे सेलिब्रेट किया गया था Republic Day, ये थे चीफ गेस्ट

शुक्रवार को देश अपने 69वें गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहा है।

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 10:17 AM IST
पहले गणतंत्र दिवस परेड की सलामी देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ली थी। पहले गणतंत्र दिवस परेड की सलामी देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने ली थी।

दिल्ली. भारत में शुक्रवार को 69वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया जा रहा है। लेकिन, क्या आपको पता है देश का संविधान 26 नवंबर 1949 को अडॉप्ट किया गया, लेकिन देश को आजादी दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले नेताओं ने इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी 1950 का दिन चुना? DainikBhaskar.com आपको बताने जा रहा है कि आखिर क्यों 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस के सेलिब्रेशन के लिए चुना गया।

इसलिए 26 जनवरी को मनाया जाता है गणतंत्र दिवस

- 26 जनवरी 1930 को महात्मा गांधी की अगुवाई में पहली बार पूर्ण स्वराज दिवस मनाया गया। इस दिन देश की संपूर्ण आजादी के लिए लड़ाई शुरू हुई थी।

- 26 नवंबर 1949 को संविधान का गठन होने के बाद इसे लागू करने के लिए 26 जनवरी 1950 का दिन चुना गया। यह फैसला पूर्ण स्वराज दिवस की 20वीं एनिवर्सरी को सैल्यूट करने के लिए लिया गया।

- 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने के बाद हमारे नेता 26 जनवरी के दिन को भी ऐतिहासिक दिवस के रूप में यादगार बनाना चाहते थे। इसी वजह से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है।

इंडोनेशिया के प्रेसिडेंट थे चीफ गेस्ट, 3 दिन चला था जश्न

- पहले गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के फर्स्ट प्रेसिडेंट सुकर्णो चीफ गेस्ट थे। ये सेलिब्रेशन तीन दिन तक चला था।
- इस जश्न का समापन 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के साथ हुआ था।

पांच साल बाद हुई राजपथ पर पहली परेड

- पहली रिपब्लिक डे परेड राजपथ पर साल 1955 में हुई थी।
- परेड में क्रिश्चियन सॉन्ग 'अबाइड विद मी' बजाया गया था। यह महात्मा गांधी के सर्वाधिक प्रिय गानों में से एक कहा जाता है।

आगे की स्लाइड्स में देखें 1st गणतंत्र दिवस की यादें ताजा करने वाली कुछ ऐतिहासिक तस्वीरें...

पहले गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के फर्स्ट प्रेसिडेंट सुकर्णो चीफ गेस्ट थे। पहले गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के फर्स्ट प्रेसिडेंट सुकर्णो चीफ गेस्ट थे।