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28 साल बाद राम मंदिर के लिए अयोध्या से निकाली गई रथ यात्रा

राम राज्य रथ यात्रा: 2019 से पहले 14 महीने में राम मंदिर निर्माण की मांग

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2018, 06:15 AM IST
यह रथ 6 राज्यों से 41 दिन में करीब 6 हजार किमी का रास्ता तय करेगा। यह रथ 6 राज्यों से 41 दिन में करीब 6 हजार किमी का रास्ता तय करेगा।

अयोध्या. 28 साल बाद फिर अयोध्या से राम मंदिर के नाम पर श्री राम राज्य रथ यात्रा निकाली गई है। यात्रा को कारसेवक पुरम से विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद रहे। यह रथ 6 राज्यों से 41 दिन में करीब 6 हजार किमी का रास्ता तय करेगा। यात्रा का समापन केरल के तिरुवनंतपुरम होगा। यात्रा का संचालन विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और महाराष्ट्र की संस्था श्री रामदास मिशन यूनिवर्सल सोसाइटी कर रही है।

- मिशन के महासचिव शक्ति शांतानंद महर्षि का कहना है, ‘लोग चाहते हैं कि देश में रामराज्य हो। रथ यात्रा का मकसद अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की मांग करना है। इसका समापन राम नवमी के दिन 25 मार्च को होगा।’

- इससे पहले 1990 में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयाेध्या के लिए रथ यात्रा निकाली थी।

मकसद: 5 मांगों के लिए 10 लाख हस्ताक्षर कराए जाएंगे

- यात्रा के समापन पर तिरुवनंतपुरम के पद्मनाभ मंदिर के सामने राम राज्य सम्मेलन होगा।

- इनमें राम राज्य की स्थापना, राम जन्मभूमि पर भव्य राममंदिर निर्माण, रामायण को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने, रविवार की जगह गुरुवार को साप्ताहिक अवकाश और विश्व हिंदू दिवस घोषित करने की मांग की जाएगी।

- यात्रा में इसकेे समर्थन में 10 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर कराए जाएंगे।

राजनीति: भाजपा को 2019 चुनाव व 4 राज्यों में फायदा!

- इस रथ यात्रा को राजनीतिक विश्लेषक 2019 के लोकसभा चुनाव और उससे पहले होने वाले कर्नाटक, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जोड़कर देख रहे हैं।

- कर्नाटक में कांग्रेस सरकार है, जबकि अन्य राज्यों में भाजपा की सरकार है। ये राज्य हिंदू बहुल हैं। इसलिए यात्रा से हिंदू वोटर प्रभावित हो सकते हैं और इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है।

खर्च: 3 राज्यों के कलाकारों ने 25 लाख में बनाया ये रथ

- राम राज्य रथ यात्रा के विशेष रथ को गुजरात, पश्चिम बंगाल और यूपी के 17 कलाकारों ने 45 दिन में तैयार किया है। इसे बनाने में 25 लाख रुपए खर्च हुए हैं। यह 28 फीट लंबा है। इसमें रामजानकी और हनुमान जी की मूर्तियां विराजमान हैं।

- इस पर दक्षिण भारतीय मसालों का प्लास्टर और 28 घुमावदार पिलर बनाए गए हैं। रथ को अयोध्या में प्रस्तावित भव्य राम मंदिर का नमूना बताया जा रहा है।

14 महीने बाद 2019 में लौटेगा रथ

- रथ यात्रा यूपी में अयोध्या, लखनऊ, बनारस, इलाहाबाद, चित्रकूट, मध्यप्रदेश में भोपाल, इंदौर, छतरपुर, ओंकारेश्वर, उज्जैन, महाराष्ट्र में नासिक, कर्नाटक में बेंगलुरू, मैसुरू, तमिलनाडु में रामेश्वरम, केरल में तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख शहरों से गुजरेगी।

- यात्रा के बाद इस रथ को रामदास मिशन यूनिवर्सल संगठन के तिरुवनंतपुरम स्थित मुख्यालय में सुरक्षित रखा जाएगा। यहां से 2019 में रथ वापस अयोध्या भेजा जाएगा।

- तिरुवनंतपुरम में 25 मार्च को रामनवमी के दिन महासम्मेलन के साथ समापन होगा

- 41 दिन में 6 हजार किमी મમછकी दूरी तय करेगा रथ, 6 राज्यों से होकर गुजरेगा

यह रथ 6 राज्यों से 41 दिन में करीब 6 हजार किमी का रास्ता तय करेगा। यह रथ 6 राज्यों से 41 दिन में करीब 6 हजार किमी का रास्ता तय करेगा।
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यह रथ 6 राज्यों से 41 दिन में करीब 6 हजार किमी का रास्ता तय करेगा।यह रथ 6 राज्यों से 41 दिन में करीब 6 हजार किमी का रास्ता तय करेगा।
यह रथ 6 राज्यों से 41 दिन में करीब 6 हजार किमी का रास्ता तय करेगा।यह रथ 6 राज्यों से 41 दिन में करीब 6 हजार किमी का रास्ता तय करेगा।
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