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मोदी-योगी हर मस्जिद और दरगाह की सुरक्षा की गारंटी लें तो ही बाबरी मस्जिद की जगह बदलने को तैयार : नदवी

Bhaskar News | Last Modified - Feb 13, 2018, 08:35 AM IST

अगर मस्जिद की जगह बदलने से मुल्क में अमन कायम होता है तो इसमें बुराई क्या है?
मोदी-योगी हर मस्जिद और दरगाह की सुरक्षा की गारंटी लें तो ही बाबरी मस्जिद की जगह बदलने को तैयार : नदवी

नई दिल्ली. राम मंदिर के लिए बाबरी मस्जिद की जमीन छोड़कर दूसरी जगह मस्जिद बनाने वाला बयान देने पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से हटाए गए मौलाना सलमान नदवी ने दैनिक भास्कर के पीयूष बबेले से बातचीत की:

Q. आपने बाबरी मस्जिद को दूसरी जगह शिफ्ट करने का बयान दिया, इसकी वजह सियासत है या इंसानियत?
जवाब:
ये तो पूरे मुल्क के अमन की बात है। अल्लाह किसी एक का तो है नहीं, वह तो सबका है। अगर उसकी इबादतगाह के नाम पर इतना खून-खराबा हो तो उसे रोकने के लिए किसी नतीजे पर पहुंचना ही होगा। अमन के हित में मैंने मस्जिद को दूसरी जगह बनाने की बात कही। पैगंबर मुहम्मद साहब ने तो सबको जीतने के बाद माफ किया। अगर मस्जिद की जगह बदलने से मुल्क में अमन कायम होता है तो इसमें बुराई क्या है?

Q. अगर आपको याद हो कि राम मंदिर आंदोलन के समय एक नारा लगता था: अभी तो पहली झांकी है, मथुरा-काशी बाकी है। ऐसे में अगर अयोध्या में मस्जिद का दावा छोड़ भी दिया गया तो क्या बाकी जगहों पर विवाद आगे माहौल खराब नहीं करेंगे?
जवाब:मैंने मस्जिद की जगह बदलने की बात ऐसे ही नहीं कही है। अगर मोदीजी, योगीजी और कौम के दूसरे नेता लिखकर दें कि एक बार अयोध्या में मुसलमान मंदिर बनाने पर राजी हो जाते हैं तो मुल्क की हर मस्जिद, हर दरगाह, हर मदरसे और कब्रिस्तान की सुरक्षा गारंटी वे लेते हैं। वे तारीख के पन्ने नहीं पलटेंगे। काशी,मथुरा या किसी और जगह का मुद्दा नहीं बनाया जाएगा।

Q. क्या अपने विचार रखने से पहले आपने मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के साथियों से विचार-विमर्श किया?
जवाब:
मैं पहले भी कई सार्वजनिक मंचों पर यह बात कह चुका हूं। इसलिए अलग से बात करने की कोई वजह नहीं थी। इस बार जब श्रीश्री रविशंकर सुलह का प्रस्ताव लेकर आए तो मैंने मुल्क के हित में यह बात की। हिंदू समाज में उनके लाखों फॉलोअर हैं और उनकी बात सुनी जाती है, इसीलिए मैंने पेशकश की।


Q. अपनी पेशकश के बारे में थोड़ा विस्तार से बताएंगे?
जवाब:
मैंने पहली शर्त यह रखी कि मस्जिद को शहीद करने वालों को सजा दी जाए। जितनी जमीन बाबरी मस्जिद की है, उससे दुगनी जमीन दी जाए जहां मस्जिद और यूनिवर्सिटी बनाई जा सके। आगे कोई विवाद न हो। सभी बातें दोनों धर्मों के प्रमुख लोगों की मौजूदगी में समझौते के जरिए तय की जाएं।


Q. ये मामला सुप्रीम कोर्ट में सुना जा रहा है, आपको नहीं लगता कि कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए था?
जवाब:
सुप्रीम कोर्ट ने ही सबसे पहले कहा था कि दोनों समुदाय अदालत के बाहर समझौता कर लें। जो लोग मस्जिद वहीं बनाएंगे की बात करते हैं, वे क्या मुल्क में और खून खराबा चाहते हैं। उस वक्त जो लोग दहशतगर्दी में मारे गए, उनके परिवारों को इंसाफ दिलाने के लिए मस्जिद के नारे लगाने वालों ने क्या किया। वक्त का तकाजा है कि इस विवाद को हमेशा के लिए खत्म किया जाना चाहिए।

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Web Title: modi-yogi har msjid aur drgaaah ki surksaa ki gaaarnti len to hi baabri msjid ki jgah bdlne ko taiyaar : ndvi
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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