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सैटेलाइट तस्वीरों से दावा: चीन ने डोकलाम में बनाए 7 हेलीपैड, टैंक भी मौजूद

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने डोकलाम क्षेत्र के उत्तरी हिस्से में 7 हेलीपैड बना लिए हैं।

Dainik Bhaskar

Jan 18, 2018, 05:56 AM IST
(फाइल फोटो) (फाइल फोटो)

नई दिल्ली . सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से जारी कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने डोकलाम क्षेत्र के उत्तरी हिस्से में 7 हेलीपैड बना लिए हैं। वहां पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, टैंक्स, आर्मर्ड व्हीकल्स, ऑर्टिलरी सहित कई अन्य सैन्य उपकरणों की मौजूदगी पाई गई है। बताया जा रहा है कि चीन वहां पर आगे सड़क बनाने की कोशिश कर सकता है। वहीं, सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को रायसीना डायलाॅग में कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध अब डोकलाम से पहले जैसे हो चुके हैं। अब कोई गंभीर समस्या नहीं है। उत्तरी डोकलाम में चीनी सैनिक मौजूद हैं, पर उनकी संख्या बहुत अधिक नहीं है। चीनी सैनिकों के ज्यादातर काम अस्थायी तरह के हैं। ठंड के कारण वे उपकरणों को नहीं ले गए होंगे। भारतीय सेना भी वहां है, यदि चीनी सैनिक वापस आते हैं तो हम उनका सामना करेंगे।डोकलाम के बाद ऐसे दोनों देशों में तनाव कम हुआ....

- सेना प्रमुख ने दोनों देशों में तनाव कम करने के लिए अपनाए गए तरीकों की भी जानकारी दी। बताया- ‘सीमा पर दोनों ही देशों के सैनिकों के बीच लगातार बातचीत हो रही है। हमने आपस में पर्सनल मीटिंग शुरू कर दी है।

- जमीनी स्तर पर भी कमांडरों के बीच संवाद हो रहा है। इससे दोनों देशों के बीच के संबंध डोकलाम विवाद से पहले थे, अब वैसे हो चुके हैं।’ डोकलाम में भारत-चीन की सेना 73 दिनों तक आमने-सामने थीं। गतिरोध 28 अगस्त, 2017 को खत्म हुआ था।

10 किमी इलाके में चीन सैन्य शिविर बना रहा है

- मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि उत्तरी डोकलाम इलाके में एक बार फिर चीन सैन्य शिविर का निर्माण कर रहा है। मकसद इलाके में सड़क बनाना है। ताकि इस इलाके तक उसकी पहुंच आसान हो।

- नई सैटेलाइट तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा सकता है, चीन कैसे विवादित इलाके में सैन्य छावनी बना रहा है। जिस इलाके पर भूटान अपना दावा करता है, उसी इलाके में चीन यह निर्माण कार्य कर रहा है। यह पूरा इलाका करीब 10 वर्ग किलोमीटर में फैला है।

एक हफ्ते में चौथी बार पड़ोसियों को चेतावनी

12 जनवरी

- चीन भले ही ज्यादा ताकतवर देश है, पर भारत कमजोर नहीं है। हम अपनी सीमा का किसी भी स्थिति में अतिक्रमण नहीं करने देंगे।

14 जनवरी

- जम्मू-कश्मीर में सैन्य अभियान तेज करने की जरूरत। सीमापार आतंकवाद रोकने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाया जा सकेगा।

15 जनवरी

- पाकिस्तान सीमा पर बाज नहीं आया तो भारत दूसरा विकल्प अपनाने से पीछे नहीं हटेगा। सेना हर स्थिति में जवाब देने में सक्षम है।

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(फाइल फोटो)(फाइल फोटो)
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