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टेक आॅफ में आई अड़चन दूर होने तक विमान में बैठे रहना पड़ सकता है

अनूप कुमार मिश्र | Last Modified - Dec 14, 2017, 05:27 AM IST

(सीआईएसएफ) की संयुक्त टीम ने ऐसी स्थिति में मुसाफिरों को डिपार्चर टर्मिनल में रिवर्स एंट्री देने से इंकार कर दिया है।
टेक आॅफ में आई अड़चन दूर होने तक विमान में बैठे रहना पड़ सकता है

नई दिल्ली.प्लेन में सवार होने के बाद किन्हीं कारणों से टेक-आॅफ टलता है, तो मुसाफिरों को अड़चन दूर होने तक प्लेन में बैठने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। दरअसल, ब्यूरो आॅफ सिविल एविएशन सिक्युरिटी (बीसीएएस) और सेंट्रल इंस्ट्रीयल सिक्युरिटी फोर्स (सीआईएसएफ) की संयुक्त टीम ने ऐसी स्थिति में मुसाफिरों को डिपार्चर टर्मिनल में रिवर्स एंट्री देने से इंकार कर दिया है।


एविशन सिक्युरिटी से जुड़ी दोनों एजेंसियों का मानना है कि डिपार्चर टर्मिनल में मुसाफिरों की रिवर्स एंट्री बड़े खतरे की वजह बन सकती है। लिहाजा, दोनों एजेंसियों ने एयरलाइंस को कहा है कि ऐसी स्थिति आने पर मुसाफिरों को अराइवल टर्मिनल के रास्ते डिपार्चर टर्मिनल में लाया जाए। सभी मुसाफिरों का दोबारा बोर्डिंग पास जारी किया जाएं। बोर्डिंग से पहले सभी मुसाफिरों को एक बार फिर पूरी सुरक्षा जांच प्रक्रिया से गुजरते हुए अपने हैड बैगेज की एक्स-रे स्क्रीनिंग करानी होगी। हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर एयरलाइंस खुद को बेहद असहज महसूस कर रही हैं। उनका मानना है कि एेसा करने से समय के साथ ह्यूमन रिसोर्स की बर्बादी होगी।

बीसीएएस और सीआईएसएफ की ये है आपत्ति

- मुसाफिरों को टर्मिनल में रिवर्स एंट्री देने से इंकार के पीछे बीसीएएस और सीआईएसएफ ने सुरक्षा कारणों को आधार बनाया है।

रिवर्स एंट्री की स्थिति में मुसाफिरों को विमान से उतारकर एयर साइड से एप्रन एरिया में लाया जाता है।

- यहां से मुसाफिरों को दोबारा सिक्योरिटी होल्ड एरिया में प्रवेश दिया जाता है। इस प्रक्रिया में कोई मुसाफिर एयर साइड पर मौजूद शार्प टूल पार्ट को अपने साथ ले आए।

सीआईएसएफ ने दी थी यह सलाह
- एयरपोर्ट के सीनियर अधिकारी के अनुसार सीआईएसएफ ने डायल को एयर साइड पर अस्थाई इंतजाम करने की सलाह दी थी।

- सलाह के तहत मुसाफिरों के बैठने और जलपान की व्यवस्था करने के लिए कहा गया था। सीआईएसएफ के इस प्रस्ताव को डायल ने खारिज कर दिया था।

अब तक यह थी प्रक्रिया

- यदि टेक आॅफ टलता था तो मुसाफिरों को विमान से डिबोर्ड कराकर डिपार्चर सिक्युरिटी होल्ड एरिया में लाया जाता था।

- प्लेन के टेक आॅफ का क्लीयरेंस मिलने के बाद मुसाफिरों को दोबारा विमान में बोर्ड कराया जाता था। इस दौरान यात्रियों की चेकिंग नहीं होती थी।

सर्दियों में कई बार आती हैं ऐसी परिस्थितियां
नियमानुसार कोई विमान तब तक प्रारंभिक एयरपोर्ट से उड़ान नहीं भर सकता है जब तक गंतव्य एयरपोर्ट से आगमन की परमिशन न मिल जाए। सर्दियों में कई बार प्लेन की बोर्डिंग पूरी होने के बाद गंतव्य एयरपोर्ट से अचानक मौसम खराब होने का संदेश मिलता है। इसके चलते टेक आॅफ को रद्द कर दिया जाता है। ऐसे में मुसाफिरों की एयरलाइंस डिपार्चर टर्मिनल में रिवर्स एंट्री कराती है।

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Web Title: tek aaef mein aaee aड़chn dur hone tak vimaan mein baithe rhnaa pड़ sakta hai
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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