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सात घोड़ों को बेहोशी की दवा देकर मारा, इंसानों में फैल सकती थी बीमारी

ग्लेंंडर्स नामक संक्रमित बीमारी की चपेट में आने वाले सात घोड़ों को बेहोशी की दवा देकर मार दिया।

Bhaskar News | Last Modified - Dec 28, 2017, 05:00 AM IST

  • सात घोड़ों को बेहोशी की दवा देकर मारा, इंसानों में फैल सकती थी बीमारी

    नई दिल्ली.पशुपालन विभाग ने ग्लेंंडर्स नामक संक्रमित बीमारी की चपेट में आने वाले सात घोड़ों को बेहोशी की दवा देकर मार दिया। यदि राजधानी में किसी अन्य घोड़े में भी यह लक्षण दिखा तो उसे भी मार दिया जाएगा ताकि इनसानों को इस बीमारी की चपेट में आने से बचाया जा सके। पश्चिमी दिल्ली के राजा गार्डन स्थित पशुपालन केंद्र ने कुछ समय पहले घोड़ों के 13 सैंपल जांच के लिए हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसीआई) भेजे थे।

    - एनआरसीआई ने सात सैंपल पॉजिटिव पाए, जिन्हें पशुपालन विभाग ने बेहोशी का दवा देकर मार दिया। वेटेरनरी डायरेक्टर डॉ. जितेंद्र गौड़ के मुताबिक यदि घोड़ों को मारा नहीं जाता तो इनसान इसके संक्रमण की चपेट में आ जाते। इस बीमारी के इलाज की प्रक्रिया लंबी है और यह बहुत तेजी से फैलता है।

    पश्चिमी दिल्ली में आवाजाही पर रोक

    - दिल्ली सरकार की विकास आयुक्त मनीषा सक्सेना के मुताबिक पश्चिमी दिल्ली में घोड़ों के आवागमन पर रोक लगा दी गई है और अन्य दिल्ली में घोड़ों के सैंपल की जांच के निर्देश दिए है। फिलहाल 700 सैंपल भेजे जा चुके हैं। दिल्ली में तीन हजार घोड़े हैं। इनमें से लगभग आधे घोड़े सेना और पुलिस के पास हैं।

    ऑक्सीजन से फैलती है बीमारी
    - मैलियोमाइसीज मैलाई नाम के जीवाणु द्वारा होने वाला संक्रामक रोग बरखेलडेरिया मैलाई चौपाये जंतुओं में होने वाला एक भीषण रोग है। घोड़ों में यह बहुत तेजी से फैलता है और गांठों-ग्रंथियों को प्रभावित करने के कारण इसे ग्लेंडर बरखेलडेरिया मैलाई कहा जाता है। इसके जीवाणु का वाहक ऑक्सीजन है। यह सांस के जरिए संक्रमित करता है। शरीर की गांठों में संक्रमण होने पर घोड़ा उठ नहीं पाता है और बाद में उसकी मृत्यु हो जाती है।
    ये है ग्लेंडर्स
    - ग्लेंडर्स पशुओं और इंसानों को प्रभावित करने वाला संक्रामक रोग है। इस बीमारी के बैक्टेरिया सेल में प्रवेश कर जाते हैं। इलाज के दौरान ये पूरी तरह से मरते नहीं हैं। ऐसे में दूसरे जानवरों और उसकी देखरेख करने वालों को भी संक्रमित कर देते हैं और उसके संपर्क में आने पर दूसरे मनुष्य भी संक्रमित हो जाते हैं।
    रिपब्लिक डे परेड पर असर नहीं
    - घोड़ों में ग्लेंडर्स इन्फेक्शन पाए जाने के बाद एनिमल डिपार्टमेंट ने सेना और पुलिस से भी अपने घोड़ों की जांच कराने को कहा है, लेकिन इसका रिपब्लिक डे परेड पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि वहां बैन नहीं है और उनके घोड़े की जांच रेगुलर बेसिस पर कराते रहते हैं।
    - उनके घोड़ों में इन्फेक्शन का खतरा बहुत कम है। बावजूद इसके आर्मी और पुलिस वाले भी अपने घोड़ों के सैंपल की जांच करा रहे हैं। तीन से चार दिन के बाद सैंपल के रिजल्ट आने में लगेंगे और उसके बाद हमें यह पता चल जायेगा कि कौन सा निगेटिव है और कौन सा पॉजिटिव। रिपोर्ट के पॉजिटिव पाए जाने पर उस घोड़े को तुरंत हटा लिया जाएगा।
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Web Title: Seven Horses Could Be Killed By Giving Medication To Unconsciousness
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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