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​शशि थरूर ने Twitter पर लिखा ऐसा शब्द, लोग बोले- 2018 की इंग्लिश क्लासेस शुरू

कांग्रेस के कद्दावर नेता शशि थरूर ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए अपनी ही स्टाइल में ट्विटर के जरिए जवाब दिया।

Dainik Bhaskar

Feb 08, 2018, 01:31 AM IST
Shashi Tharoor wrote such words on Twitter

अशोकनगर. उत्तर दिशा से चल रहीं ठंडी हवा ने फिर ठंड बढ़ गई है तो वहीं पश्चिमी हवा अरब सागर से नमी लेकर आ रही है। इससे जहां तापमान कम हुआ है तो वहीं राजस्थान के ऊपर सिस्टम बनने दिनभर बादल छाए रहे। बुधवार को सुबह 10 घंटे में तीन बार रुक-रुक कर बूंदाबांदी हुई। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार अगर बारिश होती है तो चने और धनिया में नुकसान हो सकता है। हालांकि मौसम विभाग बारिश न होने की बात कह रहा है।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.8 और न्यूनतम तापमान 13.3 था । बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन भर बादल छाए रहने के साथ ठंडी हवाओं ने एक बार फिर से दिसम्बर जैसा मौसम का अहसास करा दिया। मौसम में आए अचानक बदलाव की वजह से अधिकतम तापमान सामान्य की तुलना में 2 डिग्री कम दर्ज किया गया। बुधवार को सुबह 5.30 बजे से 10 मिनट तक बूंदाबांदी हुई। इसके बाद 7.20 बजे से 15 मिनट तक हल्की बूंदाबांदी होती रही। वहीं दोपहर 1.40 बजे से भी कुछ देर के लिए बौछारें गिरती रहीं।

डॉक्टर की सलाह... अपनी जीवन शैली का रखें ध्यान
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. डीके जैन ने बताया कि तापमान में आ रहे उतार-चढ़ाव के कारण सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। इस दौरान सबसे ज्यादा आम समस्या वायरल फीवर और फ्लू की हो सकती है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बुजुर्गों और बच्चों को फेंफड़ों में संक्रमण जैसी समस्या अधिक आ रही है। डा. जैन ने बताया कि बीमारी से बचने के लिए मौसम परिवर्तन के दौरान अपनी जीवन शैली का ख्याल रखें।

कृषि वैज्ञानिक की सलाह... बारिश हुई फूल बाली फसलें होंगी प्रभावित
कृषि वैज्ञानिक डा. हेमन्त त्रिवेदी ने बताया कि जहां पर फसल पक कर खड़ी है वहां अगर बारिश होती है तो नुकसान होगा। डा. त्रिवेदी के मुताबिक क्षेत्र में करीब 30 प्रतिशत मसूर और चना की फसलें पक चुकी हैं। वहीं उनका मानना है कि बारिश के कारण माहू का प्रकोप बढ़ जाएगा इससे धनियां सहित अन्य फसलें जो फूल अवस्था में हैं वे इससे प्रभावित होंगी। माहू के असर से पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं। कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि अगर बारिश होती है तो किसान भाई कृषि विशेषज्ञों से उचित सलाह लेकर दवाइयों का छिड़काव करवाएं।

2011 के बाद फरवरी के पहले सप्ताह में पहुंचा पारा 31 डिग्री
फरवरी माह में अधिकतम तापमान 26 डिग्री के आसपास होना चाहिए लेकिन इस वर्ष फरवरी के पहले सप्ताह में ही तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के ऊपर तक चला गया। चार दिन पहले अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 4 फरवरी के बाद फिर से मौसम बदलने के बाद तापमान 5 दिन में 11 डिग्री सेल्सियस तक कम हो गया।
इसलिए छाए बादल
मौसम वैज्ञानिक डा. एसएस तोमर ने बताया कि पश्चिमी हवा अरब सागर से नमी लेकर आ रही है। इससे मौसम में बदलाव आया है। उनके मुताबिक गुरुवार की दोपहर बाद आसमान पर छाए बादल छंटने लगेंगे। डा. तोमर ने बताया कि बादलों की ऊंचाई अभी जमीन से 1.5 किमी है। जबकि बारिश के लिए बादलों की ऊंचाई कम से कम 5400 मीटर होना चाहिए। ऐसे में उन्होंने सिर्फ बूंदाबांदी की संभावना जताई है।

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